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22-Jul-2023 08:51 AM
By First Bihar
PATNA : बिहार में जबसे शिक्षा विभाग का कमान के के पाठक ने अपने हाथों में लिया है। तबसे वो लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। पाठक लगातार नए - नए फरमान जारी करते रहे हैं। पिछले दिनों ही उन्होंने एक आदेश जारी किया था जिसमें बिना कोई सुचना स्कूल से गायब मिलने वाले टीचर का वेतन बंद करने का आदेश दिया गया था। जिसके बाद अब 304 टीचर और 25 प्रधानाध्यापकों का वेतन रोका।
दरअसल, अपर मुख्य सचिव के आदेश पर एक जुलाई से पटना जिले के स्कूलों निरीक्षण कार्य लगातार चल रहा है। एक से 18 जुलाई तक चले निरीक्षण के दौरान जिले के स्कूल से कुल 304 शिक्षक गायब मिले। इन सभी का वेतन रोक दिया गया है। राज्य में 18 दिनों के अंदर कुल 304 टीचर और 25 प्रधानाध्यापकों का वेतन रोक दिया गया है।
बताया जा रहा है कि, राज्य में एक जुलाई-46, तीन जुलाई - 25, चार जुलाई -18, पांच जुलाई-11, छह जुलाई -14, सात जुलाई -11, आठ जुलाई -10, दस जुलाई -18, 11 जुलाई -10, 12 जुलाई - 38, 13 जुलाई-45, 14 जुलाई -15, 15 जुलाई -14, 17 जुलाई -15, 18 जुलाई -14 टीचरों पर एक्शन लिया गया है। पिछले एक महीनों से इन लोगों का वेतन रोक दिया गया है और इन्हें बिना बताए छुट्टी लेने की वजह बताने को कहा गया है।
इधर, वित्तीय वर्ष 2023-24 के तहत जिले के स्कूलों में असैनिक कार्य निर्माण के लिए कुल 1142.70491 लाख राशि निर्गत की गई थी। इस राशि से स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय निर्माण, प्रधानाध्यापक का कक्ष सहित स्कूलों में अन्य असैनिक कार्य किया जाना है। लेकिन, जब इसकी जांच की गई तो पता चला कि जिले 25 स्कूलों में कार्य ही शुरू नहीं किया गया है। वहीं, अपर मुख्य सचिव केके पाठक शनिवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, पटना का निरीक्षण करेंगे।