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16-Jun-2023 08:13 PM
By First Bihar
ARA: शराबबंदी का ढ़ोल पीट रही सरकार के अपने दफ्तरों में ही शराब पार्टी हो रही है. अब तक तो चोरी छिपे शराब पार्टी किये जाने के मामले सामने आते रहे हैं लेकिन आज सरकारी दफ्तर में ही जाम छलकाने का मामला सामने आ गया. सरकारी कर्मचारियों ने ही दफ्तर को शराब का अड्डा बना लिया था. वो तो किसी ने डीएम को मामले की जानकारी दे दी, तब जाकर मामले का खुलासा हुआ.
सरकारी दफ्तर में जाम
मामला आरा से सामने आया है. आरा के सूचना भवन में डीपीआरओ यानि जिला जनसंपर्क पदाधिकारी का कार्यालय है. उस सरकारी दफ्तर में ही शराब की पार्टी हो रही थी. इसी बीच किसी ने आरा के डीएम राजकुमार को इसकी जानकारी दे दी. डीएम ने तत्काल उत्पाद विभाग को छापेमारी का निर्देश दिया. तब जाकर पता चला कि सरकारी दफ्तर ही शराब पार्टी का सबसे सुरक्षित ठिकाना बना हुआ था.
शराब पीते तीन गिरफ्तार
आरा के डीएम राजकुमार के निर्देश पर जब उत्पाद विभाग की टीम ने सूचना भवन में छापेमारी की तो वहां शराब पार्टी करते लोग रंगे हाथों पकड़े गये. आरा के सूचना एंव जनसंपर्क कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर यशवंत कुमार, बिहार सैनिक कल्याण बोर्ड का कर्मचारी कमलेश और परिवहन विभाग से जुड़ा वेंडर विनोद शराब पार्टी कर रहे थे. कई तरह के चखने के साथ जाम छलकाये जा रहे थे. उत्पाद विभाग की टीम ने छापेमारी कर तीनों को दबोच लिया.
तीनों को उत्पाद विभाग के थाने में ले जा गया है. उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. उत्पाद अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर समेत 3 लोगों को पकड़ा गया है, प्राथमिकी दर्ज हो गयी है अब आगे की कार्रवाई की जायेगी. वैसे, ये पहला मामला नहीं है जब शराबबंदी वाले बिहार में सरकारी संस्थानों में शराब पीने का मामले सामने आया हो. सवाल ये कि आखिर जब सरकारी दफ्तरों में ही जाम छलकेगा तो सरकार दूसरे ठिकानों पर शराब कैसे रोकेगी.
ARA: शराबबंदी का ढ़ोल पीट रही सरकार के अपने दफ्तरों में ही शराब पार्टी हो रही है. अब तक तो चोरी छिपे शराब पार्टी किये जाने के मामले सामने आते रहे हैं लेकिन आज सरकारी दफ्तर में ही जाम छलकाने का मामला सामने आ गया. सरकारी कर्मचारियों ने ही दफ्तर को शराब का अड्डा बना लिया था. वो तो किसी ने डीएम को मामले की जानकारी दे दी, तब जाकर मामले का खुलासा हुआ.
सरकारी दफ्तर में जाम
मामला आरा से सामने आया है. आरा के सूचना भवन में डीपीआरओ यानि जिला जनसंपर्क पदाधिकारी का कार्यालय है. उस सरकारी दफ्तर में ही शराब की पार्टी हो रही थी. इसी बीच किसी ने आरा के डीएम राजकुमार को इसकी जानकारी दे दी. डीएम ने तत्काल उत्पाद विभाग को छापेमारी का निर्देश दिया. तब जाकर पता चला कि सरकारी दफ्तर ही शराब पार्टी का सबसे सुरक्षित ठिकाना बना हुआ था.
शराब पीते तीन गिरफ्तार
आरा के डीएम राजकुमार के निर्देश पर जब उत्पाद विभाग की टीम ने सूचना भवन में छापेमारी की तो वहां शराब पार्टी करते लोग रंगे हाथों पकड़े गये. आरा के सूचना एंव जनसंपर्क कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर यशवंत कुमार, बिहार सैनिक कल्याण बोर्ड का कर्मचारी कमलेश और परिवहन विभाग से जुड़ा वेंडर विनोद शराब पार्टी कर रहे थे. कई तरह के चखने के साथ जाम छलकाये जा रहे थे. उत्पाद विभाग की टीम ने छापेमारी कर तीनों को दबोच लिया.
तीनों को उत्पाद विभाग के थाने में ले जा गया है. उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. उत्पाद अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर समेत 3 लोगों को पकड़ा गया है, प्राथमिकी दर्ज हो गयी है अब आगे की कार्रवाई की जायेगी. वैसे, ये पहला मामला नहीं है जब शराबबंदी वाले बिहार में सरकारी संस्थानों में शराब पीने का मामले सामने आया हो. सवाल ये कि आखिर जब सरकारी दफ्तरों में ही जाम छलकेगा तो सरकार दूसरे ठिकानों पर शराब कैसे रोकेगी.