मोदी सरकार "चींटी पर तोप चला रही हैं, आरजेडी सांसद का बड़ा बयान, कहा..बीमारी कैंसर की है और इलाज सिरदर्द का कर रहे है रेरा बिहार ने बिल्डरों को दी सख्त चेतावनी: अब अधूरे दस्तावेज़ पर नहीं होगा प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन पटना-गया के बीच एक जोड़ी पैसेंजर स्पेशल ट्रेन की शुरुआत, सभी स्टेशनों पर रुकेगी रेल यात्रियों को बड़ी राहत: बरौनी-नई दिल्ली और दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेनों के परिचालन अवधि में विस्तार सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा देश भुगत रहा: मुकेश सहनी का केंद्र पर हमला chaiti chhath 2026: सूर्योपासना के दूसरे दिन छठ व्रतियों ने किया खरना पूजा, 36 घंटे की निर्जला व्रत की हुई शुरुआत सुकृष्णा कॉमर्स अकेडमी के बच्चों ने इंटर एग्जाम में लहराया परचम, लगातार दूसरी बार बने बिहार टॉपर अरवल को नीतीश ने दिया बड़ा तोहफा: 150 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का किया उद्घाटन-शिलान्यास जेल से छूटने के बाद बोले अनंत सिंह, 4 किलोमीटर दूर खड़े थे फिर भी मुझे फंसाया गया अब फेक खबरों का खेल खत्म! गूगल का यह जबरदस्त टूल बताएगा सच और झूठ की पूरी कहानी, जानिए नया अपडेट
06-Mar-2022 05:10 PM
PATNA: समाज सुधार अभियान के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मधेपुरा में जीविका दीदियों को संबोधित किया। मधेपुरा से पटना लौटने के बाद सीएम ने मीडियाकर्मियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि 2018 में बिहार में एक करोड़ 64 लाख लोगों ने शराब को छोड़ा था इस बार फिर कहे हैं कि अध्ययन कर लीजिए कि कितने लोगों ने अब तक शराब छोड़ा है। नशामुक्ति अभियान को अब लोग सही मानते जा रहे हैं।
बता दें कि आज समाज सुधार अभियान का समापन हो गया। पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि आज इस अभियान का समापन भले ही हो गया है लेकिन उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा। अभियान सबसे जरूरी चीज है यह निरंतर होगा तो लोग बातों को समझेंगे। समाज सुधार अभियान कारगर साबित हो रहा है।
CM नीतीश ने कहा कि लोगों के बीच जाकर जीविका समूह की जीविका दीदीयां शराबबंदी, बाल-विवाह और दहेज प्रथा के बारे में आज बता रही हैं। विकास का काम और लॉ एंड ऑर्डर को दुरुस्त करने का काम तो निरंतर करते रहते हैं और करते रहेंगे। विकास की बात भी की जाएगी। लेकिन समाज सुधार का काम नहीं होगा तो इससे प्रेम और भाइचारे का माहौल पैदा नहीं होगा। इसलिए इस काम को करना भी बहुत जरूरी है।
शुरू से ही हमलोग इस तरह का अभियान चलाते रहे हैं। इस तरह से चलता रहेगा तब समाज मे इतनी जागृति आएगी। जिससे बाल विवाह, दहेज-प्रथा से मुक्ति तो मिलेगी ही साथ ही नशा से भी मुक्ति मिलेगी। शराबबंदी को अब लोग सही मानते जा रहे हैं। एक करोड़ 64 लाख लोगों ने 2018 में शराब छोड़ा था इस बार फिर कहे है कि अध्ययन कर लिजिए कि कितना लोग शराब छोड़ा है। नशाबंदी अभियान में महिलाओं की अहम भूमिका है। जीविका दीदियों और बहनों के कहने पर ही बिहार में शराबबंदी लागू किया गया।