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08-Mar-2020 03:22 PM
DESK : होली की विशेषता उसके रंगों से है. ये रंग और गुलाल पुरे माहौल को रंगीन बना देते है.इस खुशी के त्यौहार को मिलावट वाले रंग फीका कर रहे है. केमिकल वाले रंग हमारे त्वचा और आंखों के लिए बहुत नुकसान दायक है.सिंथेटिक रंगों में हाइड्रोकार्बन, हाइड्रो क्यूनोंस, पैराबेन्स जैसे कई हानिकारक केमिकल मिले होते है. इन रंगो के इस्तेमाल से बहुत सारी त्वचा सम्बंधित बीमारियां भी होने लगी है.सिंथेटिक रंगो में हाइड्रोकार्बन, हाइड्रो क्यूनोंस, पैराबेन्स जैसे कई हानिकारक केमिकल मिले होते है. खुजली, जलन, त्वचा का लाल या काला होनाचेहरे में सूजन जैसी समस्या आम बात है.कभी-कभी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है.इस होली आइये हम अपने रंग खुद बनाये.
लाल रंग
लाल रंग बनाने के बहुत सारे तरीके है. सुर्ख लाल रंग बनाने केलिए आप कुछ दिन पहले से गुड़हल के सूखे फूल जमा करें, जब रंग बनाने लायक पर्याप्त फूल हो जायें तो उन्हें पीस लें। अब उसमें 4 बड़े चमच्च आटा मिला लें. सूखा लाल रंग बन के तैयार है.
चुकंदर के इस्तेमाल से भी लाल रंग बनाया जा सकता है. इसे बनाना बहुत आसान है. चुकंदर को घिसकर सूखा लें जब वो अच्छी तरह सुख जाये तो उसे पीस कर पाउडर बना लें,मैदा या चावल का आटा मिला कर रंग तैयार कर लें.
गुलाब की खुसबू हम सभी को पसंद है. उसकी पंखुड़ीयों से भी लाल रंग बनाया जा सकता है.गुलाब के सूखे फूल को पीस कर मुल्तानी मिटटी मिला कर रंग तैयार कर सकते है.
पीला रंग
पीला रंग बनाना सबसे आसान है. इस रंग को हल्दी के इस्तेमाल से बड़ी ही आसानी से बनाया जा सकता है. हल्दीके गुणों से तो सभी वाकिफ हैं. एक कटोरी हल्दी पाउडर में दो कटोरी बेसन मिला कर पीला रंगबनाया जा सकता है. ये पीला रंग बच जाये तो बाद में आप अपने चेहरे पर लगा कर अपनीखूबसूरती बनाये रख सकते है.
केसरिया रंग
केसरिया रंग बनाने के लिए पलाश या टेसू के फूलों को सुखा कर पीस लें अब इसमें आरारोट या मैदा में मिला कर रंग तैयार कर लें.
नीला रंग
खाने में पड़ने वाला नीला रंग 2 चमच्च पानी में अच्छी तरह मिला लें. अब इस घोल को चावल के आटे में अच्छी तरह मिला दें।चावल थोड़ा गिला हो जायेगा इसलिए इसे पुरे दिन धूप में अच्छी तरह सूखा लें। लीजिये आपका नीला रंग तैयारहै.
हरा रंग
हरा रंग सूखे पत्ते से बनाया जाता है. इसके लिए आप पालक, धनिया, पुदीना के पत्ते काउपयोग कर सकते है.सुखे मेहंदी के पत्ते को पीस कर भी हरा रंग बनाया जा सकता है. इन रंगो का इस्तेमालआप बिना किसी चिंता के कर सकते है.किचन में इस्तेमाल होने वाली चीजों से बनें ये रंग आपके स्किन को कोई नुकसाननहीं पहुंचतेसाथ ही बाजार में मिलने वाली महंगी आर्गेनिक कलर की तुलना में सस्ता भी है.
DESK : होली की विशेषता उसके रंगों से है. ये रंग और गुलाल पुरे माहौल को रंगीन बना देते है.इस खुशी के त्यौहार को मिलावट वाले रंग फीका कर रहे है. केमिकल वाले रंग हमारे त्वचा और आंखों के लिए बहुत नुकसान दायक है.सिंथेटिक रंगों में हाइड्रोकार्बन, हाइड्रो क्यूनोंस, पैराबेन्स जैसे कई हानिकारक केमिकल मिले होते है. इन रंगो के इस्तेमाल से बहुत सारी त्वचा सम्बंधित बीमारियां भी होने लगी है.सिंथेटिक रंगो में हाइड्रोकार्बन, हाइड्रो क्यूनोंस, पैराबेन्स जैसे कई हानिकारक केमिकल मिले होते है. खुजली, जलन, त्वचा का लाल या काला होनाचेहरे में सूजन जैसी समस्या आम बात है.कभी-कभी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है.इस होली आइये हम अपने रंग खुद बनाये.
लाल रंग
लाल रंग बनाने के बहुत सारे तरीके है. सुर्ख लाल रंग बनाने केलिए आप कुछ दिन पहले से गुड़हल के सूखे फूल जमा करें, जब रंग बनाने लायक पर्याप्त फूल हो जायें तो उन्हें पीस लें। अब उसमें 4 बड़े चमच्च आटा मिला लें. सूखा लाल रंग बन के तैयार है.
चुकंदर के इस्तेमाल से भी लाल रंग बनाया जा सकता है. इसे बनाना बहुत आसान है. चुकंदर को घिसकर सूखा लें जब वो अच्छी तरह सुख जाये तो उसे पीस कर पाउडर बना लें,मैदा या चावल का आटा मिला कर रंग तैयार कर लें.
गुलाब की खुसबू हम सभी को पसंद है. उसकी पंखुड़ीयों से भी लाल रंग बनाया जा सकता है.गुलाब के सूखे फूल को पीस कर मुल्तानी मिटटी मिला कर रंग तैयार कर सकते है.
पीला रंग
पीला रंग बनाना सबसे आसान है. इस रंग को हल्दी के इस्तेमाल से बड़ी ही आसानी से बनाया जा सकता है. हल्दीके गुणों से तो सभी वाकिफ हैं. एक कटोरी हल्दी पाउडर में दो कटोरी बेसन मिला कर पीला रंगबनाया जा सकता है. ये पीला रंग बच जाये तो बाद में आप अपने चेहरे पर लगा कर अपनीखूबसूरती बनाये रख सकते है.
केसरिया रंग
केसरिया रंग बनाने के लिए पलाश या टेसू के फूलों को सुखा कर पीस लें अब इसमें आरारोट या मैदा में मिला कर रंग तैयार कर लें.
नीला रंग
खाने में पड़ने वाला नीला रंग 2 चमच्च पानी में अच्छी तरह मिला लें. अब इस घोल को चावल के आटे में अच्छी तरह मिला दें।चावल थोड़ा गिला हो जायेगा इसलिए इसे पुरे दिन धूप में अच्छी तरह सूखा लें। लीजिये आपका नीला रंग तैयारहै.
हरा रंग
हरा रंग सूखे पत्ते से बनाया जाता है. इसके लिए आप पालक, धनिया, पुदीना के पत्ते काउपयोग कर सकते है.सुखे मेहंदी के पत्ते को पीस कर भी हरा रंग बनाया जा सकता है. इन रंगो का इस्तेमालआप बिना किसी चिंता के कर सकते है.किचन में इस्तेमाल होने वाली चीजों से बनें ये रंग आपके स्किन को कोई नुकसाननहीं पहुंचतेसाथ ही बाजार में मिलने वाली महंगी आर्गेनिक कलर की तुलना में सस्ता भी है.