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13-Jan-2024 07:11 PM
By First Bihar
MUZAFFARPUR: डॉक्टर को लोग धरती का भगवान मानते हैं। समाज में डॉक्टरों को काफी इज्जत दी जाती है। इन्हें लोग नाम से नहीं बल्कि डॉक्टर साहेब ही कहकर बुलाते हैं। लेकिन कुछ डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मरीजों को भारी परेशानियों से जुझना पड़ता है कभी-कभी तो जान तक चली जाती है। मुजफ्फरपुर के सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने ऐसा काम किया कि बच्चे की जान चली जाती। सरकारी डॉक्टर के इस करतूत के सामने आने के बाद लोग भी हैरान हैं। लोग तरह-तरह की चर्चा करने लगे हैं।
दरअसल मुजफ्फरपुर SKMCH के डॉक्टर की लारवाही ने एक बच्चे जिन्दगी मुसीबत में डाल दी। बच्चे का पैर फ्रेक्चर होने के बाद डॉक्टर ने टांका लगाने वाली सुई को बिना बाहर निकाले ही प्लास्टर चढ़ा दिया। प्लास्टर में सुई होने के कारण बच्चे के पैर में दर्द होने लगा। बच्चा दर्द से कराहने लगा जिसके बाद परिजन उसे लेकर प्राइवेट क्लिनिक ले गये तब दर्द होने के कारणों का पता चला।
जब प्राइवेट क्लिनिक के डॉक्टर ने फ्रैक्चर हुए पैर के एक्सरे कराया तब पता चला कि प्लास्टर के अंदर सुई है। जिसे जानकर परिजनों के भी होश उड़ गये। 11 दिन तक पैर में सुई रहने के कारण बच्चे के पैर में इन्फेक्शन फैल गया।
परिजनों को पता चला कि जिस पैर में प्लास्टर चढ़ाया गया उसके अंदर सुई छोड़ दिया गया है। जिसे प्लास्टर से बाहर निकाला गया जिसके बाद बच्चे का दर्द कम हुआ। प्राइवेट डॉक्टर ने परिजनों से कहा कि शुक्र है कि समय रहते इसे लाया गया नहीं तो पैर काटने की नौबत आ जाती। एसकेएमसीएच के डॉक्टर की इस करतूत से लोग भी आश्चर्यचकित है। अब देखना यह होगा इस मामले पर मुजफ्फरपुर सिविल सर्जन क्या कार्रवाई करते हैं?