ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Crime News: हत्या के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच आरोपी अरेस्ट Bihar Crime News: हत्या के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच आरोपी अरेस्ट Bihar News: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होगी बिहार की यह पहली सरकारी कंपनी, IPO लाने की प्रक्रिया शुरू; कोई भी लगा सकता है पैसा Bihar News: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होगी बिहार की यह पहली सरकारी कंपनी, IPO लाने की प्रक्रिया शुरू; कोई भी लगा सकता है पैसा RTI के तहत प्राइवेट स्कूलों में क्लास 1 में नामांकन की तिथि बढ़ी, अब इतने तारीख तक करें आवेदन 22 साल बाद भारतीय सेना से रिटायर हुए नरेश प्रसाद, नक्सल प्रभावित गांव में हुआ भव्य स्वागत Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में नीतीश-तेजस्वी का मजेदार संवाद, सीएम ने कहा- “बैठो न यार”, हल्की-फुल्की नोक-झोंक बनी चर्चा Budget Session : विधानसभा में विजय सिन्हा और भाई वीरेंद्र के बीच भिडंत, स्पीकर ने संभाली स्थिति Bihar Budget Session : बिहार विधानसभा में गरमाई सियासत: तेजस्वी यादव ने सरकार पर लगाए आरोप, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा - तुमलोग कुछ काम किए हो जी Budget Session : सेंट्रल हॉल में क्या हुआ था CM नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच बातचीत, सदन में नेता विपक्ष ने बताई पूरी कहानी

गांव के लोगों को रमेश के चले जाने का यकीन नहीं हो रहा, आतंकियों को मार गिराने के एक दिन पहले शहीद ने की थी पिता से बात

गांव के लोगों को रमेश के चले जाने का यकीन नहीं हो रहा, आतंकियों को मार गिराने के एक दिन पहले शहीद ने की थी पिता से बात

06-Feb-2020 09:25 AM

ARA : जम्मू कश्मीर में तीन आतंकियों को मार गिराने के बाद शहीद हुए सीआरपीएफ के रमेश रंजन के गांव के लोगों को अब भी उनके चले जाने का यकीन नहीं हो रहा है। भोजपुर जिले के जगदीशपुर के इसाढ़ी देव टोला में हर तरफ सन्नाटा पसरा है। परिवार के साथ साथ गांव के भी लोग भी गमगीन है लेकिन किसी को अब तक इस बात का यकीन नहीं हो रहा है कि सबका चहेता रमेश अब इस दुनिया में नहीं है। जम्मू कश्मीर के लवेपोरा इलाके में आतंकियों और सीआरपीएफ के बीच मुठभेड़ के दौरान रमेश रंजन वीरगति को प्राप्त हुए थे। हालांकि उन्होंने शहीद होने से पहले तीन आतंकियों को मार गिराया था। 


जम्मू कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ के पहले रमेश रंजन की बातचीत उनके पिता से हुई थी। तब पिता राधा मोहन सिंह को इस बात की भनक नहीं थी कि थोड़ी देर में उनका बेटा शहीद हो जाएगा। रमेश रंजन लगभग 1 महीने पहले छुट्टियों में अपने घर आए थे। 30 साल के शहीद रमेश रंजन का चला जाना उनके परिवार के लिए बड़ी त्रासदी है बावजूद रमेश के पिता ने अपने बेटे के शहीद होने पर गर्व जताया है। रमेश रंजन अपने गांव के लोगों के चहेते थे। एक मिलनसार युवा जो देश की किस सेवा का जज्बा लिए सीआरपीएफ में बहाल हुआ था।


शहीद रमेश रंजन केक कमांडर ने घरवालों को फोन करके उनकी वीरता। की कहानी बताएं। कमांडर नहीं बताया था कि रमेश रंजन को भी। मुठभेड़ के दौरान गोली लगी है। लेकिन उसके थोड़े ही देर बाद उनके शहीद हो जाने की खबर आई। शहीद रमेश रंजन ने। 9 साल पहले सीआरपीएफ को अपनी सेवाएं देनी शुरू की थी। उनकी पहली पोस्टिंग, संबलपुर उड़ीसा में हुई और उसके बाद जम्मू-कश्मीर में वह अक्सर अपने परिवार वालों से कहा करते थे कि घाटी में आतंकियों पर हम भारी पड़ रहे हैं.. हमें बहुत मुस्तैद रहना है.. देश के लिए हमेशा मुस्तैद.