ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Bhumi: जमीन विवाद खत्म करने की तैयारी, तय समय सीमा में पूरा होगा विशेष सर्वेक्षण Aadhaar update rules : UIDAI ने बदले नियम, अब नाम, पता और जन्मतिथि अपडेट के लिए जरूरी दस्तावेजों की नई सूची जारी Bihar railway news : बिहार के गया जंक्शन पर 45 दिनों का मेगा ब्लॉक, कई ट्रेनें रद्द व रूट डायवर्ट; 21 मार्च तक असर Bihar Bhumi: सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर बिहार सरकार सख्त, 30 साल पुराना कब्जा भी नहीं होगा मान्य BPSC TRE 4 Vacancy : बिहार में चौथे चरण में 44 हजार शिक्षकों की होगी बहाली, फरवरी अंत या मार्च में आ सकता है विज्ञापन Bihar Hospitals Notice : बिहार में 400 अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी, BSPCB का नोटिस जारी; जानिए क्या है वजह Budget Session : बिहार विधानसभा बजट सत्र का तीसरा दिन, प्रश्नकाल से होगी कार्यवाही की शुरुआत; तेजस्वी यादव भी आज रखेंगे अपनी बात Bihar weather :फरवरी में बिहार का बदला-बदला मौसम, दिन में गर्मी तो रात में ठंड, IMD ने जताई और गिरावट की संभावना मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका

लालू, राबड़ी और तेजस्वी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट में याचिका हुई दायर

लालू, राबड़ी और तेजस्वी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट में याचिका हुई दायर

19-Jan-2022 07:49 AM

DELHI: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व सीएम राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी यादव की मुसीबतें बढ़ सकती हैं. उनके खिलाफ आपराधिक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गयी है. 


मुकदमे की तेजी से सुनवाई की गुहार

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर तीनों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले की तेजी से सुनवाई की गुहार लगायी गयी है. सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका वकील मुकेश कुमार सिंह ने दायर की है. जिसमें गुहार लगायी गयी है कि धोखाधड़ी से रेलवे की दो एकड़ जमीन हड़पने के मामले की तेजी से सुनवाई की जाए. इस केस में लालू, राबड़ी और तेजस्वी यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज है.


वकील मुकेश कुमार सिंह ने कहा है कि लालू, राबड़ी और तेजस्वी के खिलाफ सीबीआई ने ये मामला दर्ज कर रखा है. 2017 से ही दिल्ली के स्पेशल सीबीआई कोर्ट में मामला लंबित है. जिसमें इन तीनों नेताओं पर आईपीसी की धारा 420, 120बी और 13 पीसी एक्ट के तहत आरोप लगाये गये हैं. याचिका दायर करने वाले ने कहा है कि पिछले दो साल से इस मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल ही अश्विनी उपाध्याय बनाम केंद्र सरकार मामले में फैसला देते हुए ये आदेश दिया था कि पूरे देश में नेताओं के खिलाफ दर्ज मामले को तेजी से निपटाया जाये.


हम आपको बता दें कि ये वहीं मामला है जिसे आधार बना कर नीतीश कुमार ने 2017 में राजद से नाता तोड़ा था. उस समय तेजस्वी यादव नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम थे. सीबीआई ने उनके खिलाफ रेलवे जमीन घोटाले का केस दर्ज किया था. नीतीश कुमार ने करप्शन पर जीरो टॉलरेंस का एलान कर राजद से रिश्ता तोड लिया था और भाजपा के साथ सरकार बनायी थी.