ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Politics : बिहार में कैसे शुरू हुई थी जनता के खातों में सीधे पैसा भेजने की व्यवस्था? अतीत की बहस से आज की सियासत तक; पढ़ें यह महत्वपूर्ण बातें LPG Cylinder New Rule: कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक, घरेलू सिलेंडर पर सख्ती; शादी वाले घरों में बढ़ी परेशानी BIHAR NEWS : अब सुधा बूथों पर मिलेगा इस तरह का दूध, मटन खरीदने के लिए इस जगह लगेगी दूकान; सरकार बना रही बड़ा प्लान Nitish Kumar : समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण में इस जिले में पहुंचेंगे CM नीतीश कुमार, 570 करोड़ की 213 योजनाओं की देंगे सौगात Rajyasabha Election: किंगमेकर ओवैसी ने नहीं खोले पत्ते, RJD उम्मीदवार पर खतरा Bihar Politics : ओवैसी की ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति, पांचवीं सीट पर बढ़ा सस्पेंस; दिल्ली में तैयार रणनीति से बढ़ सकती है तेजस्वी की टेंशन Bihar Politics: निशांत के लिए बदल दी नीति! 2009 उपचुनाव में JDU नेता, मंत्री और विधायक-सांसदों के लिए बने नियम की अचानक क्यों होने लगी चर्चा? जानिए नीतीश कुमार ने क्या कहा था Patna Metro : पटना मेट्रो को मिली बड़ी राहत, राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे टनल बनाने की मिली मंजूरी; इस दिन से शुरू होगा काम बिहार मौसम अपडेट: 34.3°C पहुंचा तापमान, 12 जिलों में बारिश की संभावना, अररिया और किशनगंज में येलो अलर्ट बिहार के बदलते-बदलते खुद बदल गये नीतीश कुमार, तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान

लॉकडाउन में पटना पहुंचाने के लिए एंबुलेंस वाले ने मांगे 5 हजार रुपये, मासूम प्रिंस ने बिना इलाज तोड़ा दम

21-Apr-2020 03:10 PM

By Awnish

MOTIHARI : स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की बड़ी खबर मोतिहारी से है। जहां एम्बुलेन्स नहीं मिलने से एक मासूम की मौत हो गयी है।ब्लड कैंसर से जूझ रहे तीन वर्षीय मासूम प्रिंस को पटना जाने के लिए एम्बुलेंस कर्मियों ने पांच हजार रुपये की मांग की । वहीं डॉक्टर ने भी मोतिहारी तक एंबुलेंस को देने की बात कह मामले को टाल दिया। पटना के महावीर कैंसर संस्थान में बच्चे का इलाज चल रहा था लेकिन लॉकडाउन और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने मिलकर बच्चे की जान ले ली।


घटना पूर्वी चम्पारण के कल्याणपुर पीएचसी की है। ब्लड कैंसर से जूझ रहे तीन वर्षीय मासूम प्रिंस को पटना जाने के लिए एम्बुलेंस कर्मियों ने पांच हजार रुपये की मांग की जबकि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने एंबुलेंस को मोतिहारी तक ही देने की बात कर टाल दिया। नतीजतन इलाज के इंतजार में दादा के गोद में ही मासूम प्रिंस ने अंतिम सांस ली, और उसके परिजन देखते और हाथ मलते रहे गये।


कल्याणपुर प्रखंड के राजपुर आजादनगर के मुन्ना कुमार का तीन वर्षीय पुत्र पिंस कुमार कैंसर से पीड़ित था। परिजन उसका इलाज महावीर कैंसर अस्पताल में इलाज करा रहे थे। गरीबी से जूझते परिवार के सामने दु:ख का बडा पहाड़ खडा था। इलाज के बीच में ही परिजन डॉक्टरों के कहने पर प्रिंस को लेकर घर आ गये थे। कोरोना बन्दी के बीच जहां उसकी हालत खराब होने पर कल्याणपुर पीएचसी लाये। डॉक्टर ने अपनी विवशता को बताते हुए मोतिहारी सदर अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन परिजन जानते थे कि उसका इलाज पटना में ही हो सकता है, जिसपर परिजनों ने डॉक्टर से पटना जाने के लिए एंबुलेंस की मांग की। जहां डॉक्टर ने अपनी विवशता बतायी.। वहीं कल्याणपुर पीएचसी के एंबुलेंस कर्मी ने उसे पटना ले जाने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की। 


गरीबी की हालत में पांच हजार रुपये बहुत बडी रकम होने के कारण परिजन प्रिंस को अपने भाग्य पर कोसते हुए घर ले कर चले गये। घर पर ही प्रिंस ने अपने दादा के गोद में अन्तिम सांस ली। कोरोना बन्दी के बीच एम्बुलेन्स नहीं मिलने के कारण प्रिंस को इलाज नहीं मिल सका और वह मौत का शिकार बन गया। इधर प्रिंस के पिता मुन्ना बताते है कि तीन साल के बेटे को ब्लड कैंसर था और उसका इलाज पटना के महावीर कैंस अस्पताल में चल रहा था। हालत खराब होने पर कल्याणपुर पीएचसी से पटना ले जाने के लिए एम्बुलेंस नहीं मिला। जबकि एम्बुलेन्स के कर्मी उससे पांच हजार रुपये की मांग कर रहे थे। 


वहीं कल्याणपुर पीएचसी के चिकित्सक डॉ मोहित कुमार ने कहा कि नियम के अनुसार कल्याणपुर पीएचसी से मोतिहारी सदर अस्पताल के लिए एंबुलेंस दिया जाता है। लेकिन परिजन पटना जाने की बात कर रहे थे। वहीं उन्होनें  एम्बुलेन्स कर्मियों के पांच हजार रुपये की मांग पर अनभिज्ञता जाहिर की।