IAS officers transfer : बिहार में 22 IAS का तबादला, पटना समेत कई जिलों में नई पोस्टिंग; देखिए लिस्ट Bihar Expressway : बिहार का पहला एक्सप्रेस-वे कब होगा तैयार ? बदलेगी प्रदेश की रफ्तार, दक्षिण से उत्तर बिहार की दूरी होगी आधी Bihar vigilance action : SVU की बड़ी कार्रवाई, LEAO कार्यालय का अकाउंटेंट रिश्वत लेते गिरफ्तार; जानिए क्यों मांग रहा था पैसा Bihar crime news : 'मेरे पति बिस्तर के नीचे रखते हैं पिस्टल ...', पत्नी के फोन पर पुलिस ने पति को किया गिरफ्तार; पढ़िए क्या है पूरी खबर Bihar crime news : चावल चोरी के आरोप में मॉब लिंचिंग, युवक की पीट-पीटकर हत्या; 8 फरवरी को थी शादी Bihar police building : बिहार में पुलिस भवन निर्माण को मिली स्वीकृति, 34 करोड़ रुपये की परियोजना को मिली हरी झंडी Bihar News: बड़े खेल के मास्टमाइंड RWD 'कार्यपालक अभियंता' कब होंगे सस्पेंड ? अभियंता प्रमुख का जवाब- आप ऊपर में पूछिए, E.E. ने ठेकेदार को दिया था फर्जी 'मास्टिक वर्क' सर्टिफिकेट JP Gangapath : काड़के की ठंड में सुबह -सुबह गंगा किनारे पहुंचे CM नीतीश, अधिकारियों को दिया यह टास्क; मरीन ड्राइव पर दिखेगा यह बदलाव Land for Job case : लिफ्ट में तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव की हुई भेंट, तस्वीर बता रही अलग कहानी; क्या हुई बातचीत? पढ़िए क्या है पूरी खबर Land for Job Scam : लैंड फॉर जॉब घोटाला: लालू परिवार पर आरोप तय, पढ़िए CBI जज ने क्या-क्या कहा?
11-Oct-2021 02:34 PM
PATNA : इस साल मार्च महीने में बिहार विधानसभा में जो हुआ, वो शायद ही यहां के लोग कभी भूल पाएंगे. 23 मार्च 2021 को बिहार विधानसभा के सत्र इ दौरान पुलिस ने लात-जूते और डंडे से विधायकों की पिटाई की. ये क्यों हुआ. ऐसी नौबत क्यों आई कि बिहार विधानसभा में बाहर की पुलिस को बुलाकर विधायकों को जबरन सदन से बाहर निकाला गया, ये हर किसी को मालूम है. जिस बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक का विरोध कर विपक्षी विधायक पुलिसवालों से पिट गए. आज उसी एक्ट के नियम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है.
दरअसल बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में बेतिया के एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने एक पत्र लिखा है. इस पत्र में पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि मुख्यालय की ओर से जारी आदेशों का अनुपलान नहीं कर रहा है. एसपी ने लिखा है कि बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस एक्ट के मुताबिक महिला कांस्टेबल या पुरुष सिपाही को ट्रेनिंग के बाद 5 साल सशस्त्र पुलिस में सेवा देनी है. लेकिन ऐसा नहीं हो है. ट्रेनिंग के बाद उन्हें किसी ना किसी थाना में या पुलिस ऑफिस में अटैच कर दिया जा रहा है, जो बेहद गलत है.
एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि 2015 बैच के बाद बहाल हुए सभी महिला और पुरुष सिपाहियों की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद 5 साल तक सशस्त्र बल में योगदान देने को लेकर पुलिस मुख्यालय के तरफ से जारी आदेश का अनुपलान नही किया जा रहा है. महिला और पुरुष सिपाहियों की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अगले 5 साल तक सशस्त्र बल में योगदान करवाया जाये. पुलिस मुख्यालय की तरफ से जारी आदेश का अनुपलान करवाया जाए.
गौरतलब हो कि बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक सदन से पास होने के महज दस दिनों के अंदर पुलिस मुख्यालय ने अपने सभी विंग, सभी जिला को यह आदेश जारी कर दिया था कि 2015 के बाद बिहार पुलिस सिपाही के स्तर पर जो भी भर्तियां होगी उनके प्रशिक्षण के बाद चाहे वो महिला और पुरूष हो सभी के प्रशिक्षण पूरी होने के बाद अगले पांच वर्ष तक बिहार सशस्त्र पुलिस बल में अपना योगदान देंगे, मगर देखा जा रहा है कि इस आदेश की सभी जिलों में अवहेलना लगातार हो रही है.
आपको बता दें कि इसी विधेयक का विरोध करने पर बिहार विधानसभा में पुलिस ने विधायकों को पीटा था. विपक्ष के विधायक इस विधेयक के विरोध में थे. दरअसल नीतीश कुमार ने बिहार मिलिट्री पुलिस यानि बीएमपी को विशेष सशस्त्र पुलिस में तब्दील करने का विधेयक लाया था. इसमें पुलिस को बिना वारंट गिरफ्तारी के साथ साथ किसी की भी तलाशी लेने का पॉवर दिया गया है.