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14-Nov-2023 04:02 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार समेत पूरे देश में कुत्ते के काटने की घटनायें लगातार बढ़ती जा रही है. सड़क पर घूमने वाले आवारा कुत्तों से लेकर पालतू कुत्ते लोगों पर हमला कर दे रहे हैं. कुत्ते के काटने की घटनायें इतनी बढ़ गयी हैं कि लोग अब कोर्ट पहुंचने लगे हैं. ऐसे में कोर्ट ने कुत्ते के काटने पर पीड़ित को मुआवजा देने का फैसला सुनाया है.
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कुत्ते के काटने के मामलों (डॉग बाइट) पर सख्ती दिखाते हुए राज्य सरकारों को मुआवजा देने के आदेश दिये हैं। हाईकोर्ट के कुत्ते के काटने के 193 मामले लंबित थे. इन तमाम मामलों का निपटारा करते हुए जस्टिस विनोद एस भारद्वाज की बेंच ने राज्य सरकार को मुआवजा देने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने टिप्पणी की है कि डॉग बाइट के मामले इतने बढ़ गए हैं कि लोगों को इसके लिए कोर्ट पहुंचना पड़ रहा है. जाहिर है राज्य सरकारों इसे रोक नहीं पा रही है लिहाजा मुआवजे देने के लिए राज्य सरकार ही जिम्मेदार होगी।
मुआवजा तय करने के लिए कमेटी बनाओ
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा और पंजाब की सरकारों के साथ साथ केंद्र शासित चंडीगढ़ के प्रशासन को सभी जिलों में कमेटी बनाने को कहा है. उन्हें निर्देश दिया गया है कि डॉग बाइट के मामलों में मुआवजा तय करने के लिए समितियां बनायी जायें. इन समितियां के अध्यक्ष उस जिले के डीएम या डिप्टी कमिश्नर होंगे. अगर किसी व्यक्ति को कुत्ता काटता है तो वह समिति को मुआवजे के लिए आवेदन देगा. आवेदन मिलने के बाद जांच कर चार महीनों के अंदर-अंदर मुआवजा देना होगा.
जितना ज्यादा घाव, उतना ज्यादा मुआवजा
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि कुत्ते के काटने पर पीड़ित को कम से कम 10 हजार रूपये की सहायता दी जायेगी. लेकिन मुआवजे की रकम कितनी होगी वह पीड़ित शख्स के शरीर पर कुत्ते की ओर से काटे गए प्रति दांत के हिसाब से तय की जाएगी. कुत्ता अगर किसी व्यक्ति का मांस नोंच लेता है तो प्रति 0.2 सेंटीमीटर घाव के हिसाब से कम से कम 20 हजार रुपए का मुआवजा दिया जायेगा. अगर घाव बड़ा है तो मुआवजे की राशि बढ़ायी जायेगी.
पुलिस रिपोर्ट दर्ज करेगी
हाईकोर्ट ने कुत्ता काटने की घटना पर पुलिस को भी मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आवारा, जंगली जानवरों के वाहन के सामने आने से होने वाले हादसों की शिकायत मिलने पर भी संबंधित थाने के एसएचओ को बिना देरी किए डायरी रिपोर्ट दर्ज करनी होगी. इसके बाद पुलिस अधिकारी पीड़ित द्वारा दी गयी जानकारी की जांच करेगा और गवाहों के बयान भी दर्ज करेगा. घटनास्थल की रिपोर्ट तैयार कर पीड़ित व्यक्ति को एक कॉपी सौंपी जाएगी. हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के डीजीपी को कहा है कि वे इन दिशा-निर्देशों के संबंध में अधिकारियों को तत्काल उचित निर्देश जारी करें.
सरकार जिम्मेवारी ले
पंजाब-हरियाणा की बेंच ने कहा कि आवारा और पालतू पशुओं की वजह से दुर्घटनाओं और डॉग बाइट के केस इतने बढ़ रहे हैं कि लोगों को कोर्ट पहुंचना पड़ रहा है. राज्य सरकारें ऐसी घटनाओं को रोकने में विफल हुई हैं, लिहाजा पीड़ितों को मुआवजा देने की जिम्मेवारी राज्य सरकारों की ही होगी. राज्य सरकार को डिफॉल्ट एजेंसियों या निजी व्यक्ति से इसकी वसूली करने का अधिकार भी रहेगा. कोर्ट ने कहा कि जानवारों के कारण मौतों की बढ़ती संख्या और सड़कों पर घूमने वाले आवारा जानवरों की बढ़ती संख्या बहुत चिंताजनक है.