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13-Apr-2023 09:34 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार के यूनिवर्सिटी से अब ऑनर्स यानि स्नातक की डिग्री लेने के लिए चार साल की पढ़ाई पढ़नी होगी. अब तक ऑनर्स की पढाई सिर्फ तीन साल की होती थी. लेकिन इसी साल से बिहार के सारे यूनिवर्सिटी में चार वर्षीय स्नातक कोर्स लागू कर दिया जायेगा. बिहार के विश्वविद्यालयों के चांसलर और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज सारे यूनिवर्सिटी के वीसी के साथ बैठक में ये आदेश जारी कर दिया है।
राज्यपाल-सह-कुलाधिपति राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने बिहार के विश्वविद्यालयों में Choice Based Credit System (CBCS) एवं Semester System के आधार पर चार वर्षीय स्नातक की पढ़ाई प्रारंभ करने को लेकर आज बैठक बुलायी थी. इस बैठक में सूबे के सारे सभी कुलपतियों और बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारी मौजूद थे. बैठक में बिहार के विश्वविद्यालयों में इसी साल से यानि 2023-2027 सत्र से चार साल का स्नातक कोर्स शुरू करने का फैसला लिया गया. राज्यपाल ने चार साल के स्नातक कोर्स की संरचना और फर्स्ट इयर के लिए विस्तृत सिलेबस तैयार करने के लिए कमेटी गठित करने का भी आदेश दिया है।
यूनिवर्सिटी में एक साथ होगा एडमिशन और पढ़ाई
राज्यपाल ने निर्देश दिया है कि इस साल शुरू होने वाले सत्र में बिहार में यूनिवर्सिटी के स्तर पर ही एडमिशन होगा. लेकिन सभी विश्वविद्यालयों को एक ही समय पर सभी संबंधित कार्य सम्पन्न करने होंगे. राजभवन इसके लिए टाईम लाइन का निर्धारण करेगा. यानि सारे यूनिवर्सिटी में एक साथ एडमिशन होगा, एक साथ सिलेबस पूरा कराया जायेगा, फार्म भरने से लेकर परीक्षा औऱ रिजल्ट का प्रकाशन एक साथ ही होगी. अब तक सारे यूनिवर्सिटी में अलग-अलग एडमिशन से लेकर परीक्षा हो रहे हैं और कई यूनिवर्सिटी में 3 साल की पढाई 6 साल में पूरी हो रही है. राज्यपाल ने निर्देश दिया है कि अगले सत्र से नामांकन की केन्द्रीकृत प्रक्रिया अपनाई जायेगी. यानि कोई भी छात्र एक जगह आवेदन देगा और वहीं से उसका एडमिशन किसी भी विश्वविद्यालय में होगा।
सेमेस्टर सिस्टम लागू होगा
राज्यपाल ने सारे यूनिवर्सटी के लिए एकेडमिक कैलेण्डर बनाने का निर्देश दिया है. इसके लिए यूनिवर्सिटी में आधारभूत संरचना तथा शिक्षकों की संख्या के संबंध में भी विचार विर्मश किया गया. बैठक में राज्यपाल ने CBCS और सेमेस्टर सिस्टम को लागू करने का निर्देश देते हुए कहा है कि उनके सारे निर्देशों का समय पर पालन कर लिया जाये. राज्यपाल के फैसले से बिहार सरकार भी सहमत दिखी. बैठक में मौजूद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने राजभवन के निर्देश को समय पर पूरा करने का भरोसा दिलाया।
इस बैठक में राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह और सचिव वैद्यनाथ यादव, राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल० चोंग्यू, बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद् अकादमिक सलाहकार प्रो० एन०के० अग्रवाल मौजूद थे.