Bihar News : JDU विधायक के बेटे की सड़क हादसे में मौत, घर से 500 मीटर दूर पेड़ से टकराई थार बेगूसराय में बारात का ‘टशन’ पड़ा भारी: हथियार लहराने वाले 4 के खिलाफ FIR दर्ज, छापेमारी जारी VAISHALI: गोरौल नगर पंचायत कचरा डंपिंग जोन में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी समस्तीपुर पुलिस की बड़ी सफलता: हथियार और कारतूस के साथ तीन शातिर अपराधी गिरफ्तार बिहार एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: बिहार और यूपी में वांछित दो कुख्यात नक्सली को दो जिलों से दबोचा गोपालगंज: दहीभाता पुल लूटकांड का खुलासा, तीन नाबालिग समेत पांच आरोपी गिरफ्तार 22,771 सिपाही बहाली के लिए सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन जारी, CSBC ने दी यह चेतावनी मुशहरी में जन संवाद में फूटा जनाक्रोश: विधायक बेबी कुमारी ने दिया अल्टीमेटम, भ्रष्टाचार बंद करो वरना होगी कार्रवाई मुजफ्फरपुर: कल इन इलाकों में घंटों गुल रहेगी बिजली, मेंटेनेंस को लेकर विभाग ने जारी किया अलर्ट लाइव रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकार पर मिसाइल हमला, बाल-बाल बची जान, देखिये वायरल वीडियो
08-Nov-2023 03:32 PM
By MANOJ KUMAR
MUZAFFARPUR: बड़ी खबर मुजफ्फरपुर से आ रही है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर हुआ है। मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया गया है। सदन में महिलाओं के खिलाफ दी गई टिप्पणी के खिलाफ अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने कोर्ट में परिवाद दायर किया है। मामले पर आगामी 25 नवंबर को कोर्ट सुनवाई करेगा।
दरअसल, बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में जातीय गणना पर चर्चा के दौरान महिला और पुरुष के संबंधों के लेकर ऐसी बात कह दी कि सदन के भीतर बैठी महिला विधायक शर्मसार हो गईं और अपने पल्लू में मुंह छिपा लिया। मुख्यमंत्री ने जिस तरह से प्रजनन दर बढ़ने और घटने की व्याख्या की उसको लेकर लगातार नाराजगी जताई जा रही है। सड़क से लेकर सदन तक मुख्यमंत्री के बयान की निंदा हो रही है। खुद प्रधानमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार ने पूरी दुनिया में देश की नाक कटा दी है।
अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मुजफ्फरपुर की कोर्ट में परिवाद दायर हुआ है। मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री के खिलाफ परिवाद दायर कराया है। मुख्यमंत्री पर आरोप है कि उन्होंने एक संवैधानिक पद पर रहते हुए जिस तरीके से अमर्यादित टिप्पणी की उससे महिलाओं और लड़कियों को शर्मसार एवं लज्जा भंग किया है, जो पूरी तरह से गलत है। कोर्ट ने परिवार को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। इस मामले पर आगामी 25 नवंबर को सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई है।