ब्रेकिंग न्यूज़

मुजफ्फरपुर रेल पुलिस की बड़ी कामयाबी: छपरा कचहरी कांड के अभियुक्त को 5 साल की सजा घरेलू गैस सिलेंडर का व्यवसायिक इस्तेमाल: सारण में 3 होटलों के खिलाफ FIR दर्ज मौका देखकर बदलने वाले को क्या कहते हैं? पंडित..मच गया बवाल बिहार में LPG संकट का असर: स्कूल, हॉस्टल और आंगनबाड़ी में बंद पड़े गैस चूल्हे, लकड़ी पर बन रहा खाना Bihar Crime News: लूटकांड में शामिल चार अपराधी गिरफ्तार, बैंककर्मी को गोली मारने का आरोपी भी शामिल Bihar Crime News: लूटकांड में शामिल चार अपराधी गिरफ्तार, बैंककर्मी को गोली मारने का आरोपी भी शामिल ‘अगली बार गोली सीधे माथे में मारेंगे’, सिंगर बादशाह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान से मारने की धमकी ‘अगली बार गोली सीधे माथे में मारेंगे’, सिंगर बादशाह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी जान से मारने की धमकी ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, सांप से बचने के लिए पटरी की तरफ भागे, तभी आ गई गाड़ी ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत, सांप से बचने के लिए पटरी की तरफ भागे, तभी आ गई गाड़ी

9 साल बाद डबल मर्डर केस में आया बड़ा फैसला, 35 आरोपियों को उम्रकैद की सजा

04-Jun-2023 02:53 PM

By Tahsin Ali

PURNEA: पूर्णिया में डबल मर्डर मामले में 9 साल बाद फैसला आया है। कोर्ट ने 35 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 13-13 हजार रुपये आर्थिक दंड भी लगाया है। बता दें कि भूमि विवाद को लेकर जमीरुद्दीन और मसदर आलम की हत्या कर दी गयी थी।दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजे थे जिनकी हत्या पीट-पीटकर कर दी गयी थी। पूर्णिया कोर्ट के  पंचम अपर जिला व सत्र न्यायाधीश जस्टिस राजीव रंजन सहाय ने दोनों पक्षों की दलीलो को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है।


दरअसल भूमि विवाद को लेकर 9 साल पहले चाचा और भतीजे की हत्या कर दी गयी थी। दोनों मृतक केनगर थानाक्षेत्र के बेगमबाड़ी निवासी जमीरुद्दीन और उनके भतीजे मसदर आलम की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद मृतक जमीरउद्दीन के बेटे मो. जकीर ने 30 जनवरी 2013 को थाने में केस दर्ज करायी थी। जिसमें 40 लोगों को नामजद बनाया था। जिसमें कुछ आरोपियों की मौत हो चुकी है। कोर्ट मे 35 आरोपियों पर ट्रायल चला। 


मृतक के बेटे जकीर का आरोप था कि उनके पिता जमीरुद्दीन जब घर में थे तब सभी नामजद आरोपी लाठी और डंडा और धारदार हथियार से लैस होकर पहुंचे थे और गाली-गलौज करते हुए उनकी पिटाई करनी शुरू कर दी। इस दौरान उनके पिता जमीरुद्दीन को बचाने के लिए उनक भतीजा मसदर आलम दौड़ा तो उसे भी बुरी तरह पीट-पीटकर घायल कर दिया। 


घायलावस्था में दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। जमीन हड़पने के लिए लोगों ने पिटाई की जिसमें चाचा-भतीजे की मौत हो गयी। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने अनुसंधान शुरू की। पुलिस ने 45 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया। बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमे का ट्रायल शुरू हुआ। इस ट्रायल में कुल 35 लोग शामिल हुए।


कोर्ट ने धारा 120 बी, 341, 342, 307, 326, 302,147, 148, 149, 323, 427, के तहत आरोपियों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी। साथ में अर्थदंड भी लगाया। जिन्हें उम्रकैद की सजा दी गयी वो सभी  नगर थानाक्षेत्र के बेगमपुर गांव के रहने वाले हैं। जिनकी पहचान जहांगीर, सफरुद्दीन, हसन, बकर, सुल्तान, अफसर, अब्दुल समद, रज्जाक उर्फ सज्जाद अली, हकीम उर्फ अब्दुल हकीम, युसूफ, जिआउल हक, इब्राहिम, शाहजहां, हुसैन, अंसार, अब्दूल रज्जाक, रहीम, आजाद, काजीम, इस्लाम, सिराज, सैबुल रहमान, जलाल उर्फ कालू एवं अबुल कासीम, शमशुल, मैनुल, ताहिर, एनामुल, नजीर, जहीर, सुकरुद्दीन, मुस्ताक अहमद, मुसा, उमर फारुक, तैफुल रहमान,  के रूप में हुई हैं। डबल मर्डर मामले में इन 35 आरोपियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।