ब्रेकिंग न्यूज़

मुजफ्फरपुर रेल पुलिस की बड़ी कामयाबी: छपरा कचहरी कांड के अभियुक्त को 5 साल की सजा घरेलू गैस सिलेंडर का व्यवसायिक इस्तेमाल: सारण में 3 होटलों के खिलाफ FIR दर्ज मौका देखकर बदलने वाले को क्या कहते हैं? पंडित..मच गया बवाल बिहार में LPG संकट का असर: स्कूल, हॉस्टल और आंगनबाड़ी में बंद पड़े गैस चूल्हे, लकड़ी पर बन रहा खाना Bihar Crime News: लूटकांड में शामिल चार अपराधी गिरफ्तार, बैंककर्मी को गोली मारने का आरोपी भी शामिल Bihar Crime News: लूटकांड में शामिल चार अपराधी गिरफ्तार, बैंककर्मी को गोली मारने का आरोपी भी शामिल ‘अगली बार गोली सीधे माथे में मारेंगे’, सिंगर बादशाह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान से मारने की धमकी ‘अगली बार गोली सीधे माथे में मारेंगे’, सिंगर बादशाह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान से मारने की धमकी ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, सांप से बचने के लिए पटरी की तरफ भागे, तभी आ गई गाड़ी ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, सांप से बचने के लिए पटरी की तरफ भागे, तभी आ गई गाड़ी

मुजफ्फरपुर में लड़कियों के साथ यौन शोषण मामला: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, बिहार सरकार से मांगी रिपोर्ट

21-Jun-2024 04:09 PM

By First Bihar

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर में नौकरी का झांसा देकर लड़कियों के साथ यौन शोषण करने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार ने मीडिया रिपोर्ट्स पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने बिहार के मुख्य सचिव और डीजीपी को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।


दरअसल, सारण की रहने वाली एक युवती ने कोर्ट में परिवाद दायर कर अहियापुर स्थित डीबीआर नेटवर्किंग कपनी पर आरोप लगाया था कि पहले उसे अच्छी सैलरी देने का झांसा देकर कंपनी में ज्वाइन कराया गया और बाद में झूठी शादी कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। युवती ने आरोप लगाया है कि ऐसे सिर्फ उसके साथ ही नहीं किया गया बल्कि कंपनी में काम करने वाली बड़ी संख्या में लड़कियों के साथ किया गया है।


मीडिया में खबर आने के बाद आयोग ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि नेटवर्किंग कंपनी में काम करने वाली महिलाओं ने संचालक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। संचालक ने नशीली गोलियां खिलाई, उन्हें पीटा तथा शारीरिक संबंध बनाने पर मजबूर किया। ऐसा 100 से अधिक लड़कियों के साथ किया गया। कंपनी के खिलाफ अलग-अलग जिलों में बड़ी संख्या में आपराधिक मामले दर्ज हैं लेकिन पुलिस ने इन मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की है।


राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पाया कि रिपोर्ट्स अगर सही है तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। इसको देखते हुए आयोग ने मुख्य सचिव और डीजीपी से एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग ने यह भी कहा है कि रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख होना चाहिए कि संचालक और कंपनी के खिलाफ कितने आपराधिक मामले दर्ज है और उनकी जांच की क्या स्थिति है और अपराधियों के खिलाफ क्या एक्शन लिया गया।