Bihar Crime News: बिहार में JDU का पूर्व जिला प्रवक्ता गिरफ्तार, वैशाली पुलिस ने यहां से किया अरेस्ट; क्या है मामला? Bihar Crime News: जंगल में पेड़ से लटके दो नर कंकाल मिलने से सनसनी, ऑनर किलिंग की आशंका Bihar News: सकरी और रैयाम में जल्द खुलेंगे सहकारी चीनी मिल, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश Bihar News: सकरी और रैयाम में जल्द खुलेंगे सहकारी चीनी मिल, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश पटना में NEET छात्रा की मौत पर उबाल: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर महिला संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन की मांग पटना में NEET छात्रा की मौत पर उबाल: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर महिला संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन की मांग PM Awas Yojana Gramin: पीएम आवास योजना से बदली बिहार के गांवों की तस्वीर, 12 लाख परिवारों को मिलेगा अपना घर PM Awas Yojana Gramin: पीएम आवास योजना से बदली बिहार के गांवों की तस्वीर, 12 लाख परिवारों को मिलेगा अपना घर Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज माघ मेला में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने पर आभार सभा, संतों ने दिया सनातन संरक्षण का संदेश Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज माघ मेला में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने पर आभार सभा, संतों ने दिया सनातन संरक्षण का संदेश
22-Dec-2021 01:16 PM
MOTIHARI : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज अपने समाज सुधार अभियान की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कर्मभूमि चंपारण से की है. आज सुबह उनका हेलीकाप्टर वाल्मीकिनगर से सीधे मोतिहारी पहुंचा. यहां उन्होंने सबसे पहले महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया इसके बाद मंच पर पहुंचे. इस दौरान जीविका दीदियों ने अपने अनुभव को साझा किया. उन्होंने सीएम के सामने बताया कि कैसे जीविका से जुड़ने के बाद वह अपने पैरों पर खड़ी हो सकी हैं.
वहीं जीविक दीदियों ने सरकार की ओर से चलाए जा रहे समाज सुधार कार्यक्रम के फायदों की जानकारी उपस्थित लोगों को दी. आपको बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी ज्यादातर यात्राओं और अभियानों की शुरुआत महात्मा गांधी की कर्मभूमि चम्पारण से ही करते रहे हैं. इसी कड़ी में अब समाज सुधार अभियान के शुभारंभ का गवाह भी सत्याग्रह की सफल प्रयोगस्थली चम्पारण बनने जा रहा है.
सीएम नीतीश इसके पहले यहां से दर्जनभर यात्राओं व अभियान का आगाज कर चुके हैं. दरअसल मुख्यमंत्री स्वयं कई अवसरों पर कह चुके हैं कि चम्पारण की आबोहवा में क्रांति की वह तासीर है जिससे उन्हें सबसे ज्यादा उर्जा मिलती है. इसलिए वे जब भी किसी नये काम की शुरुआत करते हैं, तो वह चम्पारण से ही शुरुआत करते हैं.