ब्रेकिंग न्यूज़

मुजफ्फरपुर: फ्लिपकार्ट डिलीवरी बॉय हत्याकांड का मुख्य आरोपी संदीप झा हथियार के साथ गिरफ्तार, बड़ी वारदात की फिराक में था कुख्यात बिहार में अपराधियों का तांडव जारी, बेगूसराय में किसान की गोली मारकर हत्या मैं डॉक्टर हूं डाकू नहीं: हत्या करवाने का आरोप लगाने पर तेज प्रताप पर बरसे मुकेश रौशन, कहा..डोनाल्ड ट्रम्प से करेंगे शिकायत घूसखोर BDO की गिरफ्तारी के बाद शिकायतकर्ता प्रखंड प्रमुख ने खिंचवाई फोटो, बोलीं..मेरे ही चैंबर में घूस लेते पकड़े गये साहब 18 साल बाद भ्रष्ट JE को एक साल की मिली सजा, 2008 में 3 हजार रूपया रिश्वत लेते हुआ था गिरफ्तार लैंड फॉर जॉब केस में राऊज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे तेजस्वी यादव, तेज प्रताप ने जिसे जयचंद बताया वो भी थे साथ बेतिया: बारात गये युवक की पोखर में मिली लाश, इलाके में सनसनी सहरसा: पतरघट पुलिस पर ग्रामीणों ने किया जानलेवा हमला, थानाध्यक्ष सहित कई पुलिसकर्मी घायल Bihar News: रिश्वतखोर BDO को निगरानी ने किया अरेस्ट, प्रखंड प्रमुख से 50 हजार रू घूस लेते हुआ गिरफ्तार..... BIHAR: शराब माफिया से नजराना मांगने वाले 2 नकली उत्पाद अधिकारी गिरफ्तार, बिना नंबर की बाइक के साथ धंधेबाज भी अरेस्ट

किडनी कांड मामला: NHRC ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को जारी किया नोटिस, चार हफ्ते में मांगा जवाब

किडनी कांड मामला: NHRC ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को जारी किया नोटिस, चार हफ्ते में मांगा जवाब

07-Nov-2022 12:52 PM

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर में हुए किडनी कांड में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को नोटिस जारी किया है। प्रधान सचिव को चार हफ्ते के अंदर जवाब देने को कहा गया है। विदित हो कि पीड़ित महिला सुनीता देवी के ओवरी के ऑपरेशन के दौरान दोनों किडनी निकाल लिए गए थे। इसी मामले में मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एवं राज्य मानवाधिकार आयोग में याचिका दाखिल की थी और मामले में संलिप्त आरोपितों की अविलम्ब गिरफ़्तारी की मांग की थी। इसपर कार्रवाई करते हुए आयोग नें स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को नोटिस जारी किया है। 



आपको बता दें, जिले के सकरा थाने के मथुरापुर गांव की रहने वाली सुनीता देवी को पेट में दर्द था, जिसका इलाज बरियारपुर के शुभकान्त क्लिनिक में डॉक्टर पवन कुमार से कराया गया। डॉक्टर पवन कुमार ने महिला के गर्भाशय में ट्यूमर होने की बात कही और 3 सितम्बर को महिला का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद सुनीता की तबियत बिगड़ने लगी, शरीर में सूजन होने लगा। तब जाकर महिला के परिजनों के द्वारा मुजफ्फरपुर के एस.के.एम.सी.एच. में सुनीता का सी.टी. स्कैन कराया गया, जिसकी रिपोर्ट में दोनों किडनी निकाली जाने की बात सामने आई। 



ऑपरेशन के दौरान किडनी गायब होने की एफ.आई.आर. के बाद प्रशासनिक अधिकारी सकते में आये और जांच शुरू हुई। इसी दौरान पता चला कि उक्त क्लिनिक सरकार के मानदंड के अंतर्गत कार्य नहीं कर रही हैं। विदित हो कि इस मामले में बिहार मानवाधिकार आयोग द्वारा पूर्व में एक नोटिस जारी की जा चुकी है और जिला प्रशासन से रिपोर्ट की मांग की गयी है। 



मामले को लेकर मानवाधिकार अधिवक्ता झा ने कहा कि यह मानवाधिकार उल्लंघन के अतिगंभीर कोटि का मामला है, जिसमें दोषियों के विरुद्ध कड़ी-से-कड़ी कार्रवाई करने की नितांत आवश्यकता है।