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07-Mar-2021 05:50 PM
PATNA : बिहार में पूर्ण रूप से शराबबंदी है. राज्य की पुलिस के कंधों के ऊपर मुख्यमंत्री के सपने को साकार करने की बड़ी जिम्मेदारी है. सीएम नीतीश लगातार लॉ एंड आर्डर की मीटिंग में शराबबंदी कानून को जमीन पर को सही तरीके से लागू करने और इस कानून को तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने का निदेश देते आ रहे हैं. बीते 15 फ़रवरी को मधनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की अहम बैठक में सीएम नीतीश ने यह निर्णय लिया कि अगर कोई भी पुलिसवाला शराब पीते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल बर्खास्त कर दें. यानी कि उसकी नौकरी चली जाएगी. अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या सच में सरकार इतना कड़ा रुख अख्तियार करने जा रही है.
दरअसल जन अधिकार पार्टी प्रमुख पप्पू यादव ने सरकार पर हमला बोला है. पूर्व सांसद ने पुलिस डिपार्टमेंट को कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया है. पप्पू ने पुलिसवालों के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "थाने में बैठे 80% पुलिसकर्मी रोज शराब का सेवन करते हैं. सरकार को अब नेताओं और पुलिस के जवानों का भी ब्लड टेस्ट कराना चाहिए. आज हालात यह है बिहार के 80% थानों में बैठे पुलिसकर्मी हर दिन शराब के नशे में डूबे रहते हैं." अब ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि पप्पू यादव के दावे में कितनी सच्चाई है.
पुलिसवालों के आलावा पप्पू यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किये हैं. उन्होंने कहा कि "नीतीश सरकार अपने भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने में लगी है. बिहार सरकार ने इकोनॉमिकल ऑफेंस लगे 18 अधिकारियों के संपत्ति की फाइल दबा रखी है. सरकार भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करने से परहेज करती हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह जवाब देना चाहिए कि इकोनॉमिकल ऑफेंस लगे इन अधिकारियों के संपत्ति की जांच कब की जाएगी."

गौरतलब हो कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले महीने 15 फ़रवरी को मधनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की अहम बैठक में सीएम नीतीश ने यह निर्णय लिया. उन्होंने साफ़ निर्देश दिया है कि बिहार के पुलिसकर्मियों ने शराब नहीं पीने की शपथ ली है. अगर कोई भी पुलिसवाला शराब का सेवन करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे तत्काल उसी समय डिसमिस कर दिया जाये. अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल बर्खास्त कर दिया जाये. सीएम ने कहा कि सभी चौकीदारों को भी एक-एक चीज की जानकारी होती है. गड़बड़ी पाए जाने पर ऐसे चौकीदारों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाये.

इस बैठक में मधनिषेध और उत्पाद विभाग के कमिश्नर बी कार्तिकेय धनजी, मंत्री सुनील कुमार, मुख्य सचिव दीपक कुमार, गृह सचिव आमिर सुबहानी और आईजी अमृत राज भी उपस्थित थे. बैठक में सीएम नीतीश ने कहा कि शराब का अवैध धंधा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है. साथ ही गड़बड़ी करने वालों को भी सजा दी जा रही है. बिहार में शराबबंदी से पहले शराब का धंधा करने वाले अब क्या कर रहे हैं, विभाग इसकी जानकारी जुटाए.