ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Bhumi: जमीन विवाद खत्म करने की तैयारी, तय समय सीमा में पूरा होगा विशेष सर्वेक्षण Aadhaar update rules : UIDAI ने बदले नियम, अब नाम, पता और जन्मतिथि अपडेट के लिए जरूरी दस्तावेजों की नई सूची जारी Bihar railway news : बिहार के गया जंक्शन पर 45 दिनों का मेगा ब्लॉक, कई ट्रेनें रद्द व रूट डायवर्ट; 21 मार्च तक असर Bihar Bhumi: सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर बिहार सरकार सख्त, 30 साल पुराना कब्जा भी नहीं होगा मान्य BPSC TRE 4 Vacancy : बिहार में चौथे चरण में 44 हजार शिक्षकों की होगी बहाली, फरवरी अंत या मार्च में आ सकता है विज्ञापन Bihar Hospitals Notice : बिहार में 400 अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी, BSPCB का नोटिस जारी; जानिए क्या है वजह Budget Session : बिहार विधानसभा बजट सत्र का तीसरा दिन, प्रश्नकाल से होगी कार्यवाही की शुरुआत; तेजस्वी यादव भी आज रखेंगे अपनी बात Bihar weather :फरवरी में बिहार का बदला-बदला मौसम, दिन में गर्मी तो रात में ठंड, IMD ने जताई और गिरावट की संभावना मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका

निर्भया के आंदोलन में शामिल प्रीति बोली, अब लड़कियों को गलत निगाह से देखने वाले सोचेंगे

निर्भया के आंदोलन में शामिल प्रीति बोली, अब लड़कियों को गलत निगाह से देखने वाले सोचेंगे

20-Mar-2020 11:56 AM

PATNA: निर्भया के आंदोलन में शामिल प्रीति पांडेय ने कहा कि चारों दोषियों को फांसी होने में सात साल लग गए, लेकिन आखिर इंसाफ मिल ही गया. इसको लेकर हमलोगों ने लंबी लड़ाई लगी है. आज का दिन निर्भया को समर्पित है. 


प्रीति ने कहा कि निर्मम हत्या के बाद भी तारीख पर तारीख दोषियों को मिलती रही और इंसाफ मिलने में इतना वक्त लगा गया. यह कानून लचर होने के कारण हुआ. निर्भया की मां को हमलोग लड़ते देखते थे. उनको देखने के बाद हमलोगों का मनोबल बढ़ता था. वह बार-बार कहती थी कि दोषियों को फांसी तो जरूर होगी. 

आज है न्याय दिवस

प्रीति ने कहा कि भले ही कुछ दिन पहले हमलोग महिला दिवस मना लिए है, लेकिन आज का दिन महिलाओं को लेकर याद किया जाना चाहिए. आज का दिन निर्भया का न्याय दिवस है. लोग याद रखेंगे कि 20 मार्च को क्या हुआ था. लड़कियों पर आंख उठाने से पहले लोग सोचेंगे. बार-बार महिलाओं के कपड़े पर सवाल उठाया जाता है, लेकिन जो समाज में 4-5 साल की बच्चियों के साथ घटनाएं हो रही है. वह कौन से खराब कपड़ा पहनती है. वक्त है कि बेटों को लोग सिखाए कि कैसे महिलाओं के साथ व्यवहार करना है.