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NEET पेपर लीक मामले में CBI ने केस दर्ज किया : बिहार के EOU से मिले सबूतों के आधार पर FIR : जांच शुरू

NEET पेपर लीक मामले में CBI ने केस दर्ज किया : बिहार के EOU  से मिले सबूतों के आधार पर FIR : जांच शुरू

23-Jun-2024 03:58 PM

By First Bihar

PATNA :  नीट यूजी 2024 परीक्षा में पेपर लीक के मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई की जांच रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है औऱ अब तफ्शीश शुरू कर दी गयी है। शनिवार की रात केंद्र सरकार ने मामले को सीबीआई को सौंपा था और आज से जांच एजेंसी काम पर लग गयी है।


बता दें कि इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैय्यर हसनैन खां को दिल्ली तलब किया था औऱ नीट परीक्षा के पेपर लीक से संबंधित जानकारी मांगी थी। शनिवार को दिल्ली में ईओयू के एडीजी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर सारे तथ्य उनके सामने रखे थे। उन तथ्यों से साफ है कि नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। इसके बाद ही केंद्र सरकार ने मामले को सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया था। 


ईओयू सूत्रों के मुताबिक जो जांच रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी गई है, उसमें बताया गया है कि नीट यूजी की परीक्षा शुरू होने के पहले ही पेपर लीक हो गया था। झारखंड के हजारीबाग जिले के ओएसिस स्कूल से पेपर लीक हुआ था। वहां से पेपर बिहार समेत दूसरे जगहों पर भेजा गया था। 


नीट पेपर लीक की जांच के दौरान बिहार की ईओयू को पता चला है कि एक बुकलेट नंबर (6136488) का पेपर पटना में माफिया के वॉट्सऐप पर आया था। वह बुकलेट हजारीबाग के ओएसिस स्कूल को मिला था। बुकलेट जिस बक्से में स्कूल पहुंचा था, उससे भी छेड़छाड़ हुई थी। बिहार पुलिस यह पता लगा रही है कि प्रश्नपत्र वेयर हाउस से बैंक आने के दौरान लीक किया गया था या बैंक से परीक्षा केंद्र पहुंचने के बीच उड़ाया गया।


बिहार ईओयू की जांच में यह सामने आय़ा है कि नालंदा के नूरसराय उद्यान कॉलेज का कर्मचारी संजीव मुखिया पेपर लीक करने वाले गिरोह का सरगना है। संजीव मुखिया अपने गिरोह के साथ कई महीने पहले से नीट परीक्षा का पर्चा लीक करने की साजिश रच रहा था। परीक्षा से पहले ही संजीव मुखिया को एक प्रोफेसर ने वॉट्सऐप पर पेपर भेजा था। इसके बाद पटना और रांची के मेडिकल स्टूडेंट्स की मदद से पेपर हल कराया गया था। सारे प्रश्नों का उत्तर तैयार करने के बाद 5 मई की सुबह इसे नालंदा के करायपरसुराय के चिंटू उर्फ बलदेव के मोबाइल पर भेजा गया था। 


बिहार ईओयू के पास ऐसे परीक्षार्थियों की लिस्ट भी है जिन्हें परीक्षा से पहले पेपर दिया गया और उन्हें उसका उत्तर याद कराया गया। ईओयू पेपर लीक में शामिल 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। कई अन्य से पूछताछ भी हो रही है। इसके अलावा बिहार बिहार पुलिस की जांच टीम ने झारखंड के देवघर में छापा मारकर 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में चिंटू कुमार भी है, जो मुख्य मास्टरमाइंड संजीव मुखिया का रिश्तेदार है।


ईओयू को उन डॉक्टरों का भी नाम पता चला है जिन्होंने नीट परीक्षा के पेपर को सॉल्व किया था। नीट पर्चे को सेंटर से बाहर सॉल्व करने के आरोप में पटना और रांची के मेडिकल कॉलेज के 10 पीजी डॉक्टरों की तलाश की जा रही है। ईओयू की जांच टीम को आरोपियों के वॉट्सऐप चैट से पता चला है कि परीक्षा से पहले पर्चा एक डॉक्टर के नंबर पर भेजा गया था।

PATNA :  नीट यूजी 2024 परीक्षा में पेपर लीक के मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई की जांच रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है औऱ अब तफ्शीश शुरू कर दी गयी है। शनिवार की रात केंद्र सरकार ने मामले को सीबीआई को सौंपा था और आज से जांच एजेंसी काम पर लग गयी है।


बता दें कि इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैय्यर हसनैन खां को दिल्ली तलब किया था औऱ नीट परीक्षा के पेपर लीक से संबंधित जानकारी मांगी थी। शनिवार को दिल्ली में ईओयू के एडीजी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर सारे तथ्य उनके सामने रखे थे। उन तथ्यों से साफ है कि नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। इसके बाद ही केंद्र सरकार ने मामले को सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया था। 


ईओयू सूत्रों के मुताबिक जो जांच रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी गई है, उसमें बताया गया है कि नीट यूजी की परीक्षा शुरू होने के पहले ही पेपर लीक हो गया था। झारखंड के हजारीबाग जिले के ओएसिस स्कूल से पेपर लीक हुआ था। वहां से पेपर बिहार समेत दूसरे जगहों पर भेजा गया था। 


नीट पेपर लीक की जांच के दौरान बिहार की ईओयू को पता चला है कि एक बुकलेट नंबर (6136488) का पेपर पटना में माफिया के वॉट्सऐप पर आया था। वह बुकलेट हजारीबाग के ओएसिस स्कूल को मिला था। बुकलेट जिस बक्से में स्कूल पहुंचा था, उससे भी छेड़छाड़ हुई थी। बिहार पुलिस यह पता लगा रही है कि प्रश्नपत्र वेयर हाउस से बैंक आने के दौरान लीक किया गया था या बैंक से परीक्षा केंद्र पहुंचने के बीच उड़ाया गया।


बिहार ईओयू की जांच में यह सामने आय़ा है कि नालंदा के नूरसराय उद्यान कॉलेज का कर्मचारी संजीव मुखिया पेपर लीक करने वाले गिरोह का सरगना है। संजीव मुखिया अपने गिरोह के साथ कई महीने पहले से नीट परीक्षा का पर्चा लीक करने की साजिश रच रहा था। परीक्षा से पहले ही संजीव मुखिया को एक प्रोफेसर ने वॉट्सऐप पर पेपर भेजा था। इसके बाद पटना और रांची के मेडिकल स्टूडेंट्स की मदद से पेपर हल कराया गया था। सारे प्रश्नों का उत्तर तैयार करने के बाद 5 मई की सुबह इसे नालंदा के करायपरसुराय के चिंटू उर्फ बलदेव के मोबाइल पर भेजा गया था। 


बिहार ईओयू के पास ऐसे परीक्षार्थियों की लिस्ट भी है जिन्हें परीक्षा से पहले पेपर दिया गया और उन्हें उसका उत्तर याद कराया गया। ईओयू पेपर लीक में शामिल 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। कई अन्य से पूछताछ भी हो रही है। इसके अलावा बिहार बिहार पुलिस की जांच टीम ने झारखंड के देवघर में छापा मारकर 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में चिंटू कुमार भी है, जो मुख्य मास्टरमाइंड संजीव मुखिया का रिश्तेदार है।


ईओयू को उन डॉक्टरों का भी नाम पता चला है जिन्होंने नीट परीक्षा के पेपर को सॉल्व किया था। नीट पर्चे को सेंटर से बाहर सॉल्व करने के आरोप में पटना और रांची के मेडिकल कॉलेज के 10 पीजी डॉक्टरों की तलाश की जा रही है। ईओयू की जांच टीम को आरोपियों के वॉट्सऐप चैट से पता चला है कि परीक्षा से पहले पर्चा एक डॉक्टर के नंबर पर भेजा गया था।