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17-Jan-2022 08:09 PM
PATNA: बिहार में जहरीली शराब से लोगों की ताबड़तोड़ मौत होने के बाद फजीहत झेल रहे नीतीश कुमार औऱ उनकी पार्टी को सबसे बड़ा सहारा मिल गया है. बीजेपी के नेता सुशील मोदी ने आज अपनी ही पार्टी को नंगा कर दिया. मोदी ने बीजेपी शासित राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी जहरीली शराब कांड हुए थे. लिहाजा नीतीश की पूर्ण शराबबंदी की नीति को कतई दोषी नहीं ठहराया जा सकता है. बेहद दिलचस्प बात ये भी है कि सुशील मोदी ने 2016 की राजद-जेडीयू सरकार की तारीफों के पुल बांध दिये हैं.
सुशील मोदी ने बीजेपी को ही बेनकाब कर दिया
बीजेपी के एक नेता ने आज फर्स्ट बिहार से कहा कि ये पता चलना मुश्किल हो गया है कि सुशील मोदी किसके साथ हैं. मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा में जहरीली शराब से 11 लोगों की मौत होने के बाद सबसे कड़ा हमला बीजेपी के नेताओं ने किया. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि शराबबंदी पुलिस औऱ प्रशासन के लोगों के लिए कमाई का जरिया बन गया है. लिहाजा सरकार को तत्काल इस कानून की समीक्षा करनी चाहिये. बीजेपी के कई और नेताओं ने जेडीयू पर निशाना साधते हुए शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग की.
सोमवार को बीजेपी नेता सुशील मोदी मैदान में उतरे औऱ अपनी ही पार्टी को बेनकाब कर दिया. सुशील मोदी ने कहा कि पूर्ण शराबबंदी की नीति का जहरीली शराब से कोई वास्ता नहीं है. जिन राज्यों में शराबबंदी नहीं है वहां भी जहरीली शराब से मौत हो रही है. मोदी ने कुछ राज्यों का उदाहरण दिया. वे मजेदार उदाहरण हैं.
बीजेपी शासित राज्यों की खोली पोल
सुशील मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र में शराबबंदी नहीं है लेकिन 2015 में महाराष्ट्र में जहरीली शराब से 102 लोग मर गये थे. दिलचस्प बात ये है कि 2015 में महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार थी औऱ देवेंद्र फडणवीस उसके सीएम थे. सुशील मोदी ने दूसरा उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में शराबबंदी नहीं है फिर भी 2019 में जहरीली शराब से 108 लोगों की जान चली गयी. ये दोनों राज्यों में भी बीजेपी की ही सरकार है. दोनों राज्यों में चुनाव हो रहे हैं औऱ बीजेपी फंसी है. फिर भी मोदी ने चुनाव के वक्त दोनों राज्यों में जहरीली शराब से मौत का मामला जिंदा कर दिया है.
राजद-जेडीयू शासनकाल की भी तारीफ
दिलचस्प बात ये भी है कि नीतीश के बचाव में सुशील मोदी जेडीयू-राजद की सरकार की भी तारीफ कर गये. मोदी ने ट्विटर पर लिखा है कि 2016 में जब जहरीली शराब पीने से गोपालगंज में 19 लोगों की मौत हुई थी, तब राज्य सरकार ने स्पीडी ट्रायल के जरिये पांच साल के भीतर 13 लोगों को दोषी सिद्ध कराया. इनमें से 9 को फांसी और 4 महिलाओं को उम्र कैद की सजा सुनायी गई. हम आपको याद दिला दें कि 2016 में बिहार में जेडीयू औऱ राजद की सरकार थी औऱ बीजेपी विपक्षी पार्टी थी. मोदी ने जेडीयू-राजद सरकार की भी तारीफ कर डाली है. सुशील मोदी ने कहा है कि नालंदा की घटना के बाद भी सरकार उसी तरीके से स्पीडी ट्रायल करा कर दोषियों को सजा दिलाये.