कामेश्वर धार्मिक न्यास की बागडोर अब राज परिवार के कुमारों के हाथ, 108 मंदिरों के संरक्षण का संकल्प मोतिहारी में खेलने के दौरान 12 साल के बच्चे को लगी गोली, हालत नाजुक शंकराचार्य अपमान और UGC नियमों के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा, कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री जानिये? बिहार में नहीं थम रहा जमीन विवाद का मामला: SSB जवान को अपराधियों ने मारी गोली, इलाके में दहशत क्या है UGC का नया नियम? जिसको लेकर पूरे देश में मचा बवाल, विरोध में मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा; सुप्रीम कोर्ट में चुनौती क्या है UGC का नया नियम? जिसको लेकर पूरे देश में मचा बवाल, विरोध में मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा; सुप्रीम कोर्ट में चुनौती सिक्सर के छह गोली छाती में रे.., कट्टा, कानून और कफन, सुलगते कटिहार की खौफनाक दास्तान गोपालगंज में नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश, पीड़िता की सूझबूझ से टली बड़ी घटना मुजफ्फरपुर में देशभक्ति का महासैलाब: 1100 फीट लंबे तिरंगे के साथ निकली भव्य तिरंगा यात्रा Aadhaar Vision 2032: फिंगरप्रिंट की जगह फेस ऑथेंटिकेशन, आधार सिस्टम में अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव; जानिए..
24-May-2023 08:27 PM
By First Bihar
MUNGER: मुंगेर में हवेली खड़गपुर अंचल के सीओ संतोष कुमार सिंह की दबंगई देखने को मिली है। भू-माफिया को फायदा दिलाने के लिए कब्रिस्तान की जमीन को जबरन जुतवाया गया। पीड़ित पक्ष DCLR से लेकर प्रमंडलीय आयुक्त तक गुहार लगा चुका है। लेकिन नौ महीने बाद भी अतक पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिल पाया है। पीड़ित पक्ष ने खड़गपुर सीओ पर भू-माफिया से मोटी रकम लेकर उनके पक्ष में फैसला दिये जाने का आरोप लगाया है।
एक ओर जहां बिहार सरकार धार्मिक स्थलों और कब्रगाहों की जमीन को सुरक्षित रखने के लिए उसकी चहारदीवारी सरकारी राशि से करवा रही है। वहीं दूसरी ओर सरकार के मुलाजिम भू-माफियाओं से हाथ मिलाकर उनसे मोटी रकम की उगाही कर बक्फ बोर्ड की जमीनों, कब्रगाहों और धार्मिक स्थलों की जमीनों पर कब्जा दिलाने का काम कर रहे हैं। ऐसा एक मामला मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर में सामने आया है। जहां अंचल के सीओ संतोष कुमार सिंह पर लोगों ने गंभीर आरोप लगाया है। दरियापुर 1 गांव स्थित बक्फ बोर्ड की जमीन पर बने कब्रिस्तान की जमीन को भू-माफियाओं से मोटी रकम उगाही कर उनके पक्ष में फैसला सुना दिया। इतना ही नहीं जबरन कब्रिस्तान की जमीन को जुतवाया गया।
ग्रामीणों की माने तो उनकी कई पीढ़ी इस कब्रिस्तान में दफन है। इस जमीन का ग्रामीणों के पास कागजात भी है और उक्त जमीन का नक्शा और खतियान भी उनके पास है। जमीन का खाता संख्या-293 और खेसरा संख्या-579 और रकवा 1एकड़ 58 डिसमिल है। वहीं विपक्षियों की 3 डिसमिल जमीन जिसका खेसरा -578 है जिसे सीओ ने अमीन से जमीन की नापी कराया और उक्त जमीन को कब्रिस्तान की जमीन कहकर ग्रामीणों को दे दी और कब्रिस्तान की जमीन 1एकड़ 58 डिसमिल को भू माफियाओं को दे दिया।
ग्रामीणों की माने तो सीओ के पास न्याय के लिए वे गये थे लेकिन न्याय मिलना तो दूर उल्टा उस जमीन से ही बेदखल कर दिया गया। लोगों ने सीओ के पास 13 अगस्त 2022 को आवेदन दिया था लेकिन सीओ ने भू-माफिया से मोटी रकम लेकर 21 अप्रैल 2023 को कब्रिस्तान की जमीन को जुतवा दिया। जिसके बाद ग्रामीण न्याय के लिए भूमि सुधार विभाग के अधिकारी से मिले यही नहीं प्रमंडलीय आयुक्त तक का दरवाजा खटखटाया। लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल सका है।
वहीं इस मामले सीओ का कहना है कि वहां पर दो प्लॉट है और उसमें कन्फ्यूजन है कि कौन सा प्लॉट रैयती है और कौन सा कब्रगाह है। इस मामले में वरीय अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। सीओ ने कहा कि इस मामले का निपटारा जल्द किया जाएगा। यह कहकर सीओ संतोष कुमार सिंह ने मीडिया से पल्ला झाड़ लिया। ऐसे में अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों को कब तक न्याय मिल पाती है।
MUNGER: मुंगेर में हवेली खड़गपुर अंचल के सीओ संतोष कुमार सिंह की दबंगई देखने को मिली है। भू-माफिया को फायदा दिलाने के लिए कब्रिस्तान की जमीन को जबरन जुतवाया गया। पीड़ित पक्ष DCLR से लेकर प्रमंडलीय आयुक्त तक गुहार लगा चुका है। लेकिन नौ महीने बाद भी अतक पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिल पाया है। पीड़ित पक्ष ने खड़गपुर सीओ पर भू-माफिया से मोटी रकम लेकर उनके पक्ष में फैसला दिये जाने का आरोप लगाया है।
एक ओर जहां बिहार सरकार धार्मिक स्थलों और कब्रगाहों की जमीन को सुरक्षित रखने के लिए उसकी चहारदीवारी सरकारी राशि से करवा रही है। वहीं दूसरी ओर सरकार के मुलाजिम भू-माफियाओं से हाथ मिलाकर उनसे मोटी रकम की उगाही कर बक्फ बोर्ड की जमीनों, कब्रगाहों और धार्मिक स्थलों की जमीनों पर कब्जा दिलाने का काम कर रहे हैं। ऐसा एक मामला मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर में सामने आया है। जहां अंचल के सीओ संतोष कुमार सिंह पर लोगों ने गंभीर आरोप लगाया है। दरियापुर 1 गांव स्थित बक्फ बोर्ड की जमीन पर बने कब्रिस्तान की जमीन को भू-माफियाओं से मोटी रकम उगाही कर उनके पक्ष में फैसला सुना दिया। इतना ही नहीं जबरन कब्रिस्तान की जमीन को जुतवाया गया।
ग्रामीणों की माने तो उनकी कई पीढ़ी इस कब्रिस्तान में दफन है। इस जमीन का ग्रामीणों के पास कागजात भी है और उक्त जमीन का नक्शा और खतियान भी उनके पास है। जमीन का खाता संख्या-293 और खेसरा संख्या-579 और रकवा 1एकड़ 58 डिसमिल है। वहीं विपक्षियों की 3 डिसमिल जमीन जिसका खेसरा -578 है जिसे सीओ ने अमीन से जमीन की नापी कराया और उक्त जमीन को कब्रिस्तान की जमीन कहकर ग्रामीणों को दे दी और कब्रिस्तान की जमीन 1एकड़ 58 डिसमिल को भू माफियाओं को दे दिया।
ग्रामीणों की माने तो सीओ के पास न्याय के लिए वे गये थे लेकिन न्याय मिलना तो दूर उल्टा उस जमीन से ही बेदखल कर दिया गया। लोगों ने सीओ के पास 13 अगस्त 2022 को आवेदन दिया था लेकिन सीओ ने भू-माफिया से मोटी रकम लेकर 21 अप्रैल 2023 को कब्रिस्तान की जमीन को जुतवा दिया। जिसके बाद ग्रामीण न्याय के लिए भूमि सुधार विभाग के अधिकारी से मिले यही नहीं प्रमंडलीय आयुक्त तक का दरवाजा खटखटाया। लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल सका है।
वहीं इस मामले सीओ का कहना है कि वहां पर दो प्लॉट है और उसमें कन्फ्यूजन है कि कौन सा प्लॉट रैयती है और कौन सा कब्रगाह है। इस मामले में वरीय अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। सीओ ने कहा कि इस मामले का निपटारा जल्द किया जाएगा। यह कहकर सीओ संतोष कुमार सिंह ने मीडिया से पल्ला झाड़ लिया। ऐसे में अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों को कब तक न्याय मिल पाती है।