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08-Jun-2020 05:07 PM
PATNA : लालू यादव की बेटी राजलक्ष्मी यादव अब अहीर रेजिमेंट की मांग के समर्थन में उतर गयी हैं। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के पौत्र पूर्व सांसद अक्षय प्रताप सिंह की पत्नी राजलक्ष्मी ने इस मसले में कूद कर बिहार चुनाव से पहले भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग को हवा दे दी है।
बिहार और यूपी के दो बड़े राजनीतिक रसूख रखने वाले परिवार से संबंध रखने वाली राजलक्ष्मी यादव ने अहीर रेजीमेंट के समर्थन में बड़ा बयान दिया है। राजलक्ष्मी जहां बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की बेटी हैं वहीं यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के परिवार की बहू हैं।
सोशल मीडिया में 'अहीर रेजिमेंट हक है हमारा' के समर्थन में राजलक्ष्मी यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि 'अहीर रेजिमेंट की बात जातिवाद है ही नहीं। अहीर रेजिमेंट के अलावा भी कई जातीय रेजिमेंट हैं। ऐसे में अहीर रेजिमेंट जातिवाद कैसे? सरकार को चाहिए कि वो या तो अहीर रेजिमेंट दे या फिर सारे जातीय रेजिमेंट भंग करे।'
अहीर रेजिमेंट बात जातिवाद है ही नहीं, अहीर रेजिमेंट के अलावे कई जातीय रेजिमेंट हैं। तो अहीर रेजिमेंट जातिवाद कैसे? सरकार को चाहिए कि वो या तो अहीर रेजिमेंट दे या फिर सारे जातीय रेजिमेंट भंग करे। #अहीर_रेजिमेंट_हक़_है_हमारा
— Raj Lakshmi Yadav (@Rajlakshmiyadav) June 7, 2020
2019 के लोकसभा चुनाव में सपा के घोषणापत्र में अखिलेश यादव ने अहीर रेजिमेंट बनाने की बात कही थी। यादव समाज के लोगों की मांग है कि देश के लिए अपने प्राणों की बाजी लगाने वाले वीर अहीर सैनिकों के सम्मान में अहीर रेजिमेंट का गठन किया जाना चाहिए। अहीर रेजिमेंट की मांग इससे पहले ऑल इंडिया यादव महासभा ने उठाई थी। यादव समाज का कहना है कि 1962 के युद्ध में कुल 114 सैनिक शहीद हुए थे, जिनमें से 112 यादव थे। इन सैनिकों ने चीन के सैकड़ों सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया था। इसलिए सम्मान स्वरूप अहीर रेजिमेंट बनाई जानी चाहिए।
बता दें कि भारतीय सेना में मौजूद राजपूत रेजिमेंट, जाट रेजिमेंट, सिख रेजिमेंट, की तर्ज पर अहीर रेजिमेंट की मांग की जा रही है। हालांकि केन्द्र सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि अब किसी भी जाति के नाम पर कोई रेजिमेंट का गठन नहीं किया जाएगा।