School Uniform : सरकारी स्कूलों में ड्रेस वितरण को लेकर लागू होंगे नए नियम, जीविका दीदियों को मिला बड़ा काम; पढ़िए क्या है नया नियम Bihar officers meeting : Bihar में आज से लागू हुआ नया सिस्टम, सप्ताह में दो दिन अफसरों से होगी फेस टू फेस बात; जानिए क्या है पूरी प्रक्रिया BJP National President : नितिन नवीन आज करेंगे BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल, सबसे युवा अध्यक्ष बनने का भी कायम होगा रिकॉर्ड Bihar urban development : बिहार में भवन नियमावली उल्लंघन पर नहीं होगी जेल, कड़े दंड से राहत की तैयारी bihar news : बिहार में अब घर बैठे-बैठे मंगाइए दूध,सरकार करवाएगी दुग्ध उत्पादों की होम; प्लान हुआ तैयार Patna NEET student : नीट छात्रा मामले में बड़ा खुलासा, शंभू गर्ल्स हॉस्टल संचालक के बेटा का नाम आया सामने; उठने लगी गिरफ्तारी की मांग Tamil Nadu government : बिहार में बने कप सिरप में मिला जहरीला रसायन, ‘आलमंड किट’ खांसी सिरप के बिक्री और निर्माण पर रोक Shambhu Girls Hostel case : मोबाइल लोकेशन से खुल रहे राज, लड़की और हॉस्टल के मालिक का मोबाइल लोकेशन सेम; SIT ने अस्पतालों के कागजात किए जब्त Bihar librarian job : बिहार के स्कूलों में पुस्तकालयाध्यक्ष बहाली पर फिलहाल ब्रेक, हजारों अभ्यर्थियों को झटका Bihar District Officer List : बिहार सरकार ने सभी जिलों के लिए प्रभारी सचिवों की नियुक्ति, सीके अनिल को गयाजी और डॉ. बी राजेंदर पटना; देखें पूरी लिस्ट
28-Jul-2022 01:56 PM
PATNA: बाल विवाह और दहेज प्रथा के गंभीर मुद्दों पर सकारात्मक माहौल तैयार करने की दिशा में बिहार सरकार काम कर रही है। सरकार ने राज्यव्यापी समाज सुधार अभियान प्रारंभ किया है। ग्राम पंचायत एवं पंचायत समिति को महिला एवं बाल कार्यक्रमों में सहभागिता करने का दायित्व सौंपा गया है। वही ग्राम पंचायत के प्रधान को बाल विवाह की सूचना प्राप्त कर अग्रसारित करने वाले माध्यम के रूप में चिन्हित किया गया है।
बिहार के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बाल विवाह और दहेज प्रथा गंभीर सामाजिक बुराई है। जिसे दूर किये बिना सशक्त समाज की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। बाल विवाह मानवीय अधिकारों का उल्लंघन है। प्रत्येक बच्चे को एक पूर्ण और परिपक्व व्यक्ति के रूप में विकसित होने का अधिकार होता है, जो बाल विवाह की वजह से क्षत-विक्षत हो जाता है।
मंत्री सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि कम उम्र में विवाह से संविधान द्वारा प्रदत्त शिक्षा के मौलिक अधिकार का भी हनन होता है। शादी की वजह से बहुत सारे बच्चे अनपढ़ और अकुशल रह जाते हैं। जिससे उनके सामने अच्छे रोजगार पाने और बड़े होने पर आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने की ज्यादा संभावना नहीं बचती है। इसलिए बाल विवाह को रोकने, दहेज प्रथा उन्मूलन को लेकर पंचायतों एवं उनके प्रतिनिधियों को सरकार ने आवश्यक निर्देश दिये हैं।
(i) बाल विवाह से संबंधित मामला संज्ञान में आने पर मुखिया द्वारा इसकी त्वरित सूचना प्रखंड विकास पदाधिकारी (सहायक बाल विवाह निषेध पदाधिकारी) तथा अनुमंडल पदाधिकारी (बाल विवाह निषेध पदाधिकारी) को देते हुए बाल विवाह को रूकवाने का काम करेंगे।
(ii) दहेज लेन-देन से संबंधित मामला संज्ञान में आने पर जिला कल्याण पदाधिकारी (दहेज प्रतिषेध पदाधिकारी) को सूचित करते हुए कार्रवाई से अवगत करायेंगे।
(iii) बिहार विवाह पंजीकरण नियमावली, 2006 में मुखिया को विवाह पंजीकरण का दायित्व दिया गया है। विवाह पंजीकरण के लिए विवाहों का वैध होना अनिवार्य है। पंचायत क्षेत्र अंतर्गत हर वैध विवाह का पंजीकरण करना मुखिया एवं पंचायत सचिव के लिए अनिवार्य होगा। विवाहों को पंजीकृत करने से बाल विवाह के मामलों में अंकुश लगाया जा सकता है।
(iv) प्रत्येक ग्राम सभा एवं वार्ड सभा की बैठक में एजेंडे में बाल विवाह प्रतिषेध एवं दहेज उन्मूलन का बिन्दु अवश्य सम्मिलित किया जायेगा तथा बैठकों में बाल विवाह एवं दहेज से होने वाली हानियों और दुष्प्रभावों की चर्चा की जाएगी ताकि आमजन इन विषय पर संवेदनशील बने रह सकें। पंचायत समिति एवं जिला परिषद की सामान्य बैठकों में भी इन विषयों पर चर्चा की जायेगी एवं अभियान को सफल बनाने हेतु रणनीति बनायी जायेगी। ग्राम पंचायत/पंचायत समिति/जिला परिषद की सामाजिक न्याय समिति भी बाल विवाह प्रतिषेध एवं दहेज उन्मूलन के बिन्दु पर अपनी बैठकों में चर्चा करेगी और अभियान को सफल बनाने हेतु ग्राम पंचायत को अपनी अनुशंसाएं देगी।
(v) बाल विवाह होने की संभावना की सूचना प्राप्त होते ही वार्ड सदस्य/मुखिया संबंधित परिवार के घर पहुंचकर अभिभावकों को समझायेंगे और ऐसा न करने की सलाह देंगे। नहीं मानने पर स्थानीय थाना एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी (प्रखंड विकास पदाधिकारी/अनुमंडल पदाधिकारी) को तुरंत सूचना देंगे और विवाह रूकवाने में उनका सहयोग करेंगे।
(vi) ऐसे अवसर या कार्याधिकार क्षेत्र को कोई स्थान विशेष जहां बाल विवाह अधिष्ठापन की कोई परंपरा अथवा सूचना हो, तो मुखिया जिला पदाधिकारी/बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के सहयोग से निषेधाज्ञा लगवाने व अनुष्ठापन रोकने में सहयोग देंगे।
(vii) ग्राम पंचायत के किसी वार्ड में बाल विवाह का मामला प्रकाश में आने की स्थिति में संबंधित वार्ड सदस्य एवं मुखिया जिम्मेवार माने जायेंगे एवं अपने कत्र्तवयों का सम्यक निर्वहन नहीं करने के आरोप में मुखिया को पद से हटाने की कार्रवाई भी सरकार द्वारा की जा सकती है। सामाजिक मुद्दों पर मुखिया एवं अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के स्तर पर की गई कार्रवाई/पहल को उनके समग्र कार्य मूल्यांकन में शामिल किया जायेगा एवं राज्य/जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर ऐसे प्रतिनिधियों को सम्मानित किया जायेगा।