ब्रेकिंग न्यूज़

क्या है UGC का नया नियम? जिसको लेकर पूरे देश में मचा बवाल, विरोध में मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा; सुप्रीम कोर्ट में चुनौती क्या है UGC का नया नियम? जिसको लेकर पूरे देश में मचा बवाल, विरोध में मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा; सुप्रीम कोर्ट में चुनौती सिक्सर के छह गोली छाती में रे.., कट्टा, कानून और कफन, सुलगते कटिहार की खौफनाक दास्तान गोपालगंज में नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश, पीड़िता की सूझबूझ से टली बड़ी घटना मुजफ्फरपुर में देशभक्ति का महासैलाब: 1100 फीट लंबे तिरंगे के साथ निकली भव्य तिरंगा यात्रा Aadhaar Vision 2032: फिंगरप्रिंट की जगह फेस ऑथेंटिकेशन, आधार सिस्टम में अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव; जानिए.. Aadhaar Vision 2032: फिंगरप्रिंट की जगह फेस ऑथेंटिकेशन, आधार सिस्टम में अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव; जानिए.. Bihar Top 10 News: गणतंत्र दिवस के मौके पर सरकारी स्कूल में लगा जिन्ना जिंदाबाद का नारा, NEET छात्रा कांड में पीड़ित परिवार ने लगाया गंभीर आरोप ‘तेजस्वी यादव के युवा सोच से सफलता के शिखर पर पहुंचेगी RJD’, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर बोले मुकेश सहनी ‘तेजस्वी यादव के युवा सोच से सफलता के शिखर पर पहुंचेगी RJD’, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर बोले मुकेश सहनी

9 साल बाद डबल मर्डर केस में आया बड़ा फैसला, 35 आरोपियों को उम्रकैद की सजा

9 साल बाद डबल मर्डर केस में आया बड़ा फैसला, 35 आरोपियों को उम्रकैद की सजा

04-Jun-2023 02:53 PM

By Tahsin Ali

PURNEA: पूर्णिया में डबल मर्डर मामले में 9 साल बाद फैसला आया है। कोर्ट ने 35 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 13-13 हजार रुपये आर्थिक दंड भी लगाया है। बता दें कि भूमि विवाद को लेकर जमीरुद्दीन और मसदर आलम की हत्या कर दी गयी थी।दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजे थे जिनकी हत्या पीट-पीटकर कर दी गयी थी। पूर्णिया कोर्ट के  पंचम अपर जिला व सत्र न्यायाधीश जस्टिस राजीव रंजन सहाय ने दोनों पक्षों की दलीलो को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है।


दरअसल भूमि विवाद को लेकर 9 साल पहले चाचा और भतीजे की हत्या कर दी गयी थी। दोनों मृतक केनगर थानाक्षेत्र के बेगमबाड़ी निवासी जमीरुद्दीन और उनके भतीजे मसदर आलम की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद मृतक जमीरउद्दीन के बेटे मो. जकीर ने 30 जनवरी 2013 को थाने में केस दर्ज करायी थी। जिसमें 40 लोगों को नामजद बनाया था। जिसमें कुछ आरोपियों की मौत हो चुकी है। कोर्ट मे 35 आरोपियों पर ट्रायल चला। 


मृतक के बेटे जकीर का आरोप था कि उनके पिता जमीरुद्दीन जब घर में थे तब सभी नामजद आरोपी लाठी और डंडा और धारदार हथियार से लैस होकर पहुंचे थे और गाली-गलौज करते हुए उनकी पिटाई करनी शुरू कर दी। इस दौरान उनके पिता जमीरुद्दीन को बचाने के लिए उनक भतीजा मसदर आलम दौड़ा तो उसे भी बुरी तरह पीट-पीटकर घायल कर दिया। 


घायलावस्था में दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। जमीन हड़पने के लिए लोगों ने पिटाई की जिसमें चाचा-भतीजे की मौत हो गयी। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने अनुसंधान शुरू की। पुलिस ने 45 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया। बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमे का ट्रायल शुरू हुआ। इस ट्रायल में कुल 35 लोग शामिल हुए।


कोर्ट ने धारा 120 बी, 341, 342, 307, 326, 302,147, 148, 149, 323, 427, के तहत आरोपियों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी। साथ में अर्थदंड भी लगाया। जिन्हें उम्रकैद की सजा दी गयी वो सभी  नगर थानाक्षेत्र के बेगमपुर गांव के रहने वाले हैं। जिनकी पहचान जहांगीर, सफरुद्दीन, हसन, बकर, सुल्तान, अफसर, अब्दुल समद, रज्जाक उर्फ सज्जाद अली, हकीम उर्फ अब्दुल हकीम, युसूफ, जिआउल हक, इब्राहिम, शाहजहां, हुसैन, अंसार, अब्दूल रज्जाक, रहीम, आजाद, काजीम, इस्लाम, सिराज, सैबुल रहमान, जलाल उर्फ कालू एवं अबुल कासीम, शमशुल, मैनुल, ताहिर, एनामुल, नजीर, जहीर, सुकरुद्दीन, मुस्ताक अहमद, मुसा, उमर फारुक, तैफुल रहमान,  के रूप में हुई हैं। डबल मर्डर मामले में इन 35 आरोपियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। 

PURNEA: पूर्णिया में डबल मर्डर मामले में 9 साल बाद फैसला आया है। कोर्ट ने 35 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 13-13 हजार रुपये आर्थिक दंड भी लगाया है। बता दें कि भूमि विवाद को लेकर जमीरुद्दीन और मसदर आलम की हत्या कर दी गयी थी।दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजे थे जिनकी हत्या पीट-पीटकर कर दी गयी थी। पूर्णिया कोर्ट के  पंचम अपर जिला व सत्र न्यायाधीश जस्टिस राजीव रंजन सहाय ने दोनों पक्षों की दलीलो को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है।


दरअसल भूमि विवाद को लेकर 9 साल पहले चाचा और भतीजे की हत्या कर दी गयी थी। दोनों मृतक केनगर थानाक्षेत्र के बेगमबाड़ी निवासी जमीरुद्दीन और उनके भतीजे मसदर आलम की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद मृतक जमीरउद्दीन के बेटे मो. जकीर ने 30 जनवरी 2013 को थाने में केस दर्ज करायी थी। जिसमें 40 लोगों को नामजद बनाया था। जिसमें कुछ आरोपियों की मौत हो चुकी है। कोर्ट मे 35 आरोपियों पर ट्रायल चला। 


मृतक के बेटे जकीर का आरोप था कि उनके पिता जमीरुद्दीन जब घर में थे तब सभी नामजद आरोपी लाठी और डंडा और धारदार हथियार से लैस होकर पहुंचे थे और गाली-गलौज करते हुए उनकी पिटाई करनी शुरू कर दी। इस दौरान उनके पिता जमीरुद्दीन को बचाने के लिए उनक भतीजा मसदर आलम दौड़ा तो उसे भी बुरी तरह पीट-पीटकर घायल कर दिया। 


घायलावस्था में दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। जमीन हड़पने के लिए लोगों ने पिटाई की जिसमें चाचा-भतीजे की मौत हो गयी। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने अनुसंधान शुरू की। पुलिस ने 45 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया। बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमे का ट्रायल शुरू हुआ। इस ट्रायल में कुल 35 लोग शामिल हुए।


कोर्ट ने धारा 120 बी, 341, 342, 307, 326, 302,147, 148, 149, 323, 427, के तहत आरोपियों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी। साथ में अर्थदंड भी लगाया। जिन्हें उम्रकैद की सजा दी गयी वो सभी  नगर थानाक्षेत्र के बेगमपुर गांव के रहने वाले हैं। जिनकी पहचान जहांगीर, सफरुद्दीन, हसन, बकर, सुल्तान, अफसर, अब्दुल समद, रज्जाक उर्फ सज्जाद अली, हकीम उर्फ अब्दुल हकीम, युसूफ, जिआउल हक, इब्राहिम, शाहजहां, हुसैन, अंसार, अब्दूल रज्जाक, रहीम, आजाद, काजीम, इस्लाम, सिराज, सैबुल रहमान, जलाल उर्फ कालू एवं अबुल कासीम, शमशुल, मैनुल, ताहिर, एनामुल, नजीर, जहीर, सुकरुद्दीन, मुस्ताक अहमद, मुसा, उमर फारुक, तैफुल रहमान,  के रूप में हुई हैं। डबल मर्डर मामले में इन 35 आरोपियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।