ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Crime News: हत्या के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच आरोपी अरेस्ट Bihar Crime News: हत्या के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच आरोपी अरेस्ट Bihar News: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होगी बिहार की यह पहली सरकारी कंपनी, IPO लाने की प्रक्रिया शुरू; कोई भी लगा सकता है पैसा Bihar News: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होगी बिहार की यह पहली सरकारी कंपनी, IPO लाने की प्रक्रिया शुरू; कोई भी लगा सकता है पैसा RTI के तहत प्राइवेट स्कूलों में क्लास 1 में नामांकन की तिथि बढ़ी, अब इतने तारीख तक करें आवेदन 22 साल बाद भारतीय सेना से रिटायर हुए नरेश प्रसाद, नक्सल प्रभावित गांव में हुआ भव्य स्वागत Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में नीतीश-तेजस्वी का मजेदार संवाद, सीएम ने कहा- “बैठो न यार”, हल्की-फुल्की नोक-झोंक बनी चर्चा Budget Session : विधानसभा में विजय सिन्हा और भाई वीरेंद्र के बीच भिडंत, स्पीकर ने संभाली स्थिति Bihar Budget Session : बिहार विधानसभा में गरमाई सियासत: तेजस्वी यादव ने सरकार पर लगाए आरोप, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा - तुमलोग कुछ काम किए हो जी Budget Session : सेंट्रल हॉल में क्या हुआ था CM नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच बातचीत, सदन में नेता विपक्ष ने बताई पूरी कहानी

बिहार के सभी ITI की होगी विशेष जांच, गड़बड़ी पाए जाने पर मान्यता होगी रद्द

बिहार के सभी ITI की होगी विशेष जांच, गड़बड़ी पाए जाने पर मान्यता होगी रद्द

05-Feb-2020 11:55 AM

PATNA : बिहार के सभी ITI की विशेष जांच की जाएगी. इन सभी संस्थानों की थर्ड पार्टी जांच केंद्र सरकार कराएगी और उसी के आधार पर सभी संस्थानों को अनुदान दिया जाएगा. इसके साथ ही संस्थान का ग्रेडिंग भी किया जाएगा. अच्छी ग्रेडिंग होने पर संस्थान को विशेष अनुदान दिया जाएगा. 

थर्ड पार्टी इसकी जांच करेगी कि संस्थान में छात्रों को कैसी सुविधा मिल रही है. बता दें कि पहले केंद्र सरकार ने सभी संस्थानों से सेल्फ एसेसमेंट कर बुनियादी सुविधाओं का ब्यौरा मांगा था. सभी संस्थानों ने संसाधनों की जानकारी डीजीटी को दे दी है. जिसके बाद अब डीजीटी आईटीआई संचालकों की तरफ से दी गई जानकारी की जांच में जुट गया है. 

बता दें कि बिहार में 149 सरकारी और 11 सौ से अधिक प्राइवेट ITI हैं. सरकारी जांच एजेंसी से इतने अधिक मात्रा में जांच संभव नहीं है. इसलिए डीजीटी ने थर्ड पार्टी से जांच कराने का फैसला लिया है. जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि संस्थान ने जितने संसाधनों की जानकारी दी है, उतना उसके पास है या केवल कागजों पर किया गया दिखावा. संस्थानों की ओर से दिए गए ब्योरे और जांच में अंतर पाए जाने पर उसकी मान्यता रद्द की जाएगी.