घर के बाहर खेल रही चार साल की मासूम को मारी गोली, सिर के आर-पार हुई बुलेट; हालत नाजुक बिहार के तीन लापरवाह थानेदार पर गिरी गाज, एसपी ने ले लिया बड़ा एक्शन; पुलिस महकमे में मचा हड़कंप Bihar News : पटना में अब घर बैठे मिलेगी जिंदा मछली! 10 जगहों पर खुलेंगे मॉडर्न फिश आउटलेट, देखें पूरी लिस्ट Amazon Parcel Scam : Amazon पार्सल में शराब का खेल! मछली दाना के नाम पर 314 लीटर तस्करी का खुलासा; पढ़िए पूरी खबर Bihar Accident : शराब लदी कार का कहर! दुकान खोल रहे बुजुर्ग को रौंदा, मौत के बाद ग्रामीणों ने किया सड़क जाम Bihar crime news : बिहार में खौफनाक वारदात! सरेराह दो राहगीरों को मारी 5 गोली, खून से लथपथ सड़क, दहशत में लोग Matric Result 2026: आज खत्म होने वाला है इंतजार : बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 इस समय जारी होगा; जल्दी देखें अपना रिजल्ट Bihar News : आज नहीं देंगे इस्तीफा! आखिरी समय में बदला प्लान, क्या 30 मार्च से पहले फैसला लेंगे नितिन नवीन? Bihar Police : बिहार पुलिस में बड़ा बदलाव! अब मिनटों में मिलेगा प्रमोशन और पैसा, खत्म होगी फाइलों की देरी Bihar News : युद्ध का खतरा बढ़ा तो बिहार सरकार एक्शन में! राशन-गैस से लेकर प्रवासियों तक सब पर बनी खास टीम, यह IAS अधिकारी होंगे हेड
04-Jun-2024 09:49 PM
By First Bihar
PATNA: भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह के काराकाट से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने के बाद चर्चा में आई इस सीट से आखिरकार किसी तीसरे ने बाजी मार ली। एक तरफ जहां उपेंद्र कुशवाहा वोटर्स को गोलबंद नहीं कर सके तो दूसरी तरफ भोजपुरी स्टार पवन सिंह भी चुनावी मैदान में फ्लॉप साबित हो गए। उनकी भूमिका महज एक वोटकटवा की बनकर रह गई।
दरअसल, बीजेपी ने पहली बार पवन सिंह को पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से अपना उम्मीदावर बनाया था लेकिन पवन सिंह से ऐन वक्त पर इस सीट से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया और काराकाट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतर गए। पवन सिंह की सीधी लड़ाई एनडीए के उपेंद्र कुशवाहा से मानी जा रही थी लेकिन दोनों के बीच सीपीआई के राजा राम सिंह ने बाजी मार ली।
सीपीआई के राजा राम सिंह काराकाट से चुनाव जीत गए। पावर स्टार अपनी चुनावी रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ को वोट में नहीं बदल सके और दूसरे नंबर पर चले गए जबकि उपेंद्र कुशवाहा तीसरे पायदान पर रहे। पवन सिंह को निर्दलीय चुनाव लड़ना भारी पड़ गया। चुनाव में न तो स्टारडम काम आया और ना ही पिछड़ी जातियों को वह गोलबंद कर पाए।
पवन सिंह के फ्लॉप होने की एक बड़ी वजह यह रही कि उनके कार्यकर्ता मजबूत नहीं थे, जो लोगों को पवन सिंह के पक्ष में नहीं कर पाए। निर्दलीय चुनाव लड़ने की वजह से मतदाताओं को भोजपुरी पावर स्टार पर भरोसा नहीं था। उनकी रैलियों में भीड़ तो खूब उमड़ी लेकिन उस भीड़ को वह वोट में नहीं बदल पाए। पवन सिंह राजपूत जाति से आते हैं, इसलिए उन्हें राजपूतों का वोट तो मिला लेकिन पिछड़ी जाति के मतदाओं ने उन्हें वोट देने के बजाए सीपीआई के राजाराम सिंह को वोट देना ठीक समझा।