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जमुई में हार्डकोर नक्सली राकेश दा उर्फ दिलीप दास गिरफ्तार, प्रतिबंधित नक्सली साहित्य भी बरामद

09-May-2023 07:44 PM

By Dhiraj Kumar Singh

JAMUI: जमुई के कचहरी चौक से पुलिस ने भाकपा माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य राकेश दा उर्फ दिलीप दास को गिरफ्तार किया है। राकेश दा सोनो थाना क्षेत्र के डोकली गांव का रहने वाला है। इस पर जमुई जिले के विभिन्न थानों में कुल 13 नक्सली मामले दर्ज हैं। राकेश की निशानदेही पर पुलिस ने उसके गांव से प्रतिबंधित नक्सली साहित्य के अलावा कई पुस्तक को बरामद किया है।


मंगलवार को प्रेसवार्ता कर जमुई एसपी डा. शौर्य सुमन ने मीडिया को इस बात की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि गुप्त सूचना मिली कि राकेश दा उर्फ दिलीप दास विशेष कार्य योजना के लिए जमुई के शहरी इलाके में घूम रहा है। सूचना मिलते ही मेरे नेतृत्व में एक टीम का गठन कर जमुई के शहरी इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसी क्रम में पुलिस जब कचहरी चौक के पास पहुंची तो वहां भीड़ में एक व्यक्ति का मूवमेंट संदेहास्पद लगा। पुलिस को देख वह व्यक्ति भीड़ का फायदा उठा भागने की कोशिश करने लगा लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम राकेश दा उर्फ दिलीप दास बताया।


नक्सली राकेश दा ने बताया कि 2015 में उसे बिहार-झारखंड सीमांत जोनल कमेटी में जेसीएम का दर्जा दिया गया था। एसपी ने बताया कि राकेश दा 90 के दशक से ही संगठन से जुड़ा है। 2003 में वह एक प्रमुख कम्युनिस्ट विचारक के माध्यम से भारत नौजवान सभा में शामिल हुआ। इसके बाद 2007 में वह बीड़ी मजदूर संगठन सोनो में शामिल होकर सरकार विरोधी आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। पूछताछ में उसने यह भी स्वीकार किया कि पिंटू राणा व करुणा दी के साथ रहते हुए कई नक्सल घटनाओं में शामिल रहा। 


बाद में पार्टी के कई नेताओं की गिरफ्तारी व मुठभेड़ में मारे जाने के बाद सहदेव सोरेन के निर्देश पर बिहार के जमुई, बांका के अलावा झारखंड के गिरीडीह तथा देवघर के इलाके में गोपनीय रूप से संगठन का प्रचार-प्रसार कर संगठन को मजबूत बनाने का कार्य कर रहा था। एसपी ने कहा कि राकेश दा उर्फ दिलीप की गिरफ्तारी से नक्सली संगठन को बड़ा नुकसान पहुंचा है। गिरफ्तारी टीम में एएसपी अभियान ओंकारनाथ सिंह, एसडीपीओ डा. राकेश कुमार, डीएसपी मुख्यालय अभिषेक कुमार सिंह के अलावा नगर थानाध्यक्ष राजीव कुमार तिवारी, सोनो थानाध्यक्ष चितरंजन कुमार, एसटीएफ व जिला आसूचना इकाई के पुलिसकर्मी शामिल थे।