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08-Aug-2022 08:55 PM
PATNA: बिहार में सियासी उलटफेर की खबरों के बीच कांग्रेस ने बड़ा ऐलान कर दिया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को समर्थन देने का ऐलान किया है। लेकिन एक शर्त रखी गयी है कि बीजेपी छोड़ेंगे तब ही यह संभव हैं।
पटना में सोमवार की देर शाम कांग्रेस की हुई बैठक में इस बात का ऐलान किया गया कि बीजेपी का साथ छोड़ने पर बिना किसी शर्त के कांग्रेस नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जेडीयू को समर्थन देगी। कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को एकजुट रहने का निर्देश दिया है। बता दें कि ठीक इसी तरह का ऐलान भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने भी किया है।
वही कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को पटना में रहने का निर्देश दिया है। विधानमंडल दल के नेता अजीत शर्मा का कहना था कि बिहार में तेजी से राजनीतिक घटनाक्रम बदल रहा है। ऐसे में कांग्रेस की नजर सभी प्रकार की बदलती परिस्थितियों पर है।
जबकि कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास का कहना था कि बिहार में नीतीश कुमार यदि बीजेपी का साथ छोड़ते हैं तो कांग्रेस बिना शर्त नीतीश कुमार को अपना समर्थन देगी। कांग्रेस नेता ने अपने प्रभारी को भी नीतीश को समर्थन करने पर अपनी सहमति दे दी है।
वहीं भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने नीतीश कुमार को समर्थन देने का एलान किया है. दीपंकर ने कहा है कि अगर नीतीश भाजपा का साथ छोड़ते हैं तो माले ही नहीं बल्कि बिहार के तीन वाम दल उन्हें समर्थन देने को तैयार हैं. बिहार विधानसभा में वाम दलों के 16 विधायक हैं जिसमें 12 माले के और 2-2 सीपीआई और सीपीएम के हैं.
बिहार में बीजेपी-जेडीयू गठबंधन में टूट और जेडीयू-आरजेडी महागठबंधन सरकार बनने की अटकलों के बीच माले महासचिव ने कहा है कि अगर जदयू भाजपा का साथ छोड़ती है तो वामपंथी पार्टियां नीतीश कुमार का समर्थन करेंगी. दीपंकर ने एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए ये बातें कही है.
उन्होंने कहा कि वैसे भी BJP नीतीश कुमार को धोखा देने वाली है. दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा है कि अगर नीतीश कुमार भाजपा के साथ मिलकर एनडीए सरकार चलाते रहते हैं तो उनका हाल महाराष्ट्र जैसा होगा. BJP ने जैसे महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे को एकनाथ शिंदे के जरिए हटाया वैसे ही 2024 से पहले नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटा देगी.
माले के महासचिव ने कहा है कि वामपंथी पार्टियां धर्मनिरपेक्ष सरकार का समर्थन कर सकती हैं. माले समेत CPI और CPM नीतीश कुमार का समर्थन करेंगें अगर वे BJP का साथ छोड़ दें.
उधर, सीपीएम पोलित ब्यूरो के सदस्य नीलोत्पल बसु ने भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर बिहार में नया समीकरण बनता है तो यह अच्छी बात होगी. अगर बीजेपी का प्रभाव खत्म किया जाता है तो हम इसका स्वागत करेंगे. हालांकि बसु ने कहा कि सीपीएम अभी हालात पर नजर रख रही है और किसी ऐसा होगा, वैसा होगा जैसे सवाल पर जवाब नहीं देगी।