ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News: सूख रहीं बिहार की नदियां, पांच दर्जन से अधिक नदियों के अस्तित्व पर संकट; सामने आई यह बड़ी वजह Bihar News: सूख रहीं बिहार की नदियां, पांच दर्जन से अधिक नदियों के अस्तित्व पर संकट; सामने आई यह बड़ी वजह मुजफ्फरपुर रेल पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 2025 में अपराध पर प्रहार, 1100 से अधिक आरोपी भेजे गए जेल पटना में 2025 में आधा हो गया क्राइम, पुलिस ने आंकड़े जारी कर किया दावा, 2024 में हुई घटनाओं की तुलना में इस साल बेहद कम वाकये हुए पूर्णिया में बिजली स्मार्ट मीटर रिचार्ज करने के नाम पर ठगी: भाजपा नेता के दो अकाउंट से उड़ाये 85 हजार रुपये Bihar Cabinet: 'मंगल पांडेय' के पास पटना से लेकर दिल्ली तक फ्लैट, सिर्फ 1 अकाउंट में एक करोड़ से अधिक जमा, भंडार में किलो के भाव से सोना-चांदी हिजाब विवाद: डॉ. नुसरत प्रवीण ने आज भी नहीं की नौकरी ज्वाइन, लास्ट डेट खत्म Bihar Cabinet: सम्राट चौधरी के पास कितनी है संपत्ति..साल के अंतिम दिन खुद बताया, रायफल-पिस्टल और भी बहुत कुछ.... Bihar Cabinet: साल के अंतिम दिन CM नीतीश ने घोषित की अपनी संपत्ति, नकद और बैंक में कितना रू है,जानें.... Bihar Police: मोतिहारी नगर निगम का वार्ड पार्षद पति फरार..SP ने 10 हजार रू का इनाम घोषित किया

बिहार बोर्ड को हाईकोर्ट ने दिया झटका, STET के 106 छात्रों की परीक्षा लेनी होगी

बिहार बोर्ड को हाईकोर्ट ने दिया झटका, STET के 106 छात्रों की परीक्षा लेनी होगी

03-Mar-2021 08:42 AM

PATNA : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने जिन 106 छात्रों के एसटीईटी परीक्षा देने पर रोक लगा दी थी उनकी परीक्षा अब 3 महीने में बिहार बोर्ड को लेनी होगी. कोर्ट  में बिहार बोर्ड को 106 छात्रों से जुड़े मामले में झटका लगा है.

हाई कोर्ट ने पिछले साल 28 जनवरी को हुई एसटीईटी परीक्षा में कदाचार और  व्यवस्था को लेकर हंगामा करने वाले 106 छात्रों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को कहा है कि इन सभी छात्रों की परीक्षा 3 महीने के अंदर आयोजित की जाए. न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार की एकल पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया है.

पटना हाई कोर्ट में याचिकाकर्ताओं के वकील की तरफ से यह जानकारी दी गई कि एसटीटी परीक्षा में सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे जाने और परीक्षा के दौरान कदाचार और व्यवस्था को लेकर गया के जिला स्कूल सेंटर के छात्रों ने हंगामा किया था. बाद में परीक्षा समिति में परीक्षा को रद्द कर दिया फिर से परीक्षा लेने का आदेश भी दिया, लेकिन हंगामा करने के आरोप में 106 छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया. इतना ही नहीं बिहार बोर्ड ने भविष्य में इनके एसटीइटी परीक्षा में शामिल होने पर भी रोक लगा दी.

कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील की तरफ से यह दलील दी गई थी कि जब परीक्षा समिति ने एसटीइटी परीक्षा को रद्द कर दिया तो इन छात्रों को परीक्षा से कैसे वंचित किया जा रहा है. उनका कहना था कि इन छात्रों को एडमिट कार्ड भी जारी नहीं किया जा रहा है. बिहार बोर्ड की तरफ से कोर्ट में 106 छात्रों के निष्कासन और भविष्य में उनके परीक्षा में शामिल होने पर रोक के फैसले को सही ठहराने का भरपूर प्रयास किया गया लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील नहीं मानी.