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बिहार के नियोजित शिक्षकों को सरकार का करारा झटका: शिक्षा विभाग ने BPSC टीचर से जूनियर बना दिया

04-Sep-2024 07:25 PM

By First Bihar

PATNA: बिहार सरकार ने दशकों से काम कर रहे नियोजित शिक्षकों को नवनियुक्ति बीपीएससी टीचर्स से जूनियर बना दिया है. नियोजित शिक्षकों और बीपीएससी शिक्षकों को लेकर बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने नया आदेश जारी किया है. इस आदेश के मुताबिक अब सूबे के हजारों स्कूलों में कई सालों से काम कर रहे नियोजित शिक्षकों को बीपीएससी से नये नियुक्त हुए शिक्षकों के अधीन काम करना होगा.


शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला

शिक्षा सचिव सह माध्यमिक शिक्षा निदेशक बैद्यनाथ यादव ने आज सारे जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखा है. इस पत्र में बिहार के सरकारी स्कूलों में प्रभारी प्रधानाध्यापक नियुक्त करने के संबंध में दिशा निर्देश दिया गया है. शिक्षा विभाग ने जो दिशा निर्देश जारी किया है, उसमें एक तरह से स्पष्ट कर दिया गया है कि कई दशक से काम कर रहे नियोजित शिक्षक बीपीएससी से एक साल पहले नियुक्त हुए शिक्षकों से जूनियर माने जायेंगे.


प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाने पर सरकार का फऱमान

दरअसल बिहार में करीब 70 हजार सरकारी स्कूल हैं. सरकारी स्कूलों में स्थायी हेडमास्टर के पद पर नियुक्ति नहीं होने के कारण ज्यादातर स्कूल प्रभारी प्रधानाध्यापक के सहारे चलाये जा रहे हैं. शिक्षा विभाग ने अपने नये पत्र में ये बताया है कि किन शिक्षकों को प्रभारी प्रधानाध्यापक नियुक्त करना है. 


पुराने वेतनमान वाले को बनाये प्रभारी

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी स्कूल में स्थायी हेडमास्टर नहीं है तो वहां हेडमास्टर का प्रभार पुराने वेतनमान वाले शिक्षक को सौंपना है. उस स्कूल में पुराने वेतनमान वाले शिक्षकों से जो सीनियर हो उसे प्रभारी प्रधानाध्यक का जिम्मा सौंप देना है. 


नियोजित शिक्षकों को प्रभारी हेडमास्टर पद का नहीं

लेकिन सरकार के इस पत्र में सबसे खास बात ये है कि नियोजित शिक्षकों को हेडमास्टर का प्रभार नहीं सौंपना है. दरअसल बिहार के हजारों ऐसे स्कूल हैं जहां पुराने वेतनमान वाले शिक्षक नहीं हैं. ऐसे में प्रभारी हेडमास्टर का जिम्मा किसे दिया जायेगा. शिक्षा सचिव सह माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने अपने पत्र में साफ किया है कि वहां नियोजित शिक्षकों को प्रभारी हेडमास्टर नहीं बनाया जायेगा. अगर उस स्कूल में बीपीएससी से नियुक्त शिक्षक पदस्थापित हैं तो उन्हें ही प्रभारी हेडमास्टर बनाया जायेगा. 


शिक्षा विभाग के पत्र के मुताबिक नियोजित शिक्षक को तभी प्रभारी हेडमास्टर का चार्ज दिया जा सकता है जब उस स्कूल में पुराने वेतन वाले शिक्षक या बीपीएससी से नियुक्त शिक्षक पदस्थापित नहीं हो. बिहार में अब शायद ही कोई ऐसा स्कूल है जहां बीपीएससी शिक्षकों की पोस्टिंग नहीं हुई हो. 


हजारों प्रभारी हेडमास्टर हटेंगे

सूबे में ऐसे हजारों स्कूल हैं, जहां नियोजित शिक्षक प्रभारी हेडमास्टर का काम देख रहे हैं. शिक्षा विभाग के पत्र के बाद उन्हें प्रभारी हेडमास्टर के पद से मुक्त कर दिया जायेगा. लगभग दो दशक से स्कूल में पढ़ा रहे नियोजित शिक्षकों को करीब एक साल पहले नियुक्त बीपीएससी के अधीन काम करना पड़ेगा.