ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News: सूख रहीं बिहार की नदियां, पांच दर्जन से अधिक नदियों के अस्तित्व पर संकट; सामने आई यह बड़ी वजह Bihar News: सूख रहीं बिहार की नदियां, पांच दर्जन से अधिक नदियों के अस्तित्व पर संकट; सामने आई यह बड़ी वजह मुजफ्फरपुर रेल पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 2025 में अपराध पर प्रहार, 1100 से अधिक आरोपी भेजे गए जेल पटना में 2025 में आधा हो गया क्राइम, पुलिस ने आंकड़े जारी कर किया दावा, 2024 में हुई घटनाओं की तुलना में इस साल बेहद कम वाकये हुए पूर्णिया में बिजली स्मार्ट मीटर रिचार्ज करने के नाम पर ठगी: भाजपा नेता के दो अकाउंट से उड़ाये 85 हजार रुपये Bihar Cabinet: 'मंगल पांडेय' के पास पटना से लेकर दिल्ली तक फ्लैट, सिर्फ 1 अकाउंट में एक करोड़ से अधिक जमा, भंडार में किलो के भाव से सोना-चांदी हिजाब विवाद: डॉ. नुसरत प्रवीण ने आज भी नहीं की नौकरी ज्वाइन, लास्ट डेट खत्म Bihar Cabinet: सम्राट चौधरी के पास कितनी है संपत्ति..साल के अंतिम दिन खुद बताया, रायफल-पिस्टल और भी बहुत कुछ.... Bihar Cabinet: साल के अंतिम दिन CM नीतीश ने घोषित की अपनी संपत्ति, नकद और बैंक में कितना रू है,जानें.... Bihar Police: मोतिहारी नगर निगम का वार्ड पार्षद पति फरार..SP ने 10 हजार रू का इनाम घोषित किया

37 हज़ार से ज्यादा माध्यमिक शिक्षकों की बहाली का रास्ता साफ, पटना हाईकोर्ट में एसटीईटी 2019 को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

37 हज़ार से ज्यादा माध्यमिक शिक्षकों की बहाली का रास्ता साफ, पटना हाईकोर्ट में एसटीईटी 2019 को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

05-Mar-2021 06:46 AM

PATNA : बिहार में शिक्षक बहाली को लेकर राज्य सरकार को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। राज्य में माध्यमिक शिक्षकों की बहाली का रास्ता साफ हो गया है। साल 2019 में ली गई एसटीईटी परीक्षा को चुनौती देते हुए रिएग्जाम के लिए हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका खारिज कर दी गई है। इसके साथ ही एसटीईटी के रिजल्ट पर लगाई हुई हाईकोर्ट की रोक भी हुई स्वतः खत्म हो गई है। पिछले साल सितम्बर  माह में हुई एसटीईटी (2019) की पुनर्परीक्षा  को कानूनी चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं को पटना हाईकोर्ट ने खारिज़ कर दिया। 


गुरुवार को न्यायमूर्ति एहसानुद्दीन  एमानुल्लाह की एकलपीठ ने आदित्य प्रकाश व अन्य की ओर से दायर रिट याचिका को खारिज़ करते हुए इस मामले में किसी भी कानूनी हस्तक्षेप करने से इनकार किया। गौरतलब है कि इसी मामले में बीते 26 नवम्बर को हाईकोर्ट की एकलपीठ ने एसटीईटी पुनर्परीक्षा के रिजल्ट पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दिया था। गुरुवार को इस रिट याचिका के खारिज़ होने के साथ ही पहले दी गई अदालती  रोक भी स्वतः खत्म हो गयी। अब सूबे के माध्यमिक शिक्षकों की बहाली का रास्ता साफ हो गया है। 


क्या है पूरा मामला ?


याचिकाकर्ता ने दो बिंदुओं पर एसटीईटी की पुनर्परीक्षा परीक्षा को चुनौती दिया था। पहला विरोध ऑनलाइन परीक्षा को लेकर था तो दूसरा परीक्षा के सिलेबस तय नही होना बताया गया था। विद्यालय परीक्षा बोर्ड की तरफ से उनके वरीय अधिवक्ता और बिहार के महाधिवक्ता ने ललित किशोर ने बहस किया। उनका साथ बोर्ड के वकील ज्ञान शंकर ने दिया। बोर्ड की तरफ से याचिका की पुरजोर विरोध करते हुए कहा गया कि हाई स्कूल  शिक्षकों को  इतनी कम्प्यूटर दक्षता ज़रूर होनी चाहिए कि वो ऑनलाइन परीक्षा दे सकें। कोरोना महामारी का समय मे ऑनलाइन परीक्षा का कोई विकल्प नही था।  सितम्बर 2020 में ऑनलाइन के जरिये  हुई पुनर्परीक्षा में कोई गड़बड़ी की शिकायत नही है। सिलेबस के मुद्दे पर बोर्ड की दलील थी कि परीक्षा विज्ञापन में ही यह साफ किया गया था कि प्रश्न उच्चतर माध्यमिक सिलेबस तक के पूछे जाएंगे। हाईकोर्ट ने बोर्ड के  दलीलों को मंज़ूर करते हुए रिट याचिका को  खारिज कर दिया।