BIHAR NEWS: नीतीश सरकार का बड़ा दांव! इन लोगों को मिलेंगे ₹2.5 लाख, बस करना होगा यह छोटा सा काम; जानिए क्या है स्कीम गुजरात के 32 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, वड़ोदरा-अहमदाबाद में ई-मेल से मचा हड़कंप बिहार के ‘थप्पड़बाज’ BDO की रंगबाजी देखिए: छोटी से बात पर युवक को बीच सड़क पर मारे ताबड़तोड़ कई थप्पड़, पैर पकड़कर गिड़गिड़ाता रहा लड़का fake teachers Bihar : वाह जी वाह ! शिक्षा विभाग के अंदर चल रहा बड़ा झोल, सस्पेंड टीचर की लग गई बोर्ड एग्जाम में ड्यूटी, DEO साहब सब जानते थे फिर भी ... RAILWAY UPDATE: 17 साल बाद फिर जगी उम्मीद: इस रेल लाइन परियोजना को मिली नई रफ्तार, सीमांचल में विकास की आस बिहार में जान से खिलवाड़: फैक्ट्री में धड़ल्ले से बनाई जा रही थीं नकली दवाएं, छापेमारी में 27 लाख की दवा जब्त बिहार में जान से खिलवाड़: फैक्ट्री में धड़ल्ले से बनाई जा रही थीं नकली दवाएं, छापेमारी में 27 लाख की दवा जब्त मुजफ्फरपुर में 9 लाख से अधिक महिलाओं को मिला मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ, सकरा की जीविका दीदी ने साझा किया अनुभव CBSE 12वीं बोर्ड 2026: सप्लीमेंट्री एग्जाम में बड़ा बदलाव, अब सिर्फ एक ही सब्जेक्ट में नंबर सुधार संभव CBSE 12वीं बोर्ड 2026: सप्लीमेंट्री एग्जाम में बड़ा बदलाव, अब सिर्फ एक ही सब्जेक्ट में नंबर सुधार संभव
30-Jan-2022 07:20 AM
PATNA : बिहार के माननीयों के लिए एक अच्छी खबर है। बिहार के विधायक और विधान पार्षद अब इसी वित्तीय वर्ष से अपने फंड से जुड़े कार्यों के लिए अनुशंसा कर पाएंगे। राज्य सरकार ने विधायक फंड को कोरोना की मार से अलग करने का फैसला किया है। सरकार इस पर सहमति बना चुकी है, अब केवल फैसले का इंतजार है। राज्य के योजना एवं विकास मंत्री विजेंद्र यादव के मुताबिक साल 2022-23 में बिहार के विधायक और विधान पार्षद पहले की तरह मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के माध्यम से तीन करोड़ तक की योजना के लिए अनुशंसा कर पाएंगे। यह योजना वापस पूर्व की तरह चलेगी।
आपको बताते चलें कि कोरोना महामारी आने के बाद सरकार ने विधायक फंड जिसे अब मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के नाम से जाना जाता है उसके लिए विधायकों और विधान पार्षदों की तरफ से की जाने वाली अनुशंसा को महामारी के बचाव और नियंत्रण के लिए खर्च करने तक सीमित कर दिया था। पिछले 2 वित्तीय वर्षों में इस योजना की बड़ी राशि कोरोना से बचाव और नियंत्रण के लिए खर्च की गई थी।
मंत्री विजेंद्र यादव के मुताबिक, महामारी से निपटने के लिए सरकार को ज्यादा से ज्यादा पैसों की जरूरत थी इसलिए विधायक फंड की राशि का उपयोग कोरोना पर नियंत्रण के लिए खर्च किया गया लेकिन अब इसकी बहुत आवश्यकता नजर नहीं आती। इसलिए विधायकों को वापस से अनुशंसा का अधिकार दिया जाएगा। हालांकि मौजूदा वित्तीय वर्ष में विधायक फंड की पूरी राशि का उपयोग करना से बचाव के लिए नहीं किया गया। तीन करोड़ में से एक करोड़ की योजना विधायकों की अनुशंसा पर की गई है लेकिन अब अगले वित्तीय वर्ष से यह पूरी राशि विधायकों की अनुशंसा पर खर्च होगी।
आपको बता दें कि बिहार में हर साल विधायकों और विधान पार्षदों की अनुशंसा पर 954 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं को पूरा किया जाता है। राज्य सरकार के इस फैसले से माननीय ने भी राहत की सांस ली होगी क्योंकि विधायक फंड का इस्तेमाल नहीं कर पाने से वह अपने क्षेत्र में ज्यादा क्रियाशीलता नहीं दिखा पा रहे थे।