BJP विधायक के बेटे को रौब दिखाना पड़ा महंगा, जाम में हूटर बजाने पर SDM से भिड़े; फॉर्च्यूनर सीज BJP विधायक के बेटे को रौब दिखाना पड़ा महंगा, जाम में हूटर बजाने पर SDM से भिड़े; फॉर्च्यूनर सीज इलाज कराने आई बच्ची के साथ दरिंदगी… छपरा के अस्पताल में शर्मनाक वारदात, आरोपी कर्मी गिरफ्तार NSMCH बिहटा में तीन दिवसीय बीसीएमई कार्यशाला सम्पन्न, वर्कशॉप में 30 डॉक्टरों ने लिया हिस्सा NSMCH बिहटा में तीन दिवसीय बीसीएमई कार्यशाला सम्पन्न, वर्कशॉप में 30 डॉक्टरों ने लिया हिस्सा 1 करोड़ का इनामी नक्सली प्रशांत बोस उर्फ किशन दा का निधन, 15 जवानों की हत्या का था आरोपी, सैकड़ों वारदातों को दे चुका अंजाम अजब प्रेम की गजब कहानी: बिहार राज्य महिला आयोग में हाई वोल्टेज ड्रामा, प्रेमी ने भारी विरोध के बीच प्रेमिका की भरी मांग अजब प्रेम की गजब कहानी: बिहार राज्य महिला आयोग में हाई वोल्टेज ड्रामा, प्रेमी ने भारी विरोध के बीच प्रेमिका की भरी मांग सड़क किनारे खड़ी तीन कारों में अचानक लगी भीषण आग, दो गाड़ियां जलकर राख; लोगों ने जताई यह आशंका बिहार बना फिल्म इंडस्ट्री का नया सुपरहिट सेट! 45 फिल्मों को मिली मंजूरी, हर तरफ गूंज रहा ‘लाइट, कैमरा, एक्शन’
04-Mar-2022 04:56 PM
PATNA : बिहार में अब मुखियों पर आफत आने वाली है. मुखिया-प्रमुख समेत सभी पदाधिकारियों की संपत्ति सार्वजनिक होगी. त्रि-स्तरीय ग्राम पंचयात के सभी पदधारकों को 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देंगे. इसको लेकर विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और जिला पंचायत राज पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किया है.
पंचायती राज विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और जिला पंचायत राज पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किया है. आपको बता दें पंचायतों के पदधारकों में मुखिया, उपमुखिया, प्रखंड प्रमुख, उप प्रमुख, जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष आते हैं. विभाग का मानना है कि पंचायतों को विकास कार्य के लिए बड़ी मात्रा में धनराशि उपलब्ध करायी जाती है. फिर भी बहुत जगहों से ऐसी शिकायतें आती रहती हैं कि धनराशि का प्रयोग व्यक्तिगत लाभ के लिए भी किया जाता है. इसलिए यह जरुरी है कि सरकारी सेवकों की तरह पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधि भी अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करें.
जानकारी के अनुसार, इन सभी की संपत्ति का डेटा जिले की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी. इसके लिए जिला पंचायत राज पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. 31 मार्च तक संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले से नोडल पदाधिकारी स्पष्टीकरण पूछेंगे. इसके बाद भी ब्योरा नहीं देने पर संबंधित प्रतिनिधि के खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग को प्रस्ताव जिले के माध्यम से भेजा जाएगा.