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17-Nov-2020 11:26 AM
DESK : भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित पंडित बिरजू महारज, भारती शिवाजी सहित कई दिग्गज कलाकारों को दिल्ली में आवंटित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है. इस पर उन कलाकारों ने आपत्ति जताई है और सरकार के नोटिस को अपमानजनक बताया है.
बता दें कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने अक्टूबर 2020 में कलाकारों, नर्तकों और संगीतकारों सहित कुल 27 प्रतिष्ठित कलाकारों को नोटिस जारी कर उन्हें दिल्ली में आवंटित सरकारी आवास 31 दिसंबर तक खाली करने को कहा था. साथ ही ऐसा नहीं करने पर सार्वजनिक परिसर कानून के तहत सारे आवासों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू करने की बात भी कही गई थी.
जिन कलाकारों को आवास खाली करने का नोटिस दिया गया है, उनमें जतिन दास, पंडित भजन सपोरी, पंडित बिरजू महाराज, रीता गांगुली और उस्ताद एफ. वसीफुद्दीन डागर शामिल हैं. कलाकारों का कहना है कि वह सकते में हैं और उन्होंने अभी तय नहीं किया है कि क्या करना है.
मशहूर कलाकार जतिन दास का कहना है, "मैं यह सोचकर शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं कि अपने काम और देश को 16 साल का समय देने के बाद भी अगर मैंने मकान खाली नहीं किया तो सड़क पर आ जाऊंगा." शहर में उनके अपने मकान क्यों नहीं है, यह समझाते हुए दास, शिवाजी और राव ने कहा कि उन्हें जो पैसे मिलते हैं, वे सृजन के काम में लग जाते हैं. अगले महीने 80 साल के हो रहे दास का कहना है, "मैं कोई व्यावसायिक कलाकार नहीं हूं. मैं कला के व्यापार में नहीं हूं. मेरी पेंटिग से जो भी कमाई होती है, उसे मैं अपनी अगली पेंटिंग बनाने का सामान जुटाने में लगा देता हूं."
सुनील कोठारी ने कहा,"88 साल की उम्र में मुझे 'गेट आउट' (बाहर निकलो) का नोटिस भेजा जा रहा है, मैं अपमानित महसूस कर रहा हूं. मुझे उस जगह से निकाला जा रहा है, जो पिछले 20 साल से मेरा घर है." दुनिया भर में अपने ‘पंखा कलेक्शन’ के लिए मशहूर पेंटर जतिन दास का कहना है कि ‘अपराधी’ की तरह व्यवहार किए जाने से वह ‘अपमानित’ महसूस कर रहे हैं.