मुजफ्फरपुर: फ्लिपकार्ट डिलीवरी बॉय हत्याकांड का मुख्य आरोपी संदीप झा हथियार के साथ गिरफ्तार, बड़ी वारदात की फिराक में था कुख्यात बिहार में अपराधियों का तांडव जारी, बेगूसराय में किसान की गोली मारकर हत्या मैं डॉक्टर हूं डाकू नहीं: हत्या करवाने का आरोप लगाने पर तेज प्रताप पर बरसे मुकेश रौशन, कहा..डोनाल्ड ट्रम्प से करेंगे शिकायत घूसखोर BDO की गिरफ्तारी के बाद शिकायतकर्ता प्रखंड प्रमुख ने खिंचवाई फोटो, बोलीं..मेरे ही चैंबर में घूस लेते पकड़े गये साहब 18 साल बाद भ्रष्ट JE को एक साल की मिली सजा, 2008 में 3 हजार रूपया रिश्वत लेते हुआ था गिरफ्तार लैंड फॉर जॉब केस में राऊज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे तेजस्वी यादव, तेज प्रताप ने जिसे जयचंद बताया वो भी थे साथ बेतिया: बारात गये युवक की पोखर में मिली लाश, इलाके में सनसनी सहरसा: पतरघट पुलिस पर ग्रामीणों ने किया जानलेवा हमला, थानाध्यक्ष सहित कई पुलिसकर्मी घायल Bihar News: रिश्वतखोर BDO को निगरानी ने किया अरेस्ट, प्रखंड प्रमुख से 50 हजार रू घूस लेते हुआ गिरफ्तार..... BIHAR: शराब माफिया से नजराना मांगने वाले 2 नकली उत्पाद अधिकारी गिरफ्तार, बिना नंबर की बाइक के साथ धंधेबाज भी अरेस्ट
15-Oct-2022 12:17 PM
By Vikramjeet
HAJIPUR: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव बिहार की बिगड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक करने के लाख दावे कर लें लेकिन सच्चाई है कि आज भी राज्य के सरकारी अस्पतालों में गरीबों के इलाज की समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। तेजस्वी लाख कोशिश कर लें लेकिन स्वास्थ महकमे को इसकी परवाह नहीं है। सरकार के दावों की पोल खोलने वाली तस्वीरें अक्सर सामने आती रहती हैं। ताजा मामला हाजीपुर से सामने आया है,जहां एक सरकारी अस्पताल में संवेदनहीनता और लापरवाही की सारी हदें पार हो गई। यहां एक लाचार पिता अपनी बच्ची की मौत के बाद एम्बुलेंस की मांग करता रह गया लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी।
दरसअल, वैशाली के राजापाकर थाना क्षेत्र के बहुआरा गांव निवासी अभिषेक सिंह की 8 साल की मासूम बच्ची को जहरीले सांप ने काट लिया था। बच्ची अपने घर में टीवी देख रही थी इसी दौरान सांप ने उसे डंस लिया। परिजन आनन-फानन में बच्ची को इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्ची को देखने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची के पिता अभिषेक सिंह ने अस्पताल प्रशासन ने बच्ची के शव को घर ले जाने के लिए एम्बुलेंस की मांग करते रह गए लेकिन उन्हें एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराया गया।
लाचार पिता मासूम बच्ची के शव को लेकर घंटों अस्पताल में चक्कर काटता रहा, लेकिन बीमार हो चुके सरकारी तंत्र उसे एक अदद एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं करा सका। मासूम बच्ची के शव को कंधे पर टांग पिता अस्पताल के एक कोने से दूसरे कोने तक एम्बुलेंस या गाडी के लिए मदद मांगता रहा, लेकिन स्वास्थ विभाग के कर्मचारियों ने बच्चे की मौत के बाद अपना पल्ला झाड़ लिया और बच्ची को प्राइवेट एम्बुलेंस से लेकर जाने की सलाह दे दी। खुद बीमार हो चुके बिहार के स्वास्थ महकमें को एक पिता की बेबसी नजर नहीं आई।
संवेदनहीनता की इन तस्वीरों को लेकर जब जिले के सिविल सर्जन से सवाल हुआ तो बड़े साहब पहले तो चौंके लेकिन फिर उसी लापरवाह सिस्टम को नजरअंदाज कहते हुए कह दिया कि हमें तो पता ही नहीं, हम तो अपने ऑफिस में बैठे ही रहते है.. किसी ने बताया नहीं। बता दें कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव पिछले दिनों पटना के एनएमसीएच अस्पताल पहुंचे थे और वहां व्याप्त कुव्यवस्था को लेकर NMCH के मेडिकल सुपरिटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया था। तेजस्वी के इस एक्शन पर IMA ने सवाल उठा दिया है और मामले को कोर्ट में ले जाने की चेतावनी दे दी है।