ब्रेकिंग न्यूज़

मोतिहारी जहरीली शराबकांड में अब तक 8 लोगों की मौत, मैथनॉल वाली दारू पीने से गई जान! मोतिहारी में एक्साइज और पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 24 घंटे में जहरीली स्प्रिट की बरामदगी, तस्करों पर शिकंजा नीतीश कुमार दे सकते हैं इस्तीफा!..14 अप्रैल को नए CM के शपथग्रहण की चर्चा तेज झारखंड रवाना हुए तेजस्वी यादव, बिहार की कानून व्यवस्था पर साधा निशाना वैशाली में डायल 112 की टीम पर कार्रवाई: घूस मांगने और मारपीट मामले में पुलिस कर्मी सस्पेंड, काम से हटाये गये 2 होमगार्ड जवान मुंगेर में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद: उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने भ्रष्टाचार पर सख्त रुख दिखाया, कहा..अब किसी का भौकाल नहीं चलेगा वैशाली में जमीन मापी के दौरान बवाल, सीओ और पुलिस के सामने दो पक्षों में हिंसक झड़प, 15 लोग घायल पटना में फर्जी ‘लॉयर’ गिरोह का पर्दाफाश, 39 नकली मोहर के साथ 3 गिरफ्तार बेगूसराय में STF-अपराधियों के बीच मुठभेड़, 6 गिरफ्तार, एक बदमाश को लगी गोली बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाया जाएगा सुरक्षा का पाठ, बच्चों को दी जाएगी स्पेशल ट्रेनिंग; आपदा से निपटने के लिए होंगे ट्रेंड

Home / news / केंद्र और किसान के बीच वार्ता टूटने को JDU ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया, केसी...

केंद्र और किसान के बीच वार्ता टूटने को JDU ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया, केसी त्यागी बोले- सरकार ने अध्यादेश लागू करने में जल्दबाजी की

09-Dec-2020 05:36 PM

PATNA : नए कृषि कानून को लेकर केंद्र और किसान संगठनों के बीच वार्ता टूटने को जनता दल यूनाइटेड ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महासचिव केसी त्यागी ने कहा है कि केंद्र और किसान संगठनों के बीच बातचीत बेनतीजा खत्म होना, बेहद दुखद पहलू है. हालांकि त्यागी ने यह कहा है कि किसानों की आशंकाओं का निवारण बेहद जरूरी है.


ऐसे दौर में जब नए कृषि कानून को लेकर विपक्ष लामबंद है. उस दौरान बीजेपी के महत्वपूर्ण सहयोगी जनता दल यूनाइटेड ने यह स्पष्ट तौर पर कहा है कि केंद्र सरकार की तरफ से लागू किया गया. नया अध्यादेश जल्दबाजी का फैसला था. केसी त्यागी ने कहा है कि सरकार ने बगैर किसान संगठनों से बातचीत किए जल्दबाजी में अध्यादेश लागू किया. यह उनका मानना है. केसी त्यागी ने यह भी कहा है कि अगर सरकार एमएसपी समेत अन्य आशंकाओं पर लिखित में देने को तैयार है तो फिर इस आंदोलन का कोई मकसद नहीं बन जाता.


एक हिंदी न्यूज़ चैनल में लाइव डिबेट के दौरान केसी त्यागी ने कहा है कि सरकार की तरफ से जल्दबाजी में उठाया गया. इस आंदोलन के पीछे बड़ा कारण है. लेकिन फिर भी सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों को एमएसपी का लाभ मिलता रहे. सरकार जैसे पीडीएस सिस्टम के लिए पहले अनाज की खरीद कर दी थी, वह प्रक्रिया भी जारी रहे और अगर इस पुरानी व्यवस्था के बाद अनाज बचे. तभी प्राइवेट सेक्टर को इसमें एंट्री दी जाए.


केसी त्यागी ने यह भी कहा है कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के लिए किसानों की जमीन लीज पर ना ली जाए. इसका भी ख्याल रखा जाना चाहिए. त्यागी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि देश में पुरानी मंडी व्यवस्था किसानों के लिए मुश्किलें पैदा करती थी लेकिन अब नई व्यवस्था से इस में सहूलियत होगी. बावजूद इसके सरकार को यह चाहिए कि वह किसान संगठनों की आशंकाओं को दूर करें.