ब्रेकिंग न्यूज़

पटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध BIHAR: गांव के दबंगों ने दलित युवक को बेरहमी से पीटा, पुलिस से लगाई न्याय की गुहार Bihar News: गंगा में नहाने गए चार दोस्त… अचानक गहराई में समाए, दो की दर्दनाक मौत से गांव में मचा कोहराम बिहार में खनन विभाग की उपलब्धियां: अब तक 3,252 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली, 24 खनन योद्धाओं को किया गया सम्मानित Bihar News: लाइसेंस खत्म, करोड़ों का बकाया… फिर भी चलता रहा बस स्टैंड, अब प्रशासन ने कसा शिकंजा आरा कोर्ट में पवन सिंह ने तलाक की मांग दोहराई, पत्नी ज्योति सिंह नहीं हुईं पेश बिजली चोरी पकड़ने गई टीम पर हमला: JE समेत कर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, एक गिरफ्तार, दर्जनों पर केस दर्ज रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल में बिहार का पहला सफल लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट, मरीज को मिली नई जिंदगी छातापुर में 29 मार्च को ‘पनोरमा स्टार 2026’ का भव्य आयोजन, बॉलीवुड स्टार होंगे शामिल अष्टमी व्रत में कुछ चटपटा खाने का मन है? 5 मिनट में बनाएं ये एनर्जी से भरपूर खास चाट

Home / news / बिहार के सरकारी अस्पताल में भारी लापरवाही: बिजली कटने के बाद स्टार्ट नहीं...

बिहार के सरकारी अस्पताल में भारी लापरवाही: बिजली कटने के बाद स्टार्ट नहीं किया जेनरेटर, ऑक्सीजन के अभाव में गई नवजात की जान

12-Sep-2024 02:40 PM

By First Bihar

BHAGALPUR: बिहार के सरकारी अस्पतालों की हालत किसी से छीपी नहीं है। अक्सर सरकारी अस्पतालों की लापरवाही के कारण लोगों की जान जाने की खबरें सामने आती रही हैं। ताजा मामला भागलपुर से सामने आया है, जहां ऑक्सीजन के अभाव में एक नवजात बच्चे की जान चली गई। अस्पताल में ऑक्सीजन तो उपलब्ध थी लेकिन बिजली कटने के आधे घंटे के बाद भी जनरेटर स्टार्ट नहीं किया गया, जिसके कारण तड़प-तड़पकर उसकी मौत हो गई।


दरअसल, पूरा मामला नवगछिया सामुदायिक अस्पताल रंगरा का है। बताया जा रहा है कि मधेपुरा के रहने वाले मो. सऊद आलम अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा के बाद उसे लेकर रंगरा सामुदायिक अस्पताल पहुंचे थे। बच्चे के जन्म लेने के बाद उसे ऑक्सीजन लगाया गया था। इसी बीच अचानक बिजली कट गई। बिजली कटने के बाद बच्चे को ऑक्सीजन की सप्लाई रूक गई। परिजनों ने अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों से जेनरेटर चालू करने की गुजारिश की लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।


उधर, ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण बच्चे की तबीयत बिगड़ती चली गई। जनरेटर को चलाने वाला कर्मी अस्पताल में मौजूद नहीं था। बाद में जनरेटर में तेल डालने और उसे चालू करने में करीब 20 से 25 मिनट का समय लग गया। इस बीच ऑक्सीजन के अभाव में नवजात की जान चली गई। इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।


इस घटना के बाद अस्पताल में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्साए परिजनों ने जोरदार हंगामा किया। हंगामें की खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से मामले को शांत कराया। परिजनों की मांग थी कि अस्पताल प्रशासन और जनरेटर सप्लाई देखने वाले ठेकेदार पर एफआईआर किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना ना हो। उधर, अस्पताल प्रशासन संसाधनों की कमी का रोना रो रहा है।