बिहार में खुले में मांस-मछली की बिक्री पर रोक, बिना लाइसेंस के नहीं लगेगी दुकान, नीतीश सरकार ने किये नियम सख्त JEE Mains Result 2026: जेईई मेन 2026 का रिजल्ट घोषित, बिहार के शुभम कुमार ने लहराया परचम, हासिल किये 100 परसेंटाइल बिक्रमगंज के रेड लाइट एरिया में पुलिस की रेड, 4 महिलाएं समेत 6 हिरासत में कर्पूरी ठाकुर की जयंती में राजद के दो गुट भिड़े, इसराइल मंसूरी और हैदर आजाद में तीखी नोकझोंक Bihar News: बिहार में दर्दनाक सड़क हादसे में मासूम बच्चे की मौत, गुस्साए लोगों ने सड़क पर किया भारी बवाल BIHAR CRIME NEWS: बिहार में प्रशासन लिखी स्कॉर्पियो से फायरिंग, पेशकार और पुलिस अधिकारी गिरफ्तार 2 साल से लापता नाबालिग बच्ची को रेल पुलिस ने परिवार से मिलाया, परिजनों में खुशी की लहर Holi Special Train: घर जाना हुआ और आसान, रेलवे चलाने जा रहा और 9 जोड़ी होली स्पेशल ट्रेनें; देखिए.. पूरी लिस्ट Holi Special Train: घर जाना हुआ और आसान, रेलवे चलाने जा रहा और 9 जोड़ी होली स्पेशल ट्रेनें; देखिए.. पूरी लिस्ट महिलाओं को 10 हजार देने पर कांग्रेस ने नीतीश सरकार को घेरा, कहा..सरकार को पैसे देकर वोट लेने का लगा चस्का
28-Feb-2022 07:14 AM
PATNA : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई ने रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। हाजीपुर सेंट्रल जीएसटी के सुपरिटेंडेंट और इंस्पेक्टर के खिलाफ एक्शन लेते हुए इन दोनों को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। हाजीपुर सेंट्रल जीएसटी के सुपरिटेंडेंट अभय कुमार दत्ता और इंस्पेक्टर सौरव कुमार के ऊपर रिश्वत लेने का आरोप लगा था जिसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया और उन दोनों की गिरफ्तारी हो गई है।
सेंट्रल जीएसटी के इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ हाजीपुर के रहने वाले राजेश कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। राजेश कुमार ने सीबीआई से जो शिकायत दर्ज की थी उसमें आरोप लगाया है कि उनके ईंट भट्टे का काम शुरू करने के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया था लेकिन कामकाज शुरू नहीं हो पाया। लिहाजा उन्होंने जीएसटी रिटर्न फाइल नहीं किया। इसके बाद उन्हें जीएसटी कैंसिलेशन के नाम पर नोटिस जारी किया गया था। उन्होंने हाजीपुर जीएसटी कार्यालय जाकर सुपरिटेंडेंट और इंस्पेक्टर से मुलाकात की तो रिश्वत की मांग की जाने लगी।
शिकायतकर्ता राजेश कुमार के मुताबिक हाजीपुर जीएसटी कार्यालय पहुंचने पर सुपरिटेंडेंट और इंस्पेक्टर ने उनसे जीएसटी रिटर्न फाइल कर मुलाकात करने के लिए कहा। रिटर्न फाइल करने के बाद जब वह अधिकारियों से मिले तो उनसे जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर चालू रखने की एवज में 10 हजार की घूस मांगी गई। जिसके बाद राजेश कुमार ने सीबीआई में कम्प्लेन कर दी। अब सीबीआई ने इस मामले में एक्शन लेते हुए दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है, इनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है।