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30-Dec-2020 04:14 PM
PATNA : बिहार पुलिस में कार्यरत सिपाहियों का प्रमोशन अब डायरेक्ट एएसआई यानी कि जमादार के पद पर नहीं होगा. क्योंकि बिहार पुलिस में सिपाहियों के प्रमोशन का नियम बदलने वाला है. सिपाहियों की प्रोन्नति के पुराने नियम को बदल कर नया नियम बनाने की तैयारी है. नए नियम के मुताबिक सभी सिपाहियों की प्रोन्नति पहले हवलदार के पद पर होगी, इसके बाद उन्हें एएसआई में प्रमोशन दिया जायेगा.
क्या है सिपाहियों की प्रोन्नति का नियम
हम आपको बता दें कि बिहार पुलिस में कार्यरत सिपाहियों के लिए फिलहाल दो तरह के नियम हैं. साक्षर और असाक्षर सिपाहियों के लिए अलग-अलग नियम बनाये गए हैं. वैसे सिपाही जो साक्षर हैं यानी कि जिनकी बहाली मैट्रिक या उससे ऊपर की योग्यता पर हुई है, उन्हें प्रमोशनल ट्रेनिंग कोर्स (पीटीसी) ट्रेनिंग के बाद सीधे एएसआई बनाया जाता है. वैसे सिपाही जो असाक्षर हैं यानी कि जिनकी बहाली नन मैट्रिक के आधार पर हुई है, उन्हें सीनियर लीडरशीप कोर्स (एसएलसी) की ट्रेनिंग देकर सिपाही से हवलदार बनाया जाता है.
सिपाही भर्ती के नियम में बदलाव
आपको बता दें कि बिहार में पहले नन मैट्रिक भी सिपाही में बहाल हो सकते थे. लेकिन 16 साल पहले वर्ष 2004 से यह व्यवस्था बदल गई. 2004 या उसके बाद जो भी बहालियां हुई वह मैट्रिक पास के आधार पर हुई. 7 साल पहले वर्ष 2013 में फिर से सिपाही भर्ती के नियम में बदलाव किया गया और सिपाही के लिए इंटर पास होना अनिवार्य कर दिया गया.
दोनों प्रोन्नति के लिए एक ही कोर्स
सिपाही से प्रोन्नत होने के लिए अभी दो कोर्स होते हैं. हवलदार के लिए सीनियर लीडरशीप कोर्स (एसएलसी) और एएसआई में प्रमोशन के लिए प्रमोशनल ट्रेनिंग कोर्स (पीटीसी) ट्रेनिंग होती है. दोनों छह महीने का है. नए प्रस्ताव के तहत दोनों कोर्स को मिलाकर नया सिलेबस तैयार किया जाएगा. इसी सिलेबस की पढ़ाई दोनों पदों पर प्रोन्नति के लिए आवश्यक होगी. अधिकारियों के मुताबिक प्रोन्नति का जो फार्मूला सुझाया गया है उसके तहत पहली प्रोन्नति 6 साल पर हवलदार में होगी. वहीं इसके 5 वर्ष बाद एएसआई में प्रोन्नति दी जाएगी.
कैबिनेट की मुहर लगने का इंतजार
बिहार पुलिस के सिपाही प्रोन्नत होकर पहले हवलदार बनेंगे या एएसआई यह अबतक तय नहीं हो पाया है. सिपाहियों को हवलदार में प्रोन्नति देने समेत कई मसलों को लेकर पुलिस मुख्यालय ने अपना प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है. माना जा रहा है कि कैबिनेट की मुहर लगने के बाद नया नियम प्रभावी होगा. आपको बता दें कि एक लंबा समय बीत जाने के बावजूद भी आज तक इस बात पर सहमति नहीं बन पाई है. अभी जो सिपाही कार्यरत हैं, वह मैट्रिक या इंटर पास है. ऐसे में सिपाहियों की प्रोन्नति को लेकर नीति तय करना आवश्यक हो गया था.