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Bihar Crime News: रेलवे को करोड़ों का चूना लगाने वाले चार शातिर पटना से अरेस्ट, रेल टिकट में ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा; जानकर रह जाएंगे दंग

02-Dec-2024 05:48 PM

By MANOJ KUMAR

MUZAFFARPUR: फर्जी रेल टिकट के जरिए रेलवे को करोड़ों रुपए का चूना लगाने वाले चार शातिर को मुजफ्फरपुर आरपीएफ की टीम ने पटना के होटल से अरेस्ट किया है। आरपीएफ की टीम ने पटना के गौरैया टोला स्थित शांति होटल में छापेमारी कर चारों को दबोचा है। गिरोह के सदस्य कम दूरी की जनरल ट्रेन टिकट को टेंपरिंग कर लंबी दूरी का टिकट बना देते थे। पिछले दो साल में यह गिरोह रेलवे को करोड़ों रुपए का चूना लगा चूका है।


गिरफ्त में आए चारों शातिरों में मुजफ्फरपुर के पारू थाना क्षेत्र का रहने वाला उमेश सहनी, सरैया का दशरथ सहनी, संतोष साह और वैशाली का रहने वाला बिगु राम शामिल है। चारों गिरफ्तार आरोपियों के पास से सैकड़ों मोहर, जाली टिकट और मोबाइल फोन को बरामद किया गया है। मुजफ्फरपुर आरपीएफ टीम ने टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर छापेमारी कर पटना से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया।


गिरफ्त में आए चारों आरोपी लोकल टिकट में टेंपरिंग कर उसे लंबी दूरी का टिकट बना देते थे और टिकट काउंटर पर खड़े भोले भाले जनता को बेचकर उससे अथाह रुपया कमाते थे। इन आरोपियों के काम करने का तरीका कुछ अलग ही था। पहले गिरोह का एक सदस्य किसी भी व्यस्त जंक्शन से कम दूरी का लोकल टिकट खरीद लेता था, फिर उसे लंबी दूरी के टिकट में बदल दिया करता था।


उदाहरण के तौर पर एक ने पटना से हाजीपुर का टिकट खरीद लिया जिसके लिए उसे लगभग 20 देने पड़े, अब उस टिकट के पैसे में हेरा फेरी कर पहले यह देखा की पटना से बेंगलुरु का भाड़ा कितना है। गिरोह के अन्य सदस्य पटना से खुलने वाली गाड़ी के लिए पटना तो वैसे ही रहने देते थे पर हाजीपुर को मिटाकर उसे बेंगलुरु लिख देते थे। जो भी बेंगलुरु का किराया होता था उसे लोकल टिकट पर अंकित कर देते थे और यह सारा काम केवल और केवल मुहर के द्वारा ही किया जाता था।


लगभग 2 महीने पहले किसी यात्री को ट्रेन नही पकड़ पाने की वजह से टिकट वापस करने की स्थिति आ गई और जब वह टिकट वापस करने पहुंचा तब पता चला कि उसका टिकट टेंपरिंग किया हुआ है। उस यात्री ने दो महीने पहले मुजफ्फरपुर में केस दर्ज करवाया और मामले की जांच शुरू हुई।टेक्निकल सरविलान्स, सीसीटीवी फुटेज इत्यादि को देखते हुए आरपीएफ मुजफ्फरपुर में केस का अनुसंधान शुरू हुआ और दो महीने के अथक प्रयास के बाद पटना के गोरिया टोली इलाके के होटल से गिरोह के चार सदस्यों की गिरफ्तारी हुई।