ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News : एक ही परिवार से उठी दो अर्थी, मामा-भांजे की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत IAS SUCCESS STORY : छोटे से गांव का बड़ा कमाल : कोचिंग नहीं की… फिर भी UPSC में टॉप! पटना के इशित्व ने कर दिखाया कमाल; सक्सेस स्टोरी हो रही वायरल Bihar Ration Card eKYC : बिहार में राशन कार्डधारियों को इस डेट तक हर हाल में करना होगा यह काम, डेढ़ करोड़ लाभुकों का कट सकता है नाम BJP सांसदों को जारी हुआ व्हिप: 9 और 10 मार्च को सदन में हर हाल में उपस्थित रहना होगा, जानें वजह LPG Price Hike : घरेलू रसोई गैस सिलेंडर महंगा, 14.2 किलो LPG के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी, आज से लागू नया रेट बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इस पर बेकार की माथापच्ची हो रही है: नीतीश खुद तय कर चुके हैं उत्तराधिकारी का नाम, इस नेता की होगी ताजपोशी Bihar Teacher News: बिहार के 31 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का बड़ा एक्शन Bihar Teacher News: बिहार के 31 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का बड़ा एक्शन होली के दिन ट्रैफिक रूल तोड़ना पड़ा भारी: पटना में कटा डेढ़ करोड़ से अधिक का चालान, इतने वाहनों हुई अबतक की सबसे बड़ी वसूली होली के दिन ट्रैफिक रूल तोड़ना पड़ा भारी: पटना में कटा डेढ़ करोड़ से अधिक का चालान, इतने वाहनों हुई अबतक की सबसे बड़ी वसूली

नालंदा का CRPF जवान रौशन छत्तीसगढ़ में शहीद, फतेहपुर गांव में पसरा मातम

31-Jul-2019 08:21 PM

By 7

NALANDA : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के बादली में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी धमाके में नालंदा के सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हो गया. जवान के शहीद होने की खबर मिलते ही उसके पैतृक गांव में मातम पसर गया. शहीद जवान का नाम रौशन कुमार CRPF की 195 बटालियन में तैनात थे. घर वालों का रो रोकर बुरा हाल हो गया है. बुधवार को सुबह गश्त से लौट रहा था तभी नक्‍सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी धमाके की चपेट में आने से जवान शहीद हो गए थे. शहीद रौशन मुख्य रूप से सिलाव प्रखंड के फतेहपुर गांव के रहने वाले थे. उनके पिता प्रताप राम हैं. रौशन महज 23 साल के एक युवक थे. रौशन का जन्म 13 जनवरी 1996 को हुआ था. प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई. महाबोधी कॉलेज से इंटर करने के बाद दो साल पहले 2017 में काफी छोटी उम्र में ही रौशन का चयन सीआरपीएफ में हो गया था. उनके शहीद होने की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातमी सन्नाटा छा गया. घर वालों के चीख चीत्कार से गांव में सबकी आंखें नम हो गईं. छोटे भाई पुटुस ने बताया कि मंगलवार की रात भैया से उसकी बात हुई थी. एक महीना पहले 24 जून को छुट्टी से वापस ड्यूटी पर गये थे. शहीद के पिता प्रताप राम ने कहा कि उनको अपने बेटे की शहादत पर फक्र है. उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनका खून देश के काम आया. नालंदा से राज की रिपोर्ट