ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Politics : बिहार में कैसे शुरू हुई थी जनता के खातों में सीधे पैसा भेजने की व्यवस्था? अतीत की बहस से आज की सियासत तक; पढ़ें यह महत्वपूर्ण बातें LPG Cylinder New Rule: कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक, घरेलू सिलेंडर पर सख्ती; शादी वाले घरों में बढ़ी परेशानी BIHAR NEWS : अब सुधा बूथों पर मिलेगा इस तरह का दूध, मटन खरीदने के लिए इस जगह लगेगी दूकान; सरकार बना रही बड़ा प्लान Nitish Kumar : समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण में इस जिले में पहुंचेंगे CM नीतीश कुमार, 570 करोड़ की 213 योजनाओं की देंगे सौगात Rajyasabha Election: किंगमेकर ओवैसी ने नहीं खोले पत्ते, RJD उम्मीदवार पर खतरा Bihar Politics : ओवैसी की ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति, पांचवीं सीट पर बढ़ा सस्पेंस; दिल्ली में तैयार रणनीति से बढ़ सकती है तेजस्वी की टेंशन Bihar Politics: निशांत के लिए बदल दी नीति! 2009 उपचुनाव में JDU नेता, मंत्री और विधायक-सांसदों के लिए बने नियम की अचानक क्यों होने लगी चर्चा? जानिए नीतीश कुमार ने क्या कहा था Patna Metro : पटना मेट्रो को मिली बड़ी राहत, राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे टनल बनाने की मिली मंजूरी; इस दिन से शुरू होगा काम बिहार मौसम अपडेट: 34.3°C पहुंचा तापमान, 12 जिलों में बारिश की संभावना, अररिया और किशनगंज में येलो अलर्ट बिहार के बदलते-बदलते खुद बदल गये नीतीश कुमार, तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान

Bihar News: बिहार में बदहाली की तस्वीर देखिए, एक अदद पुल के लिए तरस रहे दर्जनों गांव के हजारों लोग; चचरी पुल के सहारे कट रही जिंदगी

08-Dec-2024 03:26 PM

By First Bihar

MOTIHARI: बिहार में सरकारें बदली लेकिन अब भी राज्य के कई ऐसे इलाके हैं जिनकी तस्वीर नहीं बदल सकी है। राज्य में अब भी कैसे इलाके हैं, जहां विकास की किरण दूर-दूर तक देखने को नहीं मिलता है। इन इलाकों के लोग अब भी बाबा आदम के युग में जी रहे हैं। पूर्वी चंपारण के मोतिहारी से एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई है जो बिहार के विकास की कहानी बयां कर रही है।


दरअसल, सुगौली के माली पंचायत स्थित सिकरहना नदी के आस-पास के दर्जनों गांव के हजारों लोगों की जिंदगी चचरी पुल के सहारे चल रही है। प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर हजारों लोग इस चचरी पुल से गुजरते हैं। मठ समिति के द्वारा चचरी पुल बनाकर आस-पास के लोगों को सुविधा दी जाती है लेकिन साथ ही इस पुल से गुजरने वाले लोगों से लाखों रुपए की वसूली भी की जाती है।


चचरी पुल से आने-जाने वाले लोगों से जो पैसे वसूले जाते हैं वह मठ को जाता है। यह पुल दर्जनों गांवों को मुख्यालय से जोड़ती है। बरसात में नदी का पानी बढ़ने के बाद चचरी पुल टूटकर धराशाई हो जाता है। चचरी पुल के ध्वस्त होने के बाद लोग किसी तरह से लंबी दूरी तय कर मुख्यालय पहुंच पाते हैं। इस रास्ते से मोटरसाइकिल, साइकिल सहित पैदल लोग आया-जाया करते हैं‌।


पुल पार करते समय कभी-कभी अनबैलेंस होकर लोग बाइक समेत नदी में गिर जाते हैं और घायल हो जाते हैं। इस तरह की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। बरसात में लोग रेलवे पुल का सहारा लेते हैं‌। जान जोखिम में डालकर रेल पुल पार करते हैं और कई बार ट्रेन की चपेट में भी आ जाते हैं। इस बड़ी समस्या पर को प्रशासनिक स्तर का कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नही है।

रिपोर्ट- सोहराब आलम