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17-Oct-2023 08:56 AM
By First Bihar
PATNA : राज्य सरकार ने पुराने कर्मियों को प्रमोशन देने का फैसला किया है इसको लेकर राज्य सरकार की तरफ से कर्मचारियों की सूची भी तैयार की जा रही है। ऐसे में अब इस सूची के बाद जो आंकड़ा सामने आया है वह अपने आप में आश्चर्यचकित करने वाला है। राज्य के सबसे काबिल विभाग में सबसे अधिक दागी अफसर हैं।
दरअसल, निगरानी निगरानी विभाग ने राज्यकर्मियों के प्रमोशन से पहले स्वच्छता प्रमाण पत्र की सूची जारी की है। इसके अनुसार शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग में सबसे अधिक दागी अधिकारी और कर्मचारी शामिल है। जबकि सबसे कम दागी पदाधिकारी और कर्मचारियों की संख्या की बात करें तो अग्निशमन और खेल विभाग में इसकी संख्या सबसे कम है।
मालुम हो कि, जो विभाग पूरे राज्य को सदाचार का पाठ पढ़ाता है और यहां तक की जिस विभाग का सालाना बजट सबसे अधिक है। उस विभाग में भ्रष्टाचार भी सबसे अधिक है। सरकार में शिक्षा विभाग में सर्वाधिक दागी सरकारी सेवक है। इस मामले में दूसरे पायदान पर पंचायती राज विभाग आता है। यह आंकड़े मंत्रिमंडल निगरानी विभाग के उस सूची के हैं जो विभागों को इस वर्ष 30 जून को भेजी गई है।
जानकारी हो कि, निगरानी भाग प्रत्येक वर्ष जनवरी और जुलाई महीने में विभिन्न विभागों के वैसे पदाधिकारी और कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराता है जिनके विरोध प्राथमिक की दर्ज हैं और चार्जशीट समर्पित हुई है। इसके बाद अब जब राज्यकर्मियों का प्रमोशन होना है तो इस चीज़ों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
उसके बाद जो सूची तैयार की गई है उसके मुताबिक शिक्षा विभाग शिक्षा विभाग में 935 दागी पदाधिकारी हैं। पंचायती राज विभाग में 330, सामान्य प्रसाशन विभाग 245, गृह पुलिस में 235, राजस्व विभाग में 190, ग्रामीण विभाग में 130, नगर विकास आवास विभाग में 128, ऊर्जा विभाग में 120, जल संसाधन विभाग 113, पथ निर्माण विभाग में 81, खाद आपूर्ति विभाग 77, समाज कल्याण विभाग 69, सहकारिता विभाग 64, कृषि विभाग 56, भवन निर्माण 55, ग्रामीण कार्य विकास 54, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग 35, वन विभाग 32, स्वास्थ्य विभाग 28, योजना संखाय्की विभाग 28 पदाधिकारी और कर्मचारियों दागी की लिस्ट में शामिल है।
इसके आलावा निबंधन विभाग 26, परिवहन विभाग 25, पशुपालन विभाग 24 ,श्रम विभाग 24, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग 19, वित्त विभाग 14, उत्पाद विभाग 12, उद्योग विभाग 12, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग 12, खनन विभाग 9, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी 6, माप - तौल विभाग 6 , गृह कारा विभाग 5, पूल निर्माण निगम लिमिटेड 3, गन्ना विभाग 3, निगरानी विभाग 3, विधि विभाग 2, शैक्षणिक आधारभूत संरचना विभाग 2, अग्निशमन सेवा 1 खेल एवं कला संस्कृति विभाग में 1 पदाधिकारी और कर्मचारियों दागी की लिस्ट में शामिल है।
आपको बताते चले कि, प्रदेश सरकार ने 13 अक्टूबर को मंत्रिमंडल की बैठक में अपने कर्मचारियों और पदाधिकारी को प्रमोशन करने का विकल्प निर्णय लिया है प्रमोशन करने के साथ ही कर्मचारी पदाधिकारी को उच्चतर वेतनमान भी दिया जाएगा। राज्यकर्मियों को प्रोन्नति मिलने लगी है। शुरुआत सामान्य प्रशासन विभाग से हुई है। सोमवार को दो अधिसूचनाओं के माध्यम से नौ कर्मियों को प्रोन्नति दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग की स्क्रीनिंग कमेटी ने उप सचिव से लेकर विशेष सचिव स्तर तक के पद पर लगभग 650 पद पर प्रोन्नति की अनुशंसा की है।
PATNA : राज्य सरकार ने पुराने कर्मियों को प्रमोशन देने का फैसला किया है इसको लेकर राज्य सरकार की तरफ से कर्मचारियों की सूची भी तैयार की जा रही है। ऐसे में अब इस सूची के बाद जो आंकड़ा सामने आया है वह अपने आप में आश्चर्यचकित करने वाला है। राज्य के सबसे काबिल विभाग में सबसे अधिक दागी अफसर हैं।
दरअसल, निगरानी निगरानी विभाग ने राज्यकर्मियों के प्रमोशन से पहले स्वच्छता प्रमाण पत्र की सूची जारी की है। इसके अनुसार शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग में सबसे अधिक दागी अधिकारी और कर्मचारी शामिल है। जबकि सबसे कम दागी पदाधिकारी और कर्मचारियों की संख्या की बात करें तो अग्निशमन और खेल विभाग में इसकी संख्या सबसे कम है।
मालुम हो कि, जो विभाग पूरे राज्य को सदाचार का पाठ पढ़ाता है और यहां तक की जिस विभाग का सालाना बजट सबसे अधिक है। उस विभाग में भ्रष्टाचार भी सबसे अधिक है। सरकार में शिक्षा विभाग में सर्वाधिक दागी सरकारी सेवक है। इस मामले में दूसरे पायदान पर पंचायती राज विभाग आता है। यह आंकड़े मंत्रिमंडल निगरानी विभाग के उस सूची के हैं जो विभागों को इस वर्ष 30 जून को भेजी गई है।
जानकारी हो कि, निगरानी भाग प्रत्येक वर्ष जनवरी और जुलाई महीने में विभिन्न विभागों के वैसे पदाधिकारी और कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराता है जिनके विरोध प्राथमिक की दर्ज हैं और चार्जशीट समर्पित हुई है। इसके बाद अब जब राज्यकर्मियों का प्रमोशन होना है तो इस चीज़ों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
उसके बाद जो सूची तैयार की गई है उसके मुताबिक शिक्षा विभाग शिक्षा विभाग में 935 दागी पदाधिकारी हैं। पंचायती राज विभाग में 330, सामान्य प्रसाशन विभाग 245, गृह पुलिस में 235, राजस्व विभाग में 190, ग्रामीण विभाग में 130, नगर विकास आवास विभाग में 128, ऊर्जा विभाग में 120, जल संसाधन विभाग 113, पथ निर्माण विभाग में 81, खाद आपूर्ति विभाग 77, समाज कल्याण विभाग 69, सहकारिता विभाग 64, कृषि विभाग 56, भवन निर्माण 55, ग्रामीण कार्य विकास 54, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग 35, वन विभाग 32, स्वास्थ्य विभाग 28, योजना संखाय्की विभाग 28 पदाधिकारी और कर्मचारियों दागी की लिस्ट में शामिल है।
इसके आलावा निबंधन विभाग 26, परिवहन विभाग 25, पशुपालन विभाग 24 ,श्रम विभाग 24, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग 19, वित्त विभाग 14, उत्पाद विभाग 12, उद्योग विभाग 12, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग 12, खनन विभाग 9, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी 6, माप - तौल विभाग 6 , गृह कारा विभाग 5, पूल निर्माण निगम लिमिटेड 3, गन्ना विभाग 3, निगरानी विभाग 3, विधि विभाग 2, शैक्षणिक आधारभूत संरचना विभाग 2, अग्निशमन सेवा 1 खेल एवं कला संस्कृति विभाग में 1 पदाधिकारी और कर्मचारियों दागी की लिस्ट में शामिल है।
आपको बताते चले कि, प्रदेश सरकार ने 13 अक्टूबर को मंत्रिमंडल की बैठक में अपने कर्मचारियों और पदाधिकारी को प्रमोशन करने का विकल्प निर्णय लिया है प्रमोशन करने के साथ ही कर्मचारी पदाधिकारी को उच्चतर वेतनमान भी दिया जाएगा। राज्यकर्मियों को प्रोन्नति मिलने लगी है। शुरुआत सामान्य प्रशासन विभाग से हुई है। सोमवार को दो अधिसूचनाओं के माध्यम से नौ कर्मियों को प्रोन्नति दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग की स्क्रीनिंग कमेटी ने उप सचिव से लेकर विशेष सचिव स्तर तक के पद पर लगभग 650 पद पर प्रोन्नति की अनुशंसा की है।