ब्रेकिंग न्यूज़

कौन होगा बिहार का नया सीएम? मीडिया के इस सवाल पर बोले आनंद मोहन, कहा..BJP में पर्ची से तय होता है नाम बेगूसराय में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: 12 हजार घूस लेते आपूर्ति पदाधिकारी और डीलर गिरफ्तार घूसखोर ESI की गिरफ्तारी का विरोध: परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने किया काम-काज ठप चिराग के सामने नरम पड़े पारस, करने लगे पार्टी और परिवार को एक करने की मांग, कहा..भतीजा CM बनें तो खुशी होगी नीतीश के गृह क्षेत्र नालंदा का मामला पप्पू यादव ने लोकसभा में उठाया, कहा..दोषियों को मिले फांसी की सजा बिहार में भीषण सड़क हादसा: बाप-बेटा समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत, दो बाइक की हुई सीधी भिड़ंत बिहार में भीषण सड़क हादसा: बाप-बेटा समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत, दो बाइक की हुई सीधी भिड़ंत वाहन चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, 5 शातिर गिरफ्तार; भारी मात्रा में चोरी के गाड़ियां बरामद वाहन चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, 5 शातिर गिरफ्तार; भारी मात्रा में चोरी के गाड़ियां बरामद छपरा में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, 7 एकड़ में लगी गेहूं की फसल जलकर राख

Home / news / पटना में रिटायर्ड DSP को बदमाशों ने पीटा, पुलिस ने भी नहीं की...

पटना में रिटायर्ड DSP को बदमाशों ने पीटा, पुलिस ने भी नहीं की मदद

20-Sep-2022 07:00 AM

PATNA: बिहार में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। इस बार राजधानी पटना में बदमाशों ने रिटायर्ड डीएसपी को ही अपना निशाना बना लिया और उनके साथ जमकर मारपीट की। रिटायर्ड डीएसपी नरेश प्रसाद शर्मा हैं, जिन्हें अपराधियों ने बुरी तरह पीटा है। जब वे केस दर्ज कराने के लिए थाने गए तो वहां भी उनकी मदद नहीं की गई।





वारदात राजीवनगर थानांतर्गत जयप्रकाश नगर नाले के पास की है। घटना से जुड़ी जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक रिटायर्ड डीएसपी अपनी कार में बैठे थे। इसी दौरान बाइक सवार युवकों ने उनकी गाड़ी ठोक दी। जब नरेश प्रसाद ने इसका विरोध किया तो युवकों ने रिटायर्ड डीएसपी के साथ मारपीट शुरू कर दी। बदमाशों ने उनपर जमकर लाठियां बरसाई।




घटना के बाद नरेश प्रसाद शर्मा सीधे राजीवनगर थाने पहुंच गए और युवकों के खिलाफ नामजद केस दर्ज करवाया है। रिटायर डीएसपी ने मारपीट करने वाले दो युवकों को खुद ही पकड़ लिया और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। 




हैरानी की बात तो यह है कि जब रिटायर्ड डीएसपी थाने पहुंचे तो मुंशी और अन्य पुलिसकर्मी ने आरोपियों को बच्चा बताते हुए मामले की सुलह कर लेने की बात की। थाने में कोई भी कार्रवाई करने के लिये तैयार नहीं हुआ, जिसके बाद दोनों युवकों को थाने से छोड़ दिया गया। अंत में नरेश प्रसाद विधि व्यवस्था संजय कुमार के पास गए तब जाकर मामला शांत हुआ। बता दें कि नरेश प्रसाद शर्मा अपने इंस्पेक्टर के कार्यकाल में ढाई साल सचिवालय थाने के थानेदार रह चुके हैं।