ईरान में फंसे अमेरिकी पायलटों को 36 घंटे में बचाया, ट्रम्प बोले- इतिहास का सबसे साहसी रेस्क्यू CM नीतीश के स्वागत में बवाल: BJP-JDU विधायकों को अंदर जाने से रोका, सुरक्षाकर्मियों से नोकझोंक छापेमारी के दौरान मदरसा से हथियार बरामद, मौलवी सहित 3 को पुलिस ने दबोचा पश्चिम बंगाल विस चुनाव 2026: BJP ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट आरा में पैसे के विवाद में दोस्त ने दोस्त को मारी गोली, युवक की हालत गंभीर बड़े भाई की हत्या का बदला लेने के लिए खुद पर चलवाई गोली, 3 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा बीच सड़क पर रील बनाना पड़ गया महंगा, पुलिस ने कर दी पिटाई, युवक को गाड़ी में जबरन बिठाते वीडियो वायरल पटना में NMCH क्लर्क के घर दिनदहाड़े चोरी, 35 लाख के जेवरात ले उड़े चोर दरभंगा एयरपोर्ट से बेंगलुरु की सीधी उड़ान शुरू, शिक्षा-रोजगार के खुलेंगे नए द्वार दरभंगा एयरपोर्ट से बेंगलुरु की सीधी उड़ान शुरू, शिक्षा-रोजगार के खुलेंगे नए द्वार
25-Aug-2021 04:57 PM
PATNA : बिहार में अब कोविड के नाम पर सार्वजनिक परिवहन के वाहनों में दोगुना भाड़ा वसूली करने वाले बस संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी. कार्रवाई के तहत उनसे जुर्माना लिया जाएगा और वाहनों को जब्त कर परमिट भी रद्द किया जाएगा. इस संबंध में परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने सभी जिला परिवहन पदाधिकारी एवं मोटरयान निरीक्षक को निर्देश दिया है.
परिवहन मंत्री शीला कुमारी के अनुसार, बसों में निर्धारित दर से अधिक भाड़ा वसूली को लेकर कई जिलों से शिकायतें मिल रही थी. बताया जा रहा है कि जब 50 प्रतिशत क्षमता के साथ जब बसें चल रहीं थी तब भी दोगुना भाड़ा लिया जा रहा था अब जबकि पूर्ण क्षमता के साथ बसों का परिचालन किया जा रहा है फिर भी दोगुना भाड़ा लिया जा रहा है.
बस चालकों द्वारा मनमाना भाड़ा वसूल किये जाने से यात्रियों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही यह विभागीय निर्देशों की अवहेलना है. बस संचालकों द्वारा दोगुना भाड़ा लिया जाना गैर कानूनी है. इस पर कार्रवाई के लिए सभी जिलों में विशेष जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है. जांच में मनमाना भाड़ा वसूली की शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित बस मालिकों/चालकों पर जुर्माना लगाया जाएगा और बसों को जब्त करने के साथ परमिट रद्द करने की भी कार्रवाई की जा सकती है.
सभी बस संचालकों/चालकों को निर्देश दिया गया है कि 50 प्रतिशत यात्री क्षमता के प्रावधान के पहले जो किराया लिया जा रहा था वही लिया जाएगा. जांच अभियान के क्रम में संबंधित जिला परिवहन पदाधिकारी और एमवीआई द्वारा यात्रियों से फीडबैक भी लिया जाएगा. अधिक बस भाड़ा से संबंधित शिकायत होने पर संबंधित जिले के जिलाधिकारी या जिला परिवहन पदाधिकारी से कर सकते हैं.