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07-Mar-2020 04:19 PM
By SUSHIL KUMAR
BHAGALPUR : आपने कभी सुना है क्या कि किसी ट्रेन का बर्थडे सेलिब्रेट किया गया हो। शायद ही सुना हो, तो आइए आज आपको बताते हैं, दिखाते हैं ट्रेन का बर्थडे सेलिब्रेशन। ट्रेन के बर्थडे के मौके पर ट्रेन को बिल्कुल बर्थडे ब्वॉय की तरह सजाया गया और अधिकारियों ने बच्चों की तरह लूट-लूट कर खूब केक खाया और खिलाया।
हम बात कर रहे हैं विक्रमशिला एक्सप्रेस की दो पटरी पर पिछले 43 सालों से अनवरत दौड़ रही है।भागलपुर के लोगों के दिलों में बसने वाली ये ट्रेन इलाके के लोगों को सीधे देश की राजधानी दिल्ली से जोड़ती है। इस मौके के खास बनाने के लिए रेलवे ने भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। रेलवे के तमाम अधिकारी इस मौके को यादगार बनाने के लिए भागलपुर स्टेशन पहुंच गये। डीआरएम य़तीन्द्र कुमार ने केक काटा और सबों को बांटा। सभी ने केक खाया है और ट्रेन के लंबी उम्र का विश भी किया।
इस रुट की सबसे महत्वपूर्ण ट्रेन विक्रमशिला एक्सप्रेस की कहानी बड़ी लंबी है। अब यह देश के महत्वपूर्ण ट्रेनों में शुमार है। यह ट्रेन अब राजधानी एक्सप्रेस को टक्कर देती है। विक्रमशिला एक्सप्रेस सात मार्च 1977 को पहली बार पूर्व बिहार के यात्रियों को भागलपुर से लेकर नई दिल्ली तक गई थी। तब इसमें 12 कोच थे और यह कोयले से चलती थी। 1980 से यह ट्रेन पटना जंक्शन से नई दिल्ली जाने वाली मगध एक्सप्रेस के साथ जुड़कर चलने लगी। उस समय विक्रमशिला एक्सप्रेस भागलपुर जंक्शन से 12.15 बजे छूटती थी और पटना से मगध के साथ जुड़कर शाम सात बजे नई दिल्ली के लिए चलती थी।
वाजयेपी सरकार में तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार ने विक्रमशिला एक्सप्रेस को मगध से अलग कर दिया। इसके बाद यह फिर से भागलपुर से आनंद विहार के लिए स्वतंत्र रूप से चलने लगी। वर्षों तक यह ट्रेन आइसीएफ रैक (नीली रंग) से चली। 2017 में देश की नवीनतम तकनीक से बनी एलएचबी रैक से ट्रेन को सुसज्जित किया गया। अभी यह ट्रेन 22 कोचों के साथ चल रही है। भागलपुर से आनंद विहार टर्मिनल की 1209 किमी की दूरी करीब 21 घंटे में तय करती है। इसका परिचालन तीन रैकों से हो रहा है।