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13-Jun-2023 04:26 PM
By MANOJ KUMAR
PATNA: जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन के इस्तीफे के बाद बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। जीतन राम मांझी के फैसले पर प्रशांत किशोर ने तीखा हमला बोला है। मांझी के बहाने पीके ने लालू प्रसाद पर भी निशाना साधा है। प्रशांत किशोर ने कहा है कि जिस तरह लालू को सिर्फ अपने बेटे को सीएम बनाने की चिंता है उसी तरह से मांझी को भी अपने बेटे की चिंता सता रहा है, दोनों को दलित और पिछड़े समाज से कोई मतलब नहीं है।
प्रशांत किशोर ने कहा है कि बिहार की जनता को लगता है कि बिहार में जाति की राजनीति हो रही है लेकिन इसके कई उदाहरण है जो बताते हैं कि बिहार में जाति की राजनीति नहीं हो रही है। क्या किसी ने कभी सुना है कि जीतन राम मांझी दलित के लड़के को बिहार का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं? जीतन राम मांझी सिर्फ अपने बेटा को मुख्यमंत्री बनाने के बारे में सोचते हैं। अगर उन्हें दलित समाज की चिंता होती तो क्या दलित समाज में दूसरा कोई काबिल आदमी उन्हें नहीं मिलता?
पीके ने कहा कि मांझी की तरह ही लालू यादव ने भी कभी नहीं कहा कि यादव समाज का लड़का बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनेगा? क्या यादव समाज में उनके लड़के के अलावा और कोई पढ़ा-लिखा आदमी नहीं है? आज सब नेता अपने-अपने परिवार को राजनीति में लाने और कोई न कोई पद दिलवाने में लगे हैं। नेता जाति की राजनीति किसी सूरत में नहीं करना चाहते। आज नेता सिर्फ अपना और अपने लड़के की चिंता कर रहे हैं। जाति-धर्म के फेर में आप आम लोग पड़े हैं।