ब्रेकिंग न्यूज़

Howrah Vande Bharat delay : रेल यात्री ध्यान दें! गया–कोडरमा रेलखंड पर निर्माण कार्य से वंदे भारत समेत कई ट्रेनें 15 दिनों तक रहेंगी प्रभावित, देखें नया टाइम टेबल Bihar Khasmahal Land News : खासमहाल जमीन पर सरकार सख्त, रद्द होगी इन 12 जिलों में बंदोबस्ती; पढ़िए क्या है वजह NEET student death case : पटना NEET छात्रा मौत केस: 10 और लोगों का होगा DNA टेस्ट, CBI जांच की तैयारी तेज; हॉस्टल सुरक्षा पर सख्ती Bhojpur rail project : बिहार में इस रेलखंड का होगा दोहरीकरण, इन शहरों को मिलेगी नई रफ़्तार; जानिए क्या है ख़ास Bihar Assembly : बिहार विधान मंडल में आज भी हंगामे के आसार, महिला सुरक्षा और अपराध पर सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष Bihar bus accident : बिहार में भीषण सड़क हादसा: बस-कार की जोरदार टक्कर में दो की मौत, गैस कटर से निकाले गए शव मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: दो लाख तक की मदद के लिए महिलाओं को देने होंगे हज़ारों रुपए, आसान भाषा में समझें पूरा नियम Bihar MDM Scheme : अब नहीं होगी वेतन की टेंशन! स्कूलों में काम करने वाले इनलोगों को अब इस तरह से मिलेगी हर सूचना; बैंक के चक्कर खत्म school staff action : 11 फरवरी को बिहार के स्कूलों में सभी कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य, वरना चली जाएगी नौकरी; डायरेक्टर ने जारी किया आदेश Bihar Job Camp 2026 : बिहार में 10-25 फरवरी तक मेगा भर्ती, 150 पदों पर ऑन-स्पॉट चयन; आप भी इस तरह कर सकते हैं अप्लाई

बिहार में इस सीट से रामविलास पासवान ने RJD से भरा पर्चा, वहीं पिता ने निर्दलीय किया नामांकन

बिहार में इस सीट से रामविलास पासवान ने RJD से भरा पर्चा, वहीं पिता ने निर्दलीय किया नामांकन

15-Oct-2020 12:47 PM

BHAGALPUR : बिहार विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा. अभी तक कुछ सीटों पर देवरानी-जेठानी तो कहीं भवह-भैंसुर  आमने सामने है.

एक ऐसा ही मुकाबलाभागलपुर जिले की पीरपैंती विधानसभा क्षेत्र से भी देखने को मिलेगा. जहां से तत्कालिन विधायक रामविलास पासवान ने राजद प्रत्याशी के तौर पर नामांकन किया. तो वहीं उनके सामने मैदान में उनके ही पिता ने उनके खिलाफ पर्चा भरा है. उनके पिता उधाली पासवान ने मैदान में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा है. 

बताया जा रहा है कि उधाली पासवान ने अपने विधायक पुत्र रामविलास पासवान के साथ चौथी बार पर्चा भरा है. इसके पहले दो बार विधायक के लिए तो एक बार मुखिया पद के लिए दोनों ने नामांकन का पर्चा साथ-साथ दाखिल किया था.इसके पीछे का कारण क्या है इसे लेकर सभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं. विधायक के पिता कभी नाम वापस नहीं लेते हैं तथा चुनाव तक खड़े रहते हैं.