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10-Jun-2023 10:08 PM
By Tahsin Ali
PURNEA: पूर्णिया में नकली सीमेंट बनाने के कारखाने का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने कालाबाजारी करने वाले इस नकली फैक्ट्री के दो गोदामों को सील भी किया है। मामला पूर्णिया के डगरवा का है। जहां एक्सपायरी और जमा हुए सीमेंट को दोबारा मशीन में पीस कर, चलनी से चाल कर फिर अलग-अलग ब्रांड के बोरे में डालकर उसे मार्केट में भेजा जा रहा था। पुलिस ने इन 2 गोदामों को सील कर दिया और जांच के लिए कंपनी को बुलाया गया।
बरसों से इस तरह का खराब सीमेंट तैयार करने का कार्य डगरूआ के अलग-अलग क्षेत्र में धड़ल्ले से किया जा रहा था । डगरूआ पुलिस ने बताया इस काम को रईस नामक व्यक्ति तथा उसके कई सहयोगी द्वारा मिलकर अंजाम दिया जा रहा था । इस पूरे मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि ये कारखाना डगरूआ थाना से महज कुछ ही किलोमीटर पर चल रहा था। लेकिन डगरूआ पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
इसकी सूचना वरीय पुलिस पदाधिकारी को स्थानीय लोगों के द्वारा दिया गया तब डगरूआ थाना की पुलिस पदाधिकारी हरकत में आई और आनन-फानन में गोदाम को सील करने पहुंच गई । स्थानीय पुलिस गोदाम को सील तो कर दिया लेकिन उस गोदाम में पुलिस को कुछ खास हाथ नहीं लगा ।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है की आखिर माफियाओं को इसकी भनक कैसे लगी, की गोदाम पर छापा पड़ने वाला है जिससे माफियाओं ने रातों-रात वहां से मशीन से लेकर अलग-अलग कंपनी का खाली बोड़ा तथा जमा हुआ सीमेंट से लेकर अपने लेबर मजदूर तक को भी हटा लिया । पुलिस दूसरे दिन सुबह पहुंचकर गोदाम को सील करती है ।
इस गोदाम को सील करने के लिए अंचल अधिकारी के साथ पुलिस को सुबह पहुंचना था । लेकिन रातों रात इन गोदामों से सारा सामान ग़ायब हो गया । आखिर इसकी माफियाओं को कैसे मिली । सवाल पुलिसिया तंत्र पर भी उठ रहे हैं । क्या पुलिस की भी कोई सूचना लीक होती है ।
इन सवालों से अलग सबसे गंभीर विषय तो यह है कि इस इलाके के आसपास लगातार संवेदक के ऊपर भ्रष्टाचार में लिप्त होकर दो नंबर के काम, पुल में खराब सामग्री और सड़कों में घटिया चीजों का इस्तेमाल किया जाता रहा है । जिसे लेकर कई बार सवाल भी उठे । इस इलाके के आसपास लगातार पुल ध्वस्त होने की खबरें सुर्खियां बनी रहती है । स्थानीय लोगों ने कई बार इन कारखानों से निकलने वाले अवैध सीमेंट को जब्त करने और आसपास के इलाकों के संवेदकों से इस गोदाम से माल न खरीदने की अपील की जाती रही है ।
PURNEA: पूर्णिया में नकली सीमेंट बनाने के कारखाने का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने कालाबाजारी करने वाले इस नकली फैक्ट्री के दो गोदामों को सील भी किया है। मामला पूर्णिया के डगरवा का है। जहां एक्सपायरी और जमा हुए सीमेंट को दोबारा मशीन में पीस कर, चलनी से चाल कर फिर अलग-अलग ब्रांड के बोरे में डालकर उसे मार्केट में भेजा जा रहा था। पुलिस ने इन 2 गोदामों को सील कर दिया और जांच के लिए कंपनी को बुलाया गया।
बरसों से इस तरह का खराब सीमेंट तैयार करने का कार्य डगरूआ के अलग-अलग क्षेत्र में धड़ल्ले से किया जा रहा था । डगरूआ पुलिस ने बताया इस काम को रईस नामक व्यक्ति तथा उसके कई सहयोगी द्वारा मिलकर अंजाम दिया जा रहा था । इस पूरे मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि ये कारखाना डगरूआ थाना से महज कुछ ही किलोमीटर पर चल रहा था। लेकिन डगरूआ पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
इसकी सूचना वरीय पुलिस पदाधिकारी को स्थानीय लोगों के द्वारा दिया गया तब डगरूआ थाना की पुलिस पदाधिकारी हरकत में आई और आनन-फानन में गोदाम को सील करने पहुंच गई । स्थानीय पुलिस गोदाम को सील तो कर दिया लेकिन उस गोदाम में पुलिस को कुछ खास हाथ नहीं लगा ।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है की आखिर माफियाओं को इसकी भनक कैसे लगी, की गोदाम पर छापा पड़ने वाला है जिससे माफियाओं ने रातों-रात वहां से मशीन से लेकर अलग-अलग कंपनी का खाली बोड़ा तथा जमा हुआ सीमेंट से लेकर अपने लेबर मजदूर तक को भी हटा लिया । पुलिस दूसरे दिन सुबह पहुंचकर गोदाम को सील करती है ।
इस गोदाम को सील करने के लिए अंचल अधिकारी के साथ पुलिस को सुबह पहुंचना था । लेकिन रातों रात इन गोदामों से सारा सामान ग़ायब हो गया । आखिर इसकी माफियाओं को कैसे मिली । सवाल पुलिसिया तंत्र पर भी उठ रहे हैं । क्या पुलिस की भी कोई सूचना लीक होती है ।
इन सवालों से अलग सबसे गंभीर विषय तो यह है कि इस इलाके के आसपास लगातार संवेदक के ऊपर भ्रष्टाचार में लिप्त होकर दो नंबर के काम, पुल में खराब सामग्री और सड़कों में घटिया चीजों का इस्तेमाल किया जाता रहा है । जिसे लेकर कई बार सवाल भी उठे । इस इलाके के आसपास लगातार पुल ध्वस्त होने की खबरें सुर्खियां बनी रहती है । स्थानीय लोगों ने कई बार इन कारखानों से निकलने वाले अवैध सीमेंट को जब्त करने और आसपास के इलाकों के संवेदकों से इस गोदाम से माल न खरीदने की अपील की जाती रही है ।