कामेश्वर धार्मिक न्यास की बागडोर अब राज परिवार के कुमारों के हाथ, 108 मंदिरों के संरक्षण का संकल्प मोतिहारी में खेलने के दौरान 12 साल के बच्चे को लगी गोली, हालत नाजुक शंकराचार्य अपमान और UGC नियमों के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा, कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री जानिये? बिहार में नहीं थम रहा जमीन विवाद का मामला: SSB जवान को अपराधियों ने मारी गोली, इलाके में दहशत क्या है UGC का नया नियम? जिसको लेकर पूरे देश में मचा बवाल, विरोध में मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा; सुप्रीम कोर्ट में चुनौती क्या है UGC का नया नियम? जिसको लेकर पूरे देश में मचा बवाल, विरोध में मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा; सुप्रीम कोर्ट में चुनौती सिक्सर के छह गोली छाती में रे.., कट्टा, कानून और कफन, सुलगते कटिहार की खौफनाक दास्तान गोपालगंज में नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश, पीड़िता की सूझबूझ से टली बड़ी घटना मुजफ्फरपुर में देशभक्ति का महासैलाब: 1100 फीट लंबे तिरंगे के साथ निकली भव्य तिरंगा यात्रा Aadhaar Vision 2032: फिंगरप्रिंट की जगह फेस ऑथेंटिकेशन, आधार सिस्टम में अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव; जानिए..
03-May-2024 06:19 PM
By First Bihar
BEGUSARAI : बेगूसराय जिले के हर्रख निवासी मुन्ना सिंह हत्याकांड मामले में 21 साल बाद न्यायालय का फैसला आया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार सिंह ने मुन्ना सिंह हत्याकांड की सुनवाई करते हुए इस मामले के दो आरोपितों संतोष कुमार चौधरी और मुकेश सिंह को मुन्ना सिंह हत्याकांड में दोषी करार दिया है। सजा की बिंदु पर सुनवाई के लिए 9 मई की तारीख तय कर दी गई है।
अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक रामप्रकाश यादव ने अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा। दोनों आरोपितों पर आरोप है कि अन्य आरोपितों के साथ मिलकर इन्होने 13 मार्च, 2003 की शाम 7:00 बजे एनएच- 31 पर अवस्थित विंध्यवासिनी पेट्रोल पंप पर मुन्ना सिंह पर बम और गोली चलाकर उनकी हत्या कर दी।
घटना की प्राथमिकी मृतक मुन्ना सिंह की पत्नी सुचिका कुमारी देवी ने नगर थाना कांड संख्या 89/ 2003 के तहत दर्ज कराई है। बता दें कि इस मामले के अन्य आरोपित उस समय के नामचीन शूटर थे। जिनमें कई की तो आपसी गैंगवार में हत्या हो चुकी है और जीवित हैं वे फरार चल रहे हैं।
BEGUSARAI : बेगूसराय जिले के हर्रख निवासी मुन्ना सिंह हत्याकांड मामले में 21 साल बाद न्यायालय का फैसला आया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार सिंह ने मुन्ना सिंह हत्याकांड की सुनवाई करते हुए इस मामले के दो आरोपितों संतोष कुमार चौधरी और मुकेश सिंह को मुन्ना सिंह हत्याकांड में दोषी करार दिया है। सजा की बिंदु पर सुनवाई के लिए 9 मई की तारीख तय कर दी गई है।
अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक रामप्रकाश यादव ने अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा। दोनों आरोपितों पर आरोप है कि अन्य आरोपितों के साथ मिलकर इन्होने 13 मार्च, 2003 की शाम 7:00 बजे एनएच- 31 पर अवस्थित विंध्यवासिनी पेट्रोल पंप पर मुन्ना सिंह पर बम और गोली चलाकर उनकी हत्या कर दी।
घटना की प्राथमिकी मृतक मुन्ना सिंह की पत्नी सुचिका कुमारी देवी ने नगर थाना कांड संख्या 89/ 2003 के तहत दर्ज कराई है। बता दें कि इस मामले के अन्य आरोपित उस समय के नामचीन शूटर थे। जिनमें कई की तो आपसी गैंगवार में हत्या हो चुकी है और जीवित हैं वे फरार चल रहे हैं।