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02-Jul-2024 01:46 PM
By First Bihar
MUNGER: मुंगेर मंडलकारा में बंद दो कैदियों के बीच मारपीट के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए कैदी धीरज की 12 दिनों के बाद इलाज के दौरान पटना में मौत हो गई। मृतक का शव के मुंगेर पहुंचते ही परिजन आक्रोशित हो गए और शव को सड़क पर रखकर जाम कर दिया। मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने आगजनी कर जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
दरअसल, कासिम बाजार थाना क्षेत्र के रहने वाले धीरज और उसके दो चचेरे भाई अपनी भाभी की हत्या के मामले में 2021 से मंडल कारा में बंद थे। जेल प्रशासन के अनुसार आज से 12 दिन पूर्व 20 जून को जब वे सेल संख्या 9 में भोजनकाल के समय बंद थे, तो दोनों चचेरे भाई धीरज और कपिलदेव मंडल के बीच किसी बात को ले झगड़ा शुरू हो गया और कपिलदेव मंडल ने धीरज के सिर पर ईट से वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
धीरज को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिय हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। सोमवार की शाम धीरज की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई। जैसे ही धीरज का शव उसके पैतृक निवास मकससपुर पहुंचा परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा जेल प्रशासन के खिलाफ फ़ूट पड़ा। लोगों ने सड़क पर आगजनी की और शव को सड़क पर रखकर यातायात को बाधित कर दिया।
जानकारी मिलते ही एसडीओ और एसडीपीओ कासिमबाजार थाने की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और गुस्साए लोगों को समझा बुधाकर किसी तरह से शांत कराया। परिजनों का कहना है कि जेल के भीतर सेल में ईंट कहां से आई, जेलर को इसका जवाब देना होगा। परिजनों ने आरोपी चचेरे भाई के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
MUNGER: मुंगेर मंडलकारा में बंद दो कैदियों के बीच मारपीट के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए कैदी धीरज की 12 दिनों के बाद इलाज के दौरान पटना में मौत हो गई। मृतक का शव के मुंगेर पहुंचते ही परिजन आक्रोशित हो गए और शव को सड़क पर रखकर जाम कर दिया। मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने आगजनी कर जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
दरअसल, कासिम बाजार थाना क्षेत्र के रहने वाले धीरज और उसके दो चचेरे भाई अपनी भाभी की हत्या के मामले में 2021 से मंडल कारा में बंद थे। जेल प्रशासन के अनुसार आज से 12 दिन पूर्व 20 जून को जब वे सेल संख्या 9 में भोजनकाल के समय बंद थे, तो दोनों चचेरे भाई धीरज और कपिलदेव मंडल के बीच किसी बात को ले झगड़ा शुरू हो गया और कपिलदेव मंडल ने धीरज के सिर पर ईट से वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
धीरज को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिय हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। सोमवार की शाम धीरज की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई। जैसे ही धीरज का शव उसके पैतृक निवास मकससपुर पहुंचा परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा जेल प्रशासन के खिलाफ फ़ूट पड़ा। लोगों ने सड़क पर आगजनी की और शव को सड़क पर रखकर यातायात को बाधित कर दिया।
जानकारी मिलते ही एसडीओ और एसडीपीओ कासिमबाजार थाने की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और गुस्साए लोगों को समझा बुधाकर किसी तरह से शांत कराया। परिजनों का कहना है कि जेल के भीतर सेल में ईंट कहां से आई, जेलर को इसका जवाब देना होगा। परिजनों ने आरोपी चचेरे भाई के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।